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कैलास मानसरोवर जात्रा बर रजिस्ट्रेशन सुरु, जून मा जइहैं शिवभक्तन कय पहिला जत्था

कैलास मानसरोवर जात्रा कय लइकय एक नीक खबर सोझै आई अहै। दुनिया कय सबसे कठिन जात्रन मा गिनी जाय वाली इ पबित्तर जात्रा जून मा सुरु होई अउर अगस्त तक चली। इ बार भी इ जात्रा कुमाऊं के रस्ता पिथौरागढ़ जिला कय लिपुलेख दर्रा से दस दलन मा पांच सौ जात्री रवाना होइहैं। वंही सिक्किम कय नाथुला दर्रा से भी पांच सौ शिवभक्त जात्रा पर जइहैं।

ऑनलाइन पंजीकरण बर रजिस्ट्रेशन सुरु

जात्रा बर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन बुधवार (29 अप्रैल) से सुरु होइ गवा अहै। जात्रा जून के पहिला या दूसर हफ्ता से सुरु होई। हर जात्री कय केतना खरचा आई, एका लइकय कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) कय प्रस्तौवा कय मंजूरी मिलय के बादै बात साफ होई। विदेश मंत्रालय कय बइठक मा पिछली बार कय कमिन कय दूर करय कय निर्देश दीन गा अहै। अब केएमवीएन कय ओरी से जात्रा कय तैयारी सुरु कीन जा रही अहै। विदेश मंत्रालय बताइस कि जात्रिन कय चुनाव आवेदन करय वालन मा से एक कंप्यूटर-आधारित अउर लिंग-संतुलित (बराबर संख्या मा मेहरारू अउर मनई) चुनाव प्रकिरिया कय जरिए कीन जाई। विदेश मंत्रालय आगे कहिस कि आवेदन करय वाले वेबसाइट पर जाइकय आपन रजिस्ट्रेशन कइ सकत हैं अउर फार्म जमा कइ सकत हैं।

1981 से केएमवीएन करावत अहै कैलास मानसरोवर जात्रा

केएमवीएन 1981 से कैलास मानसरोवर जात्रा आयोजित कइ रहा अहै। 2025 तक लगभग पांच सौ दलन मा 18 हजार से जादे शिव भक्त कैलास मानसरोवर जात्रा पर जाइ चुके हैं। पबित्तर कैलास शिखर तिब्बत कय दक्षिण-पश्चिम मा 21,778 फीट कय ऊंचाई पर ठाढ़ एक भव्य स्तंभ जइसन अहै। इ छह पर्वत सिर्ंखलन कय केंद्र अहै। हिंदू धर्म मानय वाले इ पब्बत कय चोटी कय भगवान शिव कय घर अउर मानसरोवर झील कय भगवान कय पबित्तर प्रेम कय कुंड मानत हैं।

कोविड कय समय मा 2019 से बंद कैलास मानसरोवर जात्रा 2025 मा फिर सुरु भई रही। जात्रा चलावय वाली एजेंसी केएमवीएन कय ओरी से पहिली बार टनकपुर (चंपावत) कय रस्ता से कैलास मानसरोवर जात्रा सुरु कीन गई रही।

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