मुंबई मा आयोजित ‘नैसकॉम (NASSCOM) जीसीसी समिट’ मा उत्तर प्रदेश एक उभरते हुए ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर’ (GCC) हब के रूप मा अपनी बड़की पहचान बनाईस। समिट के दौरान ‘इन्वेस्ट यूपी’ अउर नैसकॉम मिलके दुनिया भर के बड़े-बड़े दिग्गजों के सामने राज्य क आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर अउर नई टेक्नोलॉजी क पेश कीहिन। ई आयोजन वैश्विक कंपनियों क यूपी की नई नीतियों अउर डिजिटल ताकत से रूबरू करावे क एक बड़का कदम रहा।
ई सम्मेलन मा दुनिया भर क नामी कंपनियों के मालिक, निवेशक अउर बड़े अधिकारी (CXO) शामिल भयेन। यूपी क तरक्की देखके सब बउत खुश नजर आएन, खासकर यहाँ क कुशल नौजवान (Skilled Workforce) अउर व्यापार करे क आसान नियमन क बउत तारीफ भई।
बड़का गोलमेज चर्चा अउर ग्लोबल कंपनियाँ: यूपी सरकार के प्रमुख सचिव श्री आलोक कुमार की अध्यक्षता मा एक बउत बड़की मीटिंग भई, जेमा अडानी कैपेबिलिटी सेंटर, कैपजेमिनी, इन्फोसिस, मैकडॉनल्ड्स जइसन बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल रहेन। मीटिंग मा इन्वेस्ट यूपी के सीईओ श्री विजय किरण आनंद अउर अन्य अफ़सर भी मौजूद रहेन।
‘द जीसीसी स्ट्रेटेजी’ पर चर्चा करत हुए आलोक कुमार कहिन कि IIT कानपुर, IIT BHU अउर IIM लखनऊ जइसन संस्थान हमारे राज्य क रीढ़ की हड्डी हैं, जउन नवाचार (Innovation) अउर टैलेंट क बढ़ावा दे रहे हैं। उ कहिन कि यूपी अब AI अउर ड्रोन टेक्नोलॉजी मा भी आगू बढ़ रहा है।
निवेशकों क लुभावे वाली ‘जीसीसी नीति 2024’: समिट क सबसे खास बात रही ‘यूपी जीसीसी नीति 2024’। ई नीति के तहत विदेशी कंपनियों क कई बउत बड़ी रियायतें दीन जा रही हैं, जइसे:
- 30-50 परसेंट तक जमीन मा सब्सिडी।
- 100 परसेंट स्टांप ड्यूटी मा छूट।
- सालाना ₹80 करोड़ तक क संचालन सहायता।
- स्किलिंग अउर रिसर्च (R&D) के तईं खास पइसा क मदद।
नोएडा से निकलके लखनऊ-कानपुर तक पहुँचा विकास: अफ़सरन ने बताया कि जहाँ नोएडा अउर ग्रेटर नोएडा पहिले से ही हब बने हैं, वहीं अब लखनऊ, कानपुर अउर वाराणसी जइसन शहर भी तेजी से विकास के केंद्र बन रहे हैं। यूपी मा काम करे क खर्चा कम है अउर यहाँ टैलेंट (STEM Graduates) क कउनो कमी नाहीं है।
समिट मा ‘इन्वेस्ट यूपी’ के पवेलियन मा निवेशकों क बउत भीड़ रही। बड़े-बड़े बिजनेस लीडर्स ने टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, AI अउर फिनटेक के क्षेत्र मा निवेश करे क इच्छा जताई। सब जन कहिन कि यूपी क कनेक्टिविटी (एक्सप्रेसवे अउर नोएडा एयरपोर्ट) अउर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ क सुधार वाकई काबिले तारीफ है।




