राष्ट्रीय

सुवेंदु अधिकारी के साथी के हत्या: 3 मुजरिम 13 दिन के पुलिस कस्टडी में, यूपी-बिहार से भइ रहै गिरफ्तारी

बारासात की एक अदालत हें सुवेंदु अधिकारी के नीजी सहायक चंद्रनाथ रथ के कतल के मामला में गिरफ्तार तीन मुजरिमिन का 13 दिन के पुलिस कस्टडी में भेज दीन। अदालत मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य अउर राज सिंह का बिहार अउर उत्तर प्रदेश से पकड़े जाए के बाद जब न्यायपालिका के सामने पेश कीन तौ उन्हें 24 मई तक पुलिस कस्टडी में भेज दीन। सरकारी वकील बिवास चटर्जी बताइन कि अभियोजन पक्ष सबूत मिटाए के जुर्म में अउर धारा जोड़े के मांग कीन रहै, जउन अदालत मान लीहिस अउर जोड़ दीन। चटर्जी पत्रकारों से कहेन कि तीन जने पकड़े गए हैं अउर अदालत उन्हें 24 मई तक यानी 13 दिन के पुलिस कस्टडी में भेज दीहिस है। हम सबूत मिटाए से जुड़ी धारा जोड़े के भी मांग कीन रहेन, जउन अदालत मंजूर कइ लिहिस है। पुलिस के मुताबिक, ई गिरफ्तारी मध्यमग्राम पुलिस स्टेशन में दर्ज केस नंबर 353, तारीख 6 मई के सिलसिला में कीन गा है, जउन भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) अउर शस्त्र अधिनियम के कई धाराओं के तहत दर्ज कीन गा है।

बंगाल में घुसपैठियन पर गिरै गाज! सुवेंदु अधिकारी के बीएसएफ का ग्रीन सिग्नल, 45 दिन में लागि बाड़।

मयंक राज मिश्रा अउर विक्की मौर्य का बिहार के बक्सर से पकड़ा गा, जबकि राज सिंह का उत्तर प्रदेश के बलिया से 10 मई के जांच के आधार पर गिरफ्तार कीन गा। सोमवार की भिनसार पूछताछ के बाद तीनों का कायदे से गिरफ्तार कइ लीन गा। भारतीय वायुसेना के पूर्व जवान अउर सुवेंदु अधिकारी के साथी चंद्रनाथ रथ के 6 मई के राति मध्यग्राम के लगे गोली मार के हत्या कइ दीन गय। बाद में अस्पताल में उनकी जान निकल गई।

ई कौन देश के विदेश मंत्री बनिन एस जयशंकर! हैरान कइ देई ई वीडियो।

अधिकारी ई हत्या का एक सोची-समझी साजिश करार देत इल्जाम लगाइन कि रथ का उनके साथ रिश्ता अउर भवानीपुर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर उनके राजनीतिक जीत के चलते निशाना बनावा गा है। अधिकारी पहले कहे रहेन, ई एक सोची-समझी साजिश रहै। कई दिन तक रेकी कीन गा अउर पीड़ित का पीछा करे के बाद उन्हें बहुत नज़दीक से गोली मार दीन गई। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस निष्पक्ष जांच के मांग करत घटना की कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच के मांग कीन है। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी न्यायिक निगरानी में निष्पक्ष जांच अउर दोषी लोगन का कड़ा सजा देवे के मांग कीन है।

Related Articles

Back to top button