एक अंतरराष्ट्रीय क्रूज जहाज पर हंता वायरस के मामला सामने अइला के बाद से अब स्वास्थ्य महकमा में हड़कंप मच गवा है और चिंता बढ़ गई है। एकरे बाद अब यात्री मनई क सुरक्षित तरीका से जहाज से उतारे क तैयारी चलत है। बताइ दीं कि नीदरलैंड क झंडा वाला क्रूज जहाज ‘एमवी होंडियस’ पर सवार यात्री और कुछ चालक दल क सदस्यन क स्पेन क टेनेरिफ द्वीप पर उतारा जाई। मिलल जानकारी क अनुसार, ई जहाज अतवार क भिनसार ग्रानादिया बंदरगाह पहुँची, जवने क बाद यात्री मनई क सीधे उनकर तय विमान तक पहुँचाई दीं जाई।
ई पूरा अभियान में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) क महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसुस क भूमिका भी बहुत जरूरी मानल जात है। उहाँ स्थानीय लोगन क भरोसा दिहइत कहिन कि ई जहाज से संक्रमण क खतरा बहुत कम है और एक क कौनों बड़े वैश्विक संकट क रूप में ना देखल जाइ। स्पेन क स्वास्थ्य मंत्री मोनिका गार्सिया गोमेज साफ कर दिहिन है कि जहाज पर जउन यात्री क मौत भइ है, उनकर शव और सामान क टेनेरिफ पर ना उतारा जाई, बलुक उ सब जहाज पर ही रहिहैं और आगे क कार्रवाई वहीं पूरा की जाई।
जानकारी क हिसाब से ई जहाज पर 20 से ढेर देसन क लोग सवार हैं। हालांकि, राहत क बात ई है कि फिलहाल जहाज पर मौजूद कउनो भी यात्री या चालक दल क सदस्य में हंता वायरस क लक्षण ना मिलल है। बतावा जात है कि ई संक्रमण शुरू होय क बाद से अब तक तीन लोगन क मौत होइ चुकी है, जवने में एक डच दंपति और एक जर्मन महिला शामिल हैं। एकरे अलावा पाँच अइसन यात्री भी रहे जेमें संक्रमण क पुष्टि भइ है, जउन पहले ही जहाज से उतर चुके रहे।
स्वास्थ्य अधिकारी लोगन क कहना है कि संक्रमित लोगन में ‘एंडीज’ प्रकार क हंता वायरस मिलल है, जउन कि बहुत दुर्लभ स्थिति में एक मनई से दूसरा मनई में फैल सकत है। इहे वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बहुत बढ़ल है। हंता वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहान क मल या पेशाब क संपर्क में आवे से फैलत है और एकर लक्षण एक से आठ हफ्ता के बीच में देखल जा सकत है।
जानकारी क मुताबिक, ई मामला में शुरू में संपर्क तलाशे क प्रक्रिया में कमी रहि गई रही, काहे से कि अप्रैल क अंत में कुछ यात्री बिना कउनो निगरानी के ही जहाज से उतर गए रहे। बाद में मई क शुरुआत में जब एक यात्री में संक्रमण क पुष्टि भइ, तब मामला गंभीर होइ गवा। फिलहाल स्वास्थ्य एजेंसियन और स्थानीय प्रशासन मिलके स्थिति पर नजर बनाए हैं और यात्री मनई क सुरक्षित निकाले क प्रक्रिया क प्राथमिकता दिहल जात है, ताकि संक्रमण क कउनो भी खतरा क रोकि जा सके।