धर्म/अध्यात्म

बड़े मंगल पर ई सुभ मूरत मा करी बजरंगबली क पूजा, टरि जइहैं सब संकट

वैदिक पंचांग के मुताबिक, आजु यानी 5 मई का जेठ महीना क पहिला बड़ा मंगल मनावा जा रहा है। ई दिन हनुमान जी क पूजा-अर्चा करब बहुतै खास माना जात है। धरम-करम क मानब तौ, बड़े मंगल के दिन हनुमान जी क साधना करै से जिनगी मा आवै वाले सब संकट टर जात हैं अउर सुख-समृद्धि बढ़त है। साथै मा पूजा करै वाले का सुभ फल मिलत है। तौ आई, आप सबको बताईत है कि बड़े मंगल क सुभ मूरत अउर पूजा विधि का है।

आजु क सुभ मूरत

अभिजीत मूरत: दुपहरी 11 बजके 51 मिनट से दुपहरी 12 बजके 45 मिनट तक

अमृत काल: कउनो नाहीं

ब्रह्म मूरत: सकारै 04 बजके 12 मिनट से 04 बजके 55 मिनट तक

विजय मूरत: दुपहरी 02 बजके 32 मिनट से 03 बजके 25 मिनट तक

गोधूलि मूरत: सांझ का 06 बजके 57 मिनट से 07 बजके 19 मिनट तक

बड़ा मंगल पूजा विधि (Bada Mangal Puja Vidhi)

सकारै जल्दी उठि के नहाइ-धोइ लेई। साफ-सुथरा कपड़ा पहिरी। सुरुज देव का जल (अर्घ्य) चढ़ाई। बरत क संकलप लेई। मंदिर नीक से साफ करी अउर गंगाजल छिड़क के पवित्तर करी। चउकी पर हनुमान जी क मूरती बइठाई। लाल फूल, सेनुर (सिंदूर), चमेली क तेल अउर तुलसी क माला चढ़ावा जाई। दीया बारि के आरती करी अउर मंतरन क जाप करी। फर अउर लड्डू क भोग लगाई। जिनगी मा आवै वाले दुख-तकलीफन से छुटकारा पावै बरे पराथना करी। मंदिर मा या गरीब मनइन का अन्न-धन दान करी।

बड़ा मंगल पूजा सामग्री लिस्ट

हनुमान जी क फोटो या मूरती, जनेऊ, अच्छत, फर, माला, गऊ क घी, दीया, चमेली क तेल, धूप, अगरबत्ती, हनुमान चालीसा, लाल फूल, सेनुर, पान क बीड़ा, झंडा, संख, घंटी, लउंग, मोतीचूर के लड्डू अउर बाकी चीज।

ई चीजिन क लगाई भोग

बड़े मंगल के दिन हनुमान जी का बूंदी क लड्डू, फर अउर मिठाई क भोग लगावैं। धरम-करम क मान्यता है कि ई चीजिन क भोग लगावै से परभु खुस होत हैं अउर जिनगी क सब बिपति दूर करि देत हैं। साथै मा सुख-संपत्ति मा बढ़ती होत है।

इन बातन क रक्खी धियान

ई दिन दाना-पानी अउर रुपया-पइसा क दान करब बहुत नीक होत है, इससे धन लाभ क जोग बनत है। कउनो से वाद-विवाद या कहा-सुनी न करी। करिया (काले) रंग के कपड़ा जिन पहिरी। मन मा कउनो के बारे मा गलत बात न लावैं।

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