उत्तरप्रदेशराज्य

ड्रैगन फ्रूट के खेती से मिर्जापुर के जय सिंह गढ़िन कामयाबी के नई कहानी

मिर्जापुर जिला के रानीपुर गाँव के किसान जय सिंह उद्यान विभाग के ट्रेनिंग अउर सरकारी अनुदान के मदद से ड्रैगन फ्रूट के खेती शुरू कइके आज दूसर किसानन बरे मिसाल बनि चुके अहैं।

सफलता के कहानी सेक्टर: कृषि अउर संबद्ध सेक्टर (उद्यान विभाग)


उत्तर प्रदेश मा किसानन के कमाई बढ़ावै अउर उनका नई खेती के ओर मोड़इ बरे कइयौ योजना अउर ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाए जाइ रहे अहैं। इन्हीं कोशिश के एक बहुत नीक नतीजा मिर्जापुर जिला के किसान जय सिंह के कामयाबी के रूप मा सामने आवा अअइ, जउन पुरान खेती छोड़िके ड्रैगन फ्रूट के खेती अपनाइन अउर आज पूरे इलाका के किसानन बरे मिसाल बनि चुके अहैं।

मिर्जापुर जिला के नारायणपुर विकासखण्ड के ग्राम रानीपुर के रहइया जय सिंह एक सीधे-साधे किसान परिवार से अहैं। उनके लगे लगभग 2 हेक्टेयर खेती के जमीन अअइ, जेह पर ऊ पहिले पारंपरिक तरीका से धान, गेहूँ अउर आलू जइसन फसल उगावत रहे। पै इन फसलन से उनका सही मुनाफा नाहीं मिलि पावत रहा। बढ़ता खरचा, मौसम के मार अउर बाजार के भरोसा न होय के नाते उनके कमाई बहुत कम रहि जात रही, जेहसे परिवार के हालत मा कौनों खास सुधार नाहीं होय पावत रहा।

किसानन के भलाई करइ वाली प्रदेश सरकार के औद्यानिक खेती के तहत उद्यान विभाग के एक ट्रेनिंग कार्यक्रम के बारे मा उनका जानकारी मिली, जेमा श्री जय सिंह हिस्सा लइके ट्रेनिंग पूरा कीनिन। ट्रेनिंग मा उनका नई बागवानी अउर खास कइके ‘ड्रैगन फ्रूट’ के खेती के बारे मा पूरी जानकारी दीन गई। हुवां उनका बतावा गवा कि ई फसल कम पानी मा भी बहुत बढ़िया पैदावार देइत है, एमा बीमारी बहुत कम लागत है अउर बाजार मा एकर मांग भी लगातार बढ़ि रही अअइ।

शुरुआत मा किसान जय सिंह बरे ई एक नया अउर जोखिम भरा फैसला रहा, काहे से कि उनके इलाका मा पहिले कबहूँ केऊ ड्रैगन फ्रूट के खेती नाहीं करे रहा। फिर भी ऊ हिम्मत जुटाए अउर प्रयोग के तौर पर अपने खेत के एक छोटे हिस्से मा ड्रैगन फ्रूट के खेती शुरू कीनिन। ऊ उद्यान विभाग से जरूरी सलाह लीनिन अउर वैज्ञानिक तरीका से पेड़ लगाइन, सिंचाई कीनिन अउर देख-रेख कीनिन। धीरे-धीरे उनके मेहनत रंग लावै लागी। पेड़ बढ़िया से बढ़े अउर कुछ बखत के बाद फल देइ लागे। ड्रैगन फ्रूट के बाजार मा बहुत बढ़िया दाम मिलइ के नाते उनके कमाई मा बहुत बड़ा उछाल आवा। जहाँ पहिले पुरान खेती से बहुत कम कमाई होत रही, वहीं अब कम खरचा मा ज्यादा मुनाफा मिलइ लगा।

आज जय सिंह अपने इलाका मा एक प्रगतिशील किसान के रूप मा जाने जात अहैं। उनके कामयाबी के कहानी ई साबित करत है कि सही जानकारी, ट्रेनिंग अउर हिम्मत के साथे कौनों भी किसान अपनी किस्मत बदलि सकत है। ड्रैगन फ्रूट के खेती से जय सिंह ई देखा दिहिन कि खेती मा नया तरीका अउर आधुनिकता अपनाके न खाली कमाई बढ़ाई जाइ सकत है, बल्कि गाँव के अर्थव्यवस्था का भी मजबूत कीन जाइ सकत है।

उत्तर प्रदेश मा बागवानी फसलन का बढ़ावा देइ बरे अउर किसानन के कमाई मा बड़ी बढ़ोत्तरी पक्की करइ बरे मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के अगुवाई मा राज्य सरकार लगातार नए-नए काम कइ रही अअइ। एही नाते उद्यान विभाग द्वारा ड्रैगन फ्रूट जइसन कीमती फसल का बढ़ावा देइ बरे बहुत बढ़िया अनुदान योजना चलाई जाइ रही अअइ।

ड्रैगन फ्रूट के खेती का बढ़ावा देइ बरे एक इकाई लगावै मा लगभग ₹6.75 लाख प्रति हेक्टेयर के खरचा आवत है, जेकरे बदले प्रदेश सरकार 40 प्रतिशत के हिसाब से ₹2.70 लाख प्रति हेक्टेयर के अनुदान दइ रही अअइ। ई रुपियन के मदद किसानन बरे बहुत बड़ी राहत साबित होय रही अअइ, जेहसे ऊ बिना कौनों पइसा के तंगी के नई अउर फायदेमन्द खेती के ओर आगे बढ़ि रहे अहैं।


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