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36 साल पहिले बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुँह गिरी रही आमिर खान क ई फिलिम, एक्टर बताइन वजह

आमिर खान (Aamir Khan) का सब ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहत हन। उ बड़े परदा पर हर किरदार का बड़ी लगन से निभाये हन। अभिनेता क कइयौ फिलिम बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही हन, अउर कुछ तो अइसन रही जे बॉक्स ऑफिस पर नया रिकार्ड बना दीन। लेकिन सुपरहिट फिलिमिन क लिस्ट के साथे-साथे आमिर खान कुछ अइसन फिलिमौ कीहिन हन जे फ्लॉप रही हन। उनक दुई फिलिम अइसन रही जे बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुँह गिरी गइन अउर एकर दोष उ खुदै का देत हन। एकर वजह ई है कि उ ई फिलिमिन का बिना स्क्रिप्ट (कहानी) पढ़े ही ‘हाँ’ कहि दीन रहा। इनमे से एक देव आनंद क फिलिम ‘अव्वाल नंबर’ (Awwal Number) रही।

बिना स्क्रिप्ट पढ़े फिलिम नाहीं करत हन आमिर खान

आमिर खान साल 1990 मा आई फिलिम ‘अव्वाल नंबर’ मा काम कीहिन रहा, लेकिन उ अपने बाबूजी के कहे पर फिलिम बदे हामी भरे रहेन। उ बिना स्क्रिप्ट पढ़े फिलिम नाहीं करय चाहत रहेन। उ जाकिर खान के साथे बातचीत मा कहेन, “जब मैं कौनों फिलिम चुनत हउँ तो मोर जियरा ओमा पूरी तरे से लगा होय के चाही। चाहे मैं ओमा एक एक्टर के तौर पर शामिल होऊं या एक प्रोड्यूसर के तौर पर।”

बिना स्क्रिप्ट पढ़े कीहिन दुई फिलिम

आमिर खान आगे कहेन, “जब मैं कौनों कहानी सुनत रहत हउँ या चुनत हउँ, तो मैं अपने आप का देखय वालन (दर्शकों) मा से एक मान लेत हउँ। अगर उ कहानी मोरे जियरा का छुई लेत है, अगर उ कुछ नया कहत है अउर मोका उत्साहित करत है, तबै मैं ई फैसला करत हउँ कि मोका ओका प्रोड्यूस करय का है या ओमा एक्टिंग करय का है। मैं अपने करियर मा सिर्फ दुई फिलिम अइसन कीहिन हन जेका मैं बिना स्क्रिप्ट जाने कीहिन – उ रही ‘अव्वाल नंबर’ अउर ‘तुम मेरे हो’।”

बाबूजी के डर से कीहिन रहा फिलिम का ‘हाँ’

आमिर खान बताइन कि उ अपने बाबूजी के डर के मारे फिलिम बदे हामी भरे रहेन। उ कहेन, “मोरे बाबूजी मोका बुलाइन अउर कहेन कि देव आनंद ‘अव्वाल नंबर’ बदे तोसे मिलय चाहत हन अउर मैं तोहरी तरफ से पहिले ही ‘हाँ’ कहि दीहेउँ है। मैं उनसे कहेउँ, नाहीं, मैं पहिले स्क्रिप्ट सुनब अउर फिर फैसला करब। लेकिन उ कहेन, ‘तू अइसन कुछुव ना करब्या। तू कहानी के बारे मा नाहीं पूछब्या, तू बस जैह्या अउर हाँ कहि दइह्या।’ मैं अपने बाबूजी से बहुत डरत रहा, ई वजह से मैं बस हाँ कहि दीहेउँ। मोका कछू अंदाजा नाहीं रहा कि कहानी का रही।” आमिर खान बताइन कि दूसरी फिलिम ‘तुम मेरे हो’ उनके बाबूजी क ही फिलिम रही। जब उ अपने बाबूजी से फिलिम क स्क्रिप्ट पूँछिन, तो उनके बाबूजी उनका एक घंटा तक लेक्चर दीहिन रहा।

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