मध्य-पूरब मा चलत जंग अउर ओकरे चलते पैदा भये वैश्विक तेल संकट के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार के जनता से अपील किहिन कि लोग फेर से ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ (घर से काम) क तरीका अपनावें, ईंधन कम खर्च करें अउर देश क विदेशी मुद्रा भंडार बचावे खातिर बियाह-सादी जइसन कामन में एक साल तक सोना ना किनें।
प्रधानमंत्री क ई बात अइसे समय मा आई है जब ईरान-जंग क असर अमेरिका से लइके पड़ोसी पाकिस्तान तक दिखत है अउर कई देसन मा ईंधन क दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गवा है। भारत क लोगन के अभी तौ एह झटका से बचावे क कोशिश भई है, लेकिन आने वाले दिनन मा स्थिति बदल सकत है। तेलंगाना के सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम में बोलत भये ऊ कहिन, “कोरोना काल मा हम सब ‘वर्क-फ्रॉम-होम’, ऑनलाइन मीटिंग अउर वीडियो कॉन्फ्रेंस जइसन तरीका अपनाये रहेन अउर एह सब के आदी भी होइ गए रहेन।” ऊ आगे कहिन, “आज समय क ई मांग है कि हम फेर से उन तरीका के अपनाईं, काहे से ई राष्ट्रहित में है अउर हमका फेर से ओकरे प्राथमिकता देनी चाही।”
PM मोदी ईंधन बचावे के राष्ट्रहित से जोड़िन
प्रधानमंत्री क ई अपील अइसे वक्त मा आई है, जब पश्चिम एशिया मा तनाव अउर वैश्विक तेल कारोबार के मुख्य रस्ता ‘हॉरमुज़ जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) मा आई रुकावट के चलते कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़ के लगभग 126 डॉलर प्रति बैरल पहुँच गवा है। दाम बढ़े क सीधी घोषणा तौ नइखे भई, लेकिन PM मोदी बार-बार पेट्रोल-डीजल क खपत कम करे पर जोर दीन। ऊ कहिन, “दुनिया भर मा पेट्रोल-डीजल बहुत महंगा होइ गवा है। हम सब क ई जिम्मेदारी है कि पेट्रोल-डीजल बचा के ओकरे खरीद में खर्च होवे वाली विदेशी मुद्रा क बचत करें।”
PM ने आम जनता से अपील कीन कि ऊ अपने फालतू खरचा पर फिर से विचार करें, काहे से देश वैश्विक ऊर्जा दाम बढ़े के चलते आर्थिक दबाव झेलत है। ऊ कहिन, “हम जनता से अपील करब कि ऊ एक साल तक बियाह-सादी खातिर सोना ना किनें।”
15 मई से पहले बढ़ सकत है पेट्रोल-डीजल क दाम
सरकारी अउर उद्योग जगत के सूत्र बतावत हैं कि चार साल मा पहली बार भारत मा ईंधन क दाम में बड़ा बदलाव (संशोधन) होय सकत है। इंडिया टुडे टीवी के सूत्रन के मुताबिक, 15 मई से पहले पेट्रोल-डीजल क दाम बढ़े क संभावना है, काहे से तेल कंपनियाँ कच्चे तेल के महंगा भये से भारी नुकसान झेलत हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम अउर हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कुल मिला के हर महीना लगभग 30,000 करोड़ रुपया क नुकसान होइत है। अगर मंजूरी मिल गई तौ पेट्रोल-डीजल 4-5 रुपया प्रति लीटर बढ़ सकत है अउर घरेलू LPG सिलेंडर 40-50 रुपया तक महंगा होइ सकत है।
‘खाने वाला तेल कम इस्तेमाल करें, रासायनिक खाद कम डालें’
ईंधन के अलावा PM मोदी खाने वाले तेल के इस्तेमाल कम करे अउर किसानन से विदेशी रासायनिक खाद पर निर्भरता घटावे क अपील कीन। प्रधानमंत्री कहिन, “खाने वाले तेल के आयात पर हमका विदेशी मुद्रा खर्च करेक पड़त है। अगर हर घर ई तेल क इस्तेमाल कम कर दे, तौ ई देश खातिर बहुत बड़ी देशभक्ति होइ। इहौ तरीका से हम विदेशी मुद्रा बचा के अपने धरती अउर खेत क रक्षा कर सकत हैं।”
वैश्विक जंग अउर भारत क तैयारी
ऊर्जा संकट क मुख्य कारन मध्य-पूर्व मा अस्थिरता है, जेसे जहाज आवागमन प्रभावित भवा है। दुनिया क लगभग 20 प्रतिशत तेल हॉरमुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरत है। जहाँ बांग्लादेश जइसन देसन मा ईंधन क राशनिंग शुरू होइ गई है अउर श्रीलंका मा काम क दिन कम होइ गए हैं, वहीं भारत अभी तक ई संकट से संभल के चलत है। अधिकारियन के मुताबिक, भारत LPG उत्पादन बढ़ा के 36,000 टन से 54,000 टन कर दिहिस है, कच्चा तेल अलग-अलग देसन से मंगावत है अउर रिफाइनरी क क्षमता 100 प्रतिशत से ऊपर तक पहुँचा दिहिस है।
