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सूर्या कतल केस: खोड़ा में 2 अवैध मदरसा सील, एफआईआर दर्ज, तीसर मदरसा पइ भी कार्रवाई

सत्रह बरिस के लइका के कतल अउर मुख्य आरोपी असद के मुठभेड़ में मारे जाए के कछु दिन बाद, खोड़ा कॉलोनी में पुलिस अउर प्रशासनिक अधिकारी दुई मदरसा सील कइ दिहिन। सोमवार के प्रशासन 19 बरिस के असद के घर के अवैध घोषित कइ दिहा रहा। असद पइ आपन एक दोस्त, नाबालिग लइका के चाकू मार के कतल करै के आरोप रहा, जवने से ओकर झगड़ा भवा रहा। खोड़ा, लोनी अउर जिला के अउर हिस्सा में चलाए जावत तीन दिनी सत्यापन अभियान के तहत ई सीलबंदी कीन गै।

पुलिस बताइस कि ई अभियान में अपराधीन से जुड़ा संपत्ति, सरकारी जमीन अउर अवैध निर्माण शामिल होइहीं। मंगलवार के खोड़ा में कउनो किसिम के हिंसा रोके खातिर स्थानीय पुलिस, पीएसी अउर पीएएफ के जवान भारी संख्या में तैनात रहे। डीसीपी धवल जायसवाल बताइन कि गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट, खास कइके खोड़ा थाना क्षेत्र में, अवैध संपत्ति के जांच चलत है।

काल दुई अनाधिकृत मदरसा सील कीन गय रहे। ई पहल के आगे बढ़ावत आज इन दुनौ मदरसा के खिलाफ तीन आरोपी के नाम पइ एफआईआर दर्ज भइ है। ई मदरसा अल्पसंख्यक मामला विभाग के अनुमति बिना चलत रहे। इनकर खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के संबंधित धारा के तहत केस दर्ज भवा है।

पुलिस आयुक्त जे रविंदर गौड़, जिला मजिस्ट्रेट अउर अउर वरिष्ठ अधिकारी खोड़ा में मौजूद रहे जब प्रशासन लोकप्रिय विहार स्थित रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम अउर सुल्तान अलारफीन मदरसा के सील कइ दिहा। अधिकारी बताइन कि एक तीसर मदरसा के भी अवैध घोषित कइ दिहा गया है।

रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम में, अधिकारी बताइन कि बहुत कोशिश के बाद भी गेट नाहीं खुला। इंतजार के बाद, टीम परिसर के बाहेर से सील कइ दिहिस। उहां मौजूद लोग आरोप लगाइन कि ओ समय 11 बच्चा अंदर रहे। पुलिस बाद में स्थानीय पार्षद के मदद से उइनका बाहेर निकारिस।

मदरसा समिति के मुख्य सचिव इलियास सैफी कहिन कि संस्था के पास जरूरी कागजात रहे, बाकी ओकर देखावे के मौका नाहीं दीन गै। उहई बताइन कि मदरसा 2000 में रजिस्टर भवा रहा अउर उ समय छुट्टी रही। सिर्फ 11 छात्र बाहेर के इलाका से उहां रहत रहे। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी कहिन कि वक्फ निरीक्षक, खोड़ा नगर पालिका परिषद के कार्यकारी अधिकारी अउर नायब तहसीलदार द्वारा 1 जून के दीन गइ एक संयुक्त रिपोर्ट में पावा गय कि मदरसा अमान्य अउर अवैध तरीका से चलाए जात रहे।

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