हरियाणा क मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आम आदमी पार्टी (आप) अउर “तिलचट्टे की पार्टी” पर तीखा हमला बोलत भए ओंका “अल्पकालिक दल” (थोरै समय क पार्टी) बताएन अउर विपक्षी नेताओं पर संविधान का लेके बार-बार जनता का गुमराह करै क आरोप लगाएन। राहुल गांधी अउर अरविंद केजरीवाल का निशाना बनावत भए सैनी कहेन कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनकल्याणकारी योजनाओं, मेहरारुन क केंद्रित पहलन अउर हरियाणा अउर पूरे देस मा विकास क परियोजनन क जरिए संविधान का सक्रिय रूप से मजबूत करत अहइँ.
“तिलचट्टे की जनता पार्टी” क बारे मा बात करत भए हरियाणा क मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कहेन कि आम आदमी पार्टी क अरविंद केजरीवाल चुनाव ना लड़ै, अउर नाहीं गाड़ी या घर लेवै क कसम खाए रहेन। केजरीवाल ई आरोप भी लगाए रहेन कि हरियाणा यमुना नदी क पानी गंदा कइ दिहे अहइ। का ई संविधान क बरे खतरा नाय अहइ? आम आदमी पार्टी अउर “तिलचट्टे की पार्टी” दुन्नो थोरै दिन क पार्टी अहइँ।
राहुल गांधी साएद ई भूलि गए अहइँ कि 1975 क आपातकाल (इमरजेंसी) से संविधान का कउनो खतरा नाय रहा। का 1984 क दंगन से संविधान खतरे मा नाय पड़ा रहा? कांग्रेस राज मा संविधान का लगभग ध्वस्त कइ दीन गा रहा। उनके राज मा नक्सलवाद खूब फला-फूला अउर बोडो आंदोलन पूरे जोर पर रहा। ई सोचि के अचरज होत अहै कि राहुल गांधी क भाषण कउन तैयार करत अहै, काहे से ऊ लगातार संविधान खतरे मा होवै क बात दोहरावत रहत अहइँ। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी अलग-अलग पहलन क जरिए संविधान का सक्रिय रूप से मजबूत करत अहइँ।
सरकार क उपलब्धिन पर रोशनी डारत भए मुख्यमंत्री सैनी कहेन कि पहिले हरियाणा मा लड़िकिन अउर लड़कन क लिंग अनुपात मा बहुत भारी असमानता रही।
हरियाणा क मुख्यमंत्री कहेन कि आज हालत मा एतना सुधार होइ गवा अहै कि 10 से 12 पंचायतन अइसन अहइँ जहँवा लड़िकिन क गिनती लड़कन से जादा अहै। ई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क कोसिसन क सीधा नतीजा अहै। सरकार जनता मा जागरूकता बढ़ावै अउर लिंग अनुपात मा सुधार लावै बरे सक्रिय रूप से काम करत अहै। इसके अलावा, सिरसा, झज्जर अउर भिवानी इलाकन मा लगातार घटत भूजल स्तर क समस्या से निपटै बरे भी काम चालू अहै। किसनवन का, खास कइके जवानन का, कुदरती खेती (प्राकृतिक खेती) क तौर-तरीका अपनावै बरे बढ़ावा देइ क कोसिस भी कीन जा रही अहै।
राहुल गांधी क बयानन पर चुटकी लेत भए मुख्यमंत्री सैनी कहेन कि राहुल गांधी ज्योतिषी लागत अहइँ। कबहूँ-कबहूँ ऊ भूकंप क भविस्यवाणी करत अहइँ, त कबहूँ दावा करत अहइँ कि धरती काँप उठी। विपक्ष क पास उठावै बरे कउनो ठोस मुद्दा नाय बचा अहै। उनके पास कउनो सही एजेंडा ही नाय अहै।