
हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग रियल एस्टेट कंपनी पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड अउर ओकरे निदेशन के खिलाफ कड़ा कदम उठाए अहै। विभाग कंपनी का राज्य मा कउनो भी नई परियोजना खातिर लाइसेंस देय पर रोक लगाय दिहिस है। ई काररवाई धोखाधड़ी, नियमन के उल्लंघन अउर भारी बकाया राशि के मामलन का देखत भए कीन गय है।
विभाग के मुताबिक कंपनी के खिलाफ नई दिल्ली मा धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात अउर साजिश से जुड़े कइयौ मामला दर्ज अहैं। एहमा 2020 क एक एफआईआर अउर 2024 मा दर्ज छह अलग-अलग एफआईआर सामिल अहैं। एसे कंपनी के काम करे के तरीका पर गंभीर सवाल उठें हैं। एकरे अलावा विभाग का आम मनइन से लगातार शिकायत मिली अहैं कि कंपनी प्लॉट अउर फ्लैट बेचत समय जेते वादा करे रही, ओका पूरा नाहीं किहिस। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी भी कंपनी के खिलाफ कइयौ आदेश जारी कइ चुकी अहै।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के मुताबिक कंपनी पर 19 सितंबर 2024 तक ईडीसी अउर एसआईडीसी के रूप मा 333.31 करोड़ रुपिया क बकाया अहै। इहै आधार पर हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट 1975 की धारा 12 के तहत काररवाई करत भए कंपनी अउर ओकरे सात निदेशन का आगू कउनो भी नए लाइसेंस खातिर प्रतिबंधित कइ दीन गय है।
परियोजना अउर लाइसेंस के जानकारी: कंपनी का सोनीपत, पानीपत अउर रोहतक मा कइयौ आवासीय परियोजना खातिर 2006 से 2010 के बीच लाइसेंस जारी कीन गय रहेन। एहमा सोनीपत के सेक्टर 8, 9, 10, 11, 17 अउर 18, पानीपत के सेक्टर 38-39 अउर रोहतक के सेक्टर 33 व 33-ए सामिल अहैं। ई सब लाइसेंसन के समय अब खतम होइ चुका अहै अउर नवीनीकरण खातिर कउनो आवेदन नाहीं कीन गवा।
निदेशन पर लाग रोक: आदेश मा जउन निदेशन के नाम सामिल अहैं, ओनका भविष्य मा कउनो भी तरह के विकास लाइसेंस पावे से रोक दीन गवा है। एहमा दीपा गुप्ता, रक्षिता शर्मा, राजीव जैन, प्रदीप कुमार जैन, संजीव जैन, सुभाष चंद्र सेतिया अउर अशोक कुमार सामिल अहैं।




