
राजपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर कय सामने बहुमत सिद्ध करय खतिव चार दिन तक मची उठापटक कय बाद, तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) कय मुखिया सी. जोसेफ विजय तमिलनाडु कय नववां मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिहिन। ‘थलपति’ कय ई शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई कय जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में बहुत भव्य तरीका से भवा, जहवां हजारन लोग मौजूद रहे। हालांकि, समारोह में एक बात अउर चर्चा कय विषय रही कि कार्यक्रम कय शुरुआत तमिलनाडु कय आधिकारिक गीत ‘तमिल थाई वाझथु’ कय जगह ‘वंदे मातरम’ से भवा। समारोह कय शुरुआत ‘वंदे मातरम’ कय छयओ श्लोक कय गायन से भवा, ओकरे बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ अउर राज्य गीत गावा गा।
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ई फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय कय 28 जनवरी कय निर्देश कय मुताबिक रहा, जहवां ई कहा गा रहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखल ‘वंदे मातरम’ कय मूल रूप सभी सरकारी कार्यक्रमन में राष्ट्रगान कय पहिले पूरा गावा जाए। हालांकि, विपक्षी दल ई निर्देश कय कड़ा विरोध करत रहे। संयोग देखव कि विजय कय शपथ ग्रहण में ‘वंदे मातरम’ तब गावा गा जब उंहा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मौजूद रहे, जउन खुद सरकार कय ई निर्देश कय कड़ा विरोध कर चुके रहे। ई कदम कय भाजपा कय खतिव एक संदेश मानल जात अहै, जउन कांग्रेस अउर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पय ई आरोप लगावत रहिन कि उंन्हई ‘वंदे मातरम’ कय उन छंद कय हटाय कय सांप्रदायिक एजेंडा चलावा जहवां देवी दुर्गा कय स्तुति भई है। भाजपा कय इ आरोप पय तगड़ा सियासी बखेड़ा खड़ा होय गवा रहा अउर भाजपा अउर गांधी परिवार कय बीच तीखी बहस भई रही।
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एकरे बीच, विजय कय शपथ समारोह में ‘तमिल थाई वाझथु’ कय पहिले ‘वंदे मातरम’ बजाये कय फैसला पय कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) नाराजगी जताय अहै। सीपीआई कय राज्य सचिव एम. वीरपांडियन कहिन कि तमिलनाडु सरकार कय चाही कि ई गलती कय जिम्मेदार लोगन कय पहचान कइके जनता कय सामने माफी मांगय। वीरपांडियन कहिन कि लोक भवन कय निर्देश पय कथित तौर पय जउन निर्णय लिहा गा कि तमिलनाडु सरकार कय शपथ समारोह में ‘वंदे मातरम’ कय सबसे ऊँच स्थान दिहा गा अउर तमिल प्रार्थना कय तीसरे नंबर पय राखल गा, ऊ पुरानी परंपरा कय सरासर उल्लंघन अहै।