उत्तरप्रदेशराज्य

बाढ़ से निपटइ क तैयारी: यूपी मा 44 जिला ‘अति संवेदनशील’ घोषित, अफ़सरन क कड़ा निर्देश

उत्तर प्रदेश मा मानसून आवे से पहिले बाढ़ क तैयारी अउर ओकर जाँच-परख के तईं आज ‘बाढ़ अनुश्रवण समिति’ क बड़की बैठक भई। ई बैठक राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद जी की अध्यक्षता मा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मा संपन्न भई।

बाढ़ क खतरा: कहाँ कतना जोखिम? राहत आयुक्त बताएन् कि प्राधिकरण ने पूरे प्रदेश मा बाढ़ के नजरिए से 44 जिला, 118 तहसील, 2500 गाँव अउर 5600 मजरे क ‘अति संवेदनशील’ (बउत जादा खतरे वाला) मानके चिन्हित कीहिस है। इन सब जगहन क लिस्ट राहत-बचाव टीमन अउर जिला प्रशासन क भेज दी गई है। साथै, पिछले 15 साल के डेटा क आधार पर एक एनिमेटेड वीडियो अउर महीना-वार प्रभावित होवे वाले जिलन क लिस्ट भी तैयार कइ लीन गई है।

विभागन क कउन जिम्मेदारी मिली? बैठक मा अलग-अलग विभागन क खास निर्देश दीन गय:

  • सिंचाई विभाग: सब बाढ़ बचाव कार्य 15 जून तक हर हाल मा पूरा कइ लीन जाय।
  • लोक निर्माण विभाग (PWD): तटबंध, बैराज अउर आश्रय स्थलन तक पहुँचे वाली सड़कन क मानसून से पहिले ठीक कीन जाय अउर हेलीपैड क लिस्ट तैयार रखी जाय।
  • पंचायती राज विभाग: गाँव के स्तर पर गोताखोर, नाव अउर नाविकन क जानकारी अपडेट कइके डीएम क भेज दी जाय।
  • स्वास्थ्य अउर पशुपालन विभाग: जरूरी दवाई, क्लोरीन क गोली अउर टीका (Vaccination) क पूरा स्टॉक एडवांस मा तैयार रखा जाय।
  • बचाव टीमें (NDRF/SDRF/PAC): अपनी-अपनी टीमन क तैनाती के तईं जगहन क चुनाव पहिले से कइ लें।

प्रेजेंटेशन अउर चर्चा: प्राधिकरण के एक्सपर्ट श्री आशीष शर्मा ने पिछले सालन मा भई क्षति (नुकसान) अउर आवे वाले मानसून क लेकर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दीहिस। बैठक मा राजस्व, गृह, कृषि, शिक्षा, ऊर्जा अउर नगर विकास जइसन तमाम विभागन के अफ़सर मौजूद रहेन।

अंत मा ई बात पर जोर दीन गय कि अगर बाढ़ आवत है, त कृषि विभाग फौरन राजस्व विभाग क फसल नुकसान क जानकारी देई, ताकि किसानन क समय से मदद (अहैतूक सहायता) मिल सकै।

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