
केंद्र सरकार बहुत जल्द ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांडिंग स्कीम सुरू करेक तइयारी में बा। एकर तइयारी जोर-शोर से चलत बा। ई ब्रांडिंग स्कीम लॉन्च करै के मकसद ग्लोबल स्तर पर भारत के सामानन कय एक नई पहचान देब हव। ई योजना कय का और कइसन असर होइ, एकर अंदाजा लगावै खातिर स्टील सेक्टर में एकर पायलट प्रोजेक्ट चलावा गा रहा। जवन रिस्पॉन्स मिला, ऊ काफी बढ़िया रहा। अइसन में, अब ई पहल कय अउर आगे बढ़ावा जा सकत बा। मेड इन इंडिया ब्रांडिंग कय ढांचा उद्योग अउर आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) लगभग तैयार कय लिहले बा। अलग-अलग इंडस्ट्रीज से बातचीत करै के बाद एकर सुरू होवै कय उम्मीद बा। DPIIT सचिव अमरदीप सिंह भाटिया बताइन कि बहुत जल्द एकर लॉन्चिंग होइ सकत बा।
सचिव अमरदीप सिंह भाटिया कय जानकारी
DPIIT के सेक्रेटरी अमरदीप सिंह भाटिया कहिन, ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड स्कीम काफी समय से तइयारी में रही, अउर अब आखिरकार ई लॉन्च होवै वाली बा। हम स्टील सेक्टर के साथ एक पायलट रन कय रहेन, अउर ऊ काफी उत्साह बढ़ाय वाला रहा। हम इंडस्ट्री के लोगन के साथ अउर अउर चर्चा करब कि अउर कौन-कौन सेक्टर में हम एक लागू कर सकत हन, बाकी एकर रूपरेखा (फ्रेमवर्क) एकदम तैयार बा।
कौन-कौन सेक्टर में लागू होइ ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड स्कीम?
कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के शिखर सम्मेलन में भाटिया कहिन कि उद्योग के प्रतिनिधि लोगन के साथ चर्चा करै से उन सेक्टरन कय पहचान करै में मदद मिली, जवन ब्रांडिंग अभियान के दायरे में आ सकें। DPIIT के सेक्रेटरी अमरदीप सिंह भाटिया बताइन कि सरकार उन उत्पादवन कय भी पहचान कय लिहले बा जवन या त भारत में बनात नाहीं हन या फिर जेतना जरूरत बा, ओतने मात्रा में नाहीं बन पावत हन। इहमें ऑटोमोबाइल अउर मोटरसाइकिल बनावै में लागै वाले अइसन पुर्जा (पार्ट्स) शामिल हन, जहाँ अभी भी तकनीकी कमी बा।
भारत में मैन्युफैक्चरिंग कय मजबूत बनावै खातिर सरकार जवन कदम उठाइस, ओकरे बारे में बात करत भये उ कहिन, ‘एक अउर क्षेत्र जवने पर हम काम करत हन, ऊ बा 100 अउर उत्पादवन कय लाना, जवन या त अभी भारत में नाहीं बनत हन, या फिर जेतना जरूरत बा, ओतने अभी उत्पादन नाहीं हो पावत बा।’ अधिकारी लोगन के मुताबिक, केंद्र सरकार बीच के सामान (इंटरमीडिएट गुड्स) कय उत्पादन बढ़ावै अउर MSME कय क्षमता बढ़ाय में मदद करै पर भी पूरा जोर देत बा।




