
आतंकवाद पै होई करारा हमला: राष्ट्रीय राइफल्स का मिलीहैं 159 नई बुलेटप्रूफ गाड़ियाँ
भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर अउर लद्दाख मा तैनात राष्ट्रीय राइफल्स क ताकत बढ़ावै तईं 159 आधुनिक बुलेटप्रूफ ट्रूप कैरियर (बीपीटीसी) खरीदे क प्रक्रिया शुरू कइ दिहिस है। सेना ई योजना बरे भारतीय कंपनिन क पहचान करै खातिर सूचना के लिए अनुरोध (आरएफआई) जारी करे अहै। जौन कंपनी चुनी जाई, ओका ठेका मिलै क बाद हर साल कम से कम 60 गाड़िन क सप्लाई करै का परी।
राष्ट्रीय राइफल्स इहै समय मा पुरानी गाड़िन के भरोसा अहै, खास कइके जम्मू-कश्मीर मा आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान जवानन का आवे-जाय मा। ई नई बुलेटप्रूफ ट्रूप कैरियर जवानन का मुश्किल अउर पहाड़ी इलाकन मा सुरक्षित आउब-जाब पक्का करिहैं। आरएफआई के मुताबिक, इन गाड़िन मा बढ़िया फुर्ती होब जरूरी अहै अउर जवानन क सुरक्षा का सबसे ऊपर रखा गवा है।
प्रस्तावित बीपीटीसी मा हथियार, गोला-बारूद अउर संचार के सामान के साथै-साथै थो़ड़ा-बहुत लड़ाई क सामान लै जाय क छमता भी होई। ई गाड़ियाँ सड़क पै 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा अउर बिना सड़क वाले उबड़-खाबड़ इलाकन मा 50 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा क रफ्तार पकड़ि सकिहैं। मैदानी इलाकन मा इनकी रेंज 350 किलोमीटर अउर पहाड़ी क्षेत्रन मा 300 किलोमीटर होई।
ई गाड़ियाँ 5,000 मीटर क ऊंचाई तक चलि सकिहैं अउर जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क बर्फीली जगहिन मा -10 डिग्री सेल्सियस से लैके +40 डिग्री सेल्सियस तक क तापमान मा भी तगड़ा काम करिहैं। आरएफआई मा फायरिंग पॉड्स अउर गाड़ी के हैच पै लगी मशीनगनों के जरिए थोड़ी-बहुत फायरिंग क छमता क भी माँग कीन गई है। सबसे खास बात ई है कि सेना ई बुलेटप्रूफ कैरियर क खरीद पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ अउर ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत करै चाहत अहै।