
एक जमाना रहा जब सिनेमा जगत मा दिल टूटै अउर प्यार मा बेवफाई वाले गानों क चलन बहुतै देखा जाई। अइसन गानों मा सबसे बड़का योगदान गायक अल्ताफ राजा क रहा, जउन अपने ढेर सारी म्यूजिक एल्बम मा सिर्फ दर्द भरे गाना राखे रहे, जउन आज कल्ट मानै जात ह। इहे आधार पर हम रउआ क अल्ताफ राजा क अइसन एक दर्द भरा नगमा क बारे मा बतावे जाइत अही, जउन पिछला 26 साल से आशिकन क जख्मी दिल क दरद बयां करै अही। आवां जानत अही कि ऊ कौन सा गाना अही।
अल्ताफ राजा क कल्ट सैड सॉन्ग
एक प्लेबैक सिंगर क तौर पर अल्ताफ राजा फिल्मों से ज्यादा अपने म्यूजिक एल्बम क जरिए लोकप्रियता हासिल कइले रहैं। जउन आज क समय मा कउनो गायक खातिर कर पाना बहुतै कठिन काम मानल जाई। ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ क आपार सफलता क बाद साल 2000 मा अल्ताफ क दूसरी म्यूजिक एल्बम ‘दिल के टुकड़े हजार हुए’ लॉन्च भइल, जेहमा दर्द भरे गानों क भरमार रही। इहमा एक गाना रहा- ‘पहले तो कभी-कभी गम था…’। अल्ताफ राजा क इ दर्द भरे गाना क आज भी कल्ट मानल जाई, काहे से अपनी मधुर आवाज मा जइसन इ गाना क ऊ गाविन, ऊ हर कउनो क दिल-दिमाग पर छा गइल। इ दौर मा अगर कउनो लड़िका क दिल टूटत ह, त ऊ अल्ताफ राजा क ‘पहले तो कभी-कभी गम था…’ गाना सुनल पसंद करथैं।
‘दिल के टुकड़े हजार हुए’ एल्बम क इ बेहतरीन गाना अभिनेत्री नौशीन अली सरदार अउर अभिनेता खालिद सिद्दीकी पर फिल्माया गइल। इन दुनों क केमिस्ट्री भी इ दर्द भरे नगमा मा जान फूंक दिहले रही।
अल्ताफ राजा क गायकी क खास अंदाज
बतौर गायक अल्ताफ राजा क अंदाज बहुतै निराला रहा। ऊ गानों मा अपनी मधुर आवाज क अलावा शायरी भी शामिल रखत रहैं, जउन उन गानों क खूबसूरती क अउर बढ़ा देत रही। अपने करियर मा अल्ताफ साहब 100 से ज्यादा शानदार गाना गाइन अउर ढेर गाना म्यूजिक एल्बम मा शामिल रहे।



