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नीट घोटाला 2024: एक एजेंसी, दुई परीक्षा, अलग सिस्टम काहे? NTA कय पेन-पेपर वाली जिदिया पय उठय सवाल

देस कय सबसे बड़ी डॉक्टरी भर्ती परीक्षा नीट यूजी 2026 एक्कै बार फिरि बखेड़ा मा आय गय है। पेपर लीक होय कय डर अउर परीक्षा कराय मा धांधली कय आरोप लागय कय बाद परीक्षा रद्द होय से लाखन लरिका अउर उनके घर-परिवार वालेन मा भारी गुस्सा देखय का मिलत अहै। मौजूद जानकारी कय हिसाब से ई पूरे मामला कय जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का सौंप दीन गय अहै। बतावा जात अहै कि ई बार करीब 22 लाख से जादा लरिका परीक्षा मा बइठे रहेन।

धियान देवे वाली बात ई अहै कि ई कउनो पहली बार नाहीं अहै जब नीट परीक्षा पय सवाल उठेन हों। इकरे पहिले साल 2024 मा भी पेपर लीक अउर परीक्षा कय ढंग का लय के बड़ा बवाल भवा रहा। अइसन मा अब बराबर ई सवाल उठ रहा अहै कि आखिर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) जउन दूसर बड़ी परीक्षा जेईई मेन करावत अहै, ओहिमा अइसन मामला कम काहे देखय का मिलत हैं, जबकि नीट बार-बार बखेड़ा मा फंसि जात अहै।

परीक्षा कराय कय तरीका: जानकारन कय मानब जाय तौ एकर सबसे बड़ा कारन दुइनौ परीक्षन के करावै कय तरीका माना जात अहै। नीट परीक्षा आजहूँ पूरी तराय पेन अउर कागज वाले तरीके से होत अहै। इकरे तईं लाखन सवाल-पत्तर छापे जात हैं अउर फिरि ओका देस भर कय हजारन परीक्षा केंद्रन तक पहुँचावा जात है। ई पूरी प्रक्रिया मा कई स्तर पय अलग-अलग लोगन कय काम होत है, जेकरे वजह से गोपनियता बनाय रखब बड़ी चुनौती बनि जात अहै।

वहीं दूसरी ओर, जेईई मेन कय परीक्षा पूरी तराय कंप्यूटर आधारित सिस्टम पय आयोजित कीन जात अहै। ओहिमा सवाल-पत्तर सुरक्षित डिजिटल सर्वर मा रखे जात हैं अउर परीक्षा सुरु होय के कुछ मिनट पहिले ही सेंटरन पय ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराय दीन जात हैं। यहै कारन अहै कि ओहिमा पेपर लीक होय कय खतरा काफी कम माना जात अहै।

बताइ दई कि नीट परीक्षा पूरे देस मा एक्कै दिन अउर एक्कै सवाल-पत्तर के साथे होत अहै। अइसन मा जउ कउनो एको सेंटर पय पेपर से जुड़ी गड़बड़ी सामने आवत अहै, तौ पूरी परीक्षा पय असर पड़त अहै। इकरे उल्टा जेईई मेन कई दिनन अउर अलग-अलग पालियन (शिफ्टों) मा आयोजित होत अहै। हर पाली मा अलग सवाल पूछे जात हैं, जेसे जउ कउनो एक सेट लीकौ होय जाय तौ ओकर असर पूरी परीक्षा पय नाहीं पड़त अहै।

सुरच्छा इंतजाम मा अंतर: सुरच्छा व्यवस्था का लय के भी दुइनौ परीक्षन मा बड़ा अंतर माना जा रहा अहै। नीट बरे हर साल करीब पाँच हजार परीक्षा केंद्र बनाय जात हैं, जेहिमा स्कूल अउर कॉलेज बहुत जादा संख्या मा शामिल रहत हैं। कई सेंटरन पय सुरच्छा कय इंतजाम अउर निगरानी कय स्तर मा भी फरक देखय का मिलत अहै। जबकि जेईई मेन बरे सीमित अउर खास डिजिटल परीक्षा केंद्रन कय इस्तेमाल कीन जात अहै, जहाँ कैमरा, ऑनलाइन निगरानी अउर तकनीकी सुरच्छा व्यवस्था पहिले से मौजूद रहत अहै।

