उत्तरप्रदेशराज्य

हुनर से बनी आत्मनिर्भर: आगरा मा ‘DDU-GKY 2.0’ क खाका तैयार

गाँव-गिरांव के नौजवानन क सपना पूरा करे अउर उनका दुनिया के काबिल बनावे के तईं ताजनगरी आगरा मा दो दिन क बड़की मीटिंग (कार्यशाला) शुरू भई। भारत सरकार के मार्गदर्शन मा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) ई प्रोग्राम करवाइस, जेमा यूपी समेत पूरब अउर पूर्वोत्तर भारत के 9 राज्यन के बड़े अधिकारी अउर एक्सपर्ट शामिल भयेन।

कार्यशाला क शुरुआत मिशन निदेशक श्री पुलकित खरे जी दीया जलाय के कीहिन। उ कहिन कि ई मीटिंग एक ‘बेस कैंप’ जइसन है, जहाँ से हमका तरक्की की ऊंचाइयों पर पहुँचे क है। उ अफ़सरन क समझावत हुए कहिन कि हमका देखइ क परी कि पिछली बार कहाँ चूक भई अउर दूसरे राज्यन से हमका का सीखे क मिली।

फाइल मा नाहीं, जमीन पर दिखई चाही हुनर: पुलकित खरे जी कहिन कि कौशल विकास खाली फाइल मा नाहीं, बल्कि जमीन पर दिखई चाही। ट्रेनिंग खाली एक कोर्स नाहीं, बल्कि बच्चन क व्यक्तित्व बनावे क जरिया होय के चाही। हमका ई देखइ क है कि हमारी ट्रेनिंग से गाँव के लरिकन क जिंदगी कतना बदली।

अब ‘बैच मोड’ मा होई काम: भारत सरकार के निदेशक श्री संतोष तिवारी जी बताएन् कि अब ‘DDU-GKY 2.0’ मा बउत बड़ा बदलाव कीन गय है। अब ‘प्रोजेक्ट मोड’ क जगह ‘बैच मोड’ मा पइसा क भुगतान होई अउर सारा काम डिजिटल कइ दीन गय है। नौकरी (Placement) क समय भी बढ़ाइ दीन गय है ताकि नौजवानन क पक्की अउर टिक्कू रोजगार मिल सकै।

नई टेक्नोलॉजी से जुड़िहइँ गाँव के युवा: बैठक मा ई फैसला लइ गय कि अब ट्रेनिंग मा ग्रीन टेक्नोलॉजी, एआई (AI) अउर नए जमाने के कोर्स जोड़े जइहैं। अफ़सरन क सलाह दीन गई कि पइसा क सही इस्तेमाल होय ताकि गाँव-गाँव तक एकर असर दिखई दे।

सबका साथ-सबका विकास: कार्यशाला मा अंडमान निकोबार, असम, मिजोरम, महाराष्ट्र अउर अरुणाचल प्रदेश के अफ़सरन ने अपनी-अपनी नीक बातें (Best Practices) साझा कीहिन। सब जन एक सुर मा कहिन कि आत्मनिर्भर भारत बनावे के तईं गाँव के आखिरी छोर पर बैठे नौजवान क मुख्यधारा मा लावे क होई। आज (शुक्रवार क) उत्तर प्रदेश, उड़ीसा अउर सिक्किम अपनी रिपोर्ट पेश करिहइँ।

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