
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज ‘जन भवन’ से जनगणना 2027 के मकान सूचीकरण अउर स्वगणना (Self-Enumeration) के काम के शुरुआत कीनिन। एही मौका पर राज्यपाल महोदया ने डिजिटल माध्यम से खुद अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज कीन अउर प्रदेश के लोगन का ई नई सुविधा के बारे मा बताइन।
जनता बरे ऑनलाइन सुविधा:
राज्यपाल जी ने भारत सरकार अउर राज्य सरकार का ‘स्वगणना पोर्टल’ शुरू करइ बरे बधाई दीन। ऊ प्रदेशवासियन से अपील कीनिन कि जब जनगणना अधिकारी आपके घर आवैं, तौ उनका एकदम सही अउर पक्की जानकारी देव। एसे सरकार का जनता बरे नीक अउर फायदेमंद योजना बनावै मा मदद मिली।
पुरान अनुभव अउर डेटा के ताकत:
राज्यपाल जी ने साल 2001 के अपने अनुभव साझा कीन। ऊ बताइन कि जब ऊ गुजरात मा रही, तौ जनगणना के आँकड़न से ही पता चला रहा कि हुवाँ मेहरारुन के पढ़ाई (साक्षरता) अउर लिंगानुपात मा सुधार के जरूरत अअइ। ओकरे बाद ही ‘प्रवेश उत्सव’ अउर मेहरारुन बरे बड़े-बड़े सम्मेलन आयोजित कीन गइन, जेहसे हुवाँ बहुत सुघर बदलाव आवा। ऊ कहिन कि सही डेटा से ही किसान, जवान अउर मेहरारुन बरे नीक नीतियां बनि सकत अहैं।
पहिली बार पूरी तना डिजिटल जनगणना:
विदित होय कि जनगणना 2027 देस मा पहिली बार पूरी तना डिजिटल तरीका से होइ रही अअइ। एमा ‘स्वगणना’ के एक बहुत सुघर सुविधा दीन गई अअइ:
- घर बइठे भरें जानकारी: नागरिक 07 मई से 21 मई 2026 के बीच se.census.gov.in पोर्टल पर जाइके अपनी जानकारी खुदै ऑनलाइन भरि सकत अहैं।
- स्वगणना ID: जानकारी भरइ के बाद परिवार का एक ‘स्वगणना आईडी’ मिली, जेका बाद मा घर आवइ वाले जनगणना अधिकारी (प्रगणक) का दिखावै का होई।
22 मई से घर-घर अइहैं अधिकारी:
जनगणना के पहिला चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक चली। एही दौरान अधिकारी घर-घर अइहैं अउर मोबाइल ऐप के जरिया मकान के स्थिति, घर के मुखिया के नाम अउर दूसरी सुविधायन से जुड़े 33 सवाल पूछिहैं।
राज्यपाल जी ने कहिन कि अगर हमका सच्चा अउर तुरन्ते वाला (त्वरित) डेटा मिली, तौ ‘नए भारत’ अउर ‘विकसित भारत’ के नींव अउर मजबूत होई। एही मौका पर अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त, जिलाधिकारी विशाख जी. अउर जनगणना निदेशक शीतल वर्मा समेत कइयौ बड़े अधिकारी मौजूद रहे।