सिच्छा के जानकारन कय कहब अहै कि जउन लगातार बखेड़ा सामने आइ रहे अहैं, ओकरे बाद अब नीट परीक्षा सिस्टम मा बड़ा बदलाव कय जरुरत महसूस कीन जा रही अहै। बहुत से लोग इका भी कंप्यूटर आधारित परीक्षा बनावै कय मांग करय लाग हैं ताकि भविष्य मा पेपर लीक जइसन घटना का रोका जा सके। फिलहाल लाखन लरिका अगली घोषणा अउर जांच रिपोर्ट कय बाट जोह रहे अहैं।

देस कय सबसे बड़ी डॉक्टरी भर्ती परीक्षा नीट यूजी 2026 एक्कै बार फिरि बखेड़ा मा आय गय है। पेपर लीक होय कय डर अउर परीक्षा कराय मा धांधली कय आरोप लागय कय बाद परीक्षा रद्द होय से लाखन लरिका अउर उनके घर-परिवार वालेन मा भारी गुस्सा देखय का मिलत अहै। मौजूद जानकारी कय हिसाब से ई पूरे मामला कय जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो का सौंप दीन गय अहै। बतावा जात अहै कि ई बार करीब 22 लाख से जादा लरिका परीक्षा मा बइठे रहेन।

धियान देवे वाली बात ई अहै कि ई कउनो पहली बार नाहीं अहै जब नीट परीक्षा पय सवाल उठेन हों। इकरे पहिले साल 2024 मा भी पेपर लीक अउर परीक्षा कय ढंग का लय के बड़ा बवाल भवा रहा। अइसन मा अब बराबर ई सवाल उठ रहा अहै कि आखिर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित होय वाली दूसर बड़ी परीक्षा जेईई मेन मा अइसन मामला कम काहे देखय का मिलत हैं, जबकि नीट बार-बार बखेड़ा मा फंसि जात अहै।

जानकारन कय मानब जाय तौ एकर सबसे बड़ा कारन दुइनौ परीक्षन के करावै कय तरीका माना जात अहै। नीट परीक्षा आजहूँ पूरी तराय पेन अउर कागज वाले तरीके से होत अहै। इकरे तईं लाखन सवाल-पत्तर छापे जात हैं अउर फिरि ओका देस भर कय हजारन परीक्षा केंद्रन तक पहुँचावा जात है। ई पूरी प्रक्रिया मा कई स्तर पय अलग-अलग लोगन कय भूमिका होत है, जेकरे वजह से गोपनियता बनाय रखब बड़ी चुनौती बनि जात अहै।

वहीं दूसरी ओर, जेईई मेन कय परीक्षा पूरी तराय कंप्यूटर आधारित सिस्टम पय आयोजित कीन जात अहै। ओहिमा सवाल-पत्तर सुरक्षित डिजिटल सर्वर मा रखे जात हैं अउर परीक्षा सुरु होय के कुछ मिनट पहिले ही सेंटरन पय ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराय दीन जात हैं। यहै कारन अहै कि ओहिमा पेपर लीक होय कय खतरा काफी कम माना जात अहै।

बताइ दई कि नीट परीक्षा पूरे देस मा एक्कै दिन अउर एक्कै सवाल-पत्तर के साथे होत अहै। अइसन मा जउ कउनो एको सेंटर पय पेपर से जुड़ी गड़बड़ी सामने आवत अहै, तौ पूरी परीक्षा पय असर पड़त अहै। इकरे उल्टा जेईई मेन कई दिनन अउर अलग-अलग शिफ्टों मा आयोजित होत अहै। हर पाली मा अलग सवाल पूछे जात हैं, जेसे