उत्तरप्रदेश

आलू किसानन बरे उद्यान मन्त्री दिनेश प्रताप सिंह दिहिन कड़े हुक्म

10 जिला मा खरीद केंद्र खोलइ के काम तेज, बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत लखनऊ अउर फर्रुखाबाद मा आलू के खरीद शुरू


प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार अउर कृषि निर्यात राज्यमन्त्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिनेश प्रताप सिंह मंगलवार का उद्यान विभाग के समीक्षा बइठक मा किसानन के भलाई बरे जरूरी हुक्म जारी कीनिन। ऊ कहिन कि अलग-अलग जिला मा आलू खरीद केंद्र तुरंत बनाय के खरीद के काम शुरू कीन जाय। मन्त्री जी के हुक्म के बाद ‘उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ’ (हॉफेड) का 10 जिला मा खरीद केंद्र खोलइ के जिम्मेदारी दीन गई अअइ, जेमा लखनऊ अउर फर्रुखाबाद का सबसे पहिले रखत भए दोनों जिला मा आजै से खरीद के काम शुरू कइ दीन गवा अअइ।

मन्त्री श्री सिंह के हुक्म के मुताबिक, लखनऊ जिला के बक्शी का तालाब मा इंदौरा बाग मा बने खरीद केंद्र के उद्घाटन अपर मुख्य सचिव उद्यान अउर खाद्य प्रसंस्करण श्री बी0 एल0 मीणा कीनिन, जबकि फर्रुखाबाद जिला के मण्डी समिति सातनपुर मा बने केंद्र के शुरुआत उद्यान निदेशक श्री बी0 पी0 राम कीनिन। एही मौका पर विभाग के अधिकारी अउर किसान मौजूद रहे। ई पूरा काम भारत सरकार के कृषि अउर किसान कल्याण मन्त्रालय द्वारा मंजूर ‘बाजार हस्तक्षेप योजना’ (MIS) के तहत कीन जाइ रहा अअइ, जेकरे जरिया किसानन से सीधे आलू खरीदा जाइ रहा अअइ।

बइठक मा मन्त्री जी हुक्म दिहिन कि जिन जिला मा बाजार मा आलू के दाम कम अअइ, हुवां सबसे पहिले खरीद केंद्र खोले जाइँ अउर किसानन का उनके फसल के सही दाम दिलवाया जाय। योजना के तहत बाजार हस्तक्षेप मूल्य ₹650.09 प्रति कुन्तल अउर ऊपर के खरचा (ओवरहेड) ₹162.52 प्रति कुन्तल तय कीन गवा अअइ। नुकसान के भरपाई के सबसे बड़ी सीमा कुल खरीद के लागत के 25 प्रतिशत तय कीन गई अअइ, जेका केंद्र अउर राज्य सरकार आधा-आधा मिलिके उठइहैं। ऊ ई बात पर भी जोर दिहिन कि दूसर जिला मा भी एक-एक कइके केंद्र खोले जाइँ ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानन का फायदा मिलि सकइ।

समीक्षा के दौरान मन्त्री श्री सिंह सहरन मा हरियाली बढ़ावै बरे चलि रही “रूफ टॉप गार्डेनिंग योजना” के बड़े उद्घाटन के तैयारी जल्दी पूरा करइ के हुक्म दिहिन। ऊ कहिन कि एही योजना के शुरुआत माननीय मुख्यमंत्री जी के हाथ से कीन जाई, जेहसे सहर के लोगन मा बागवानी बरे समझ बढ़ी अउर आत्मनिर्भरता का बढ़ावा मिली।

एकरे अलावा मन्त्री जी “उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड” के कामन का देखत भए अधिकारिन से कहिन कि प्रदेश मा जउन फल-सब्जी जरूरत से ज्यादा अहैं, उनके पहिचान कइके बाहर देसन मा बेचइ (निर्यात) बरे एक मजबूत योजना बनाई जाय। ऊ कहिन कि एसे किसानन के कमाई त बढ़बे करी, साथे प्रदेश के अर्थव्यवस्था का भी मजबूती मिली।

मन्त्री जी औद्यानिक तरक्की बरे गोष्ठियन (बइठक) के आयोजन के पूरा खाका तैयार कइके पूरे प्रदेश मा कार्यक्रम करइ के हुक्म दिहिन, अउर विभाग के योजनन का जल्दी चालू करइ पर जोर दिहिन, ताकि आम जनता का बखत पर फायदा मिलि सकइ। ऊ अधिकारिन का सब योजनन का साफ-सुथरा अउर सही तरीके से चलावै अउर उन पर लगातार नजर रखइ के हुक्म भी दिहिन।

उद्यान मन्त्री श्री सिंह किसानन से अरज कीनिन अअइ कि ऊ तय खरीद केंद्रन पर अपनी आलू के फसल लइके आवइँ अउर योजना के पूरा फायदा उठावैँ। ऊ अधिकारिन का हुक्म दिहिन कि किसानन का हर मुमकिन मदद दीन जाय।

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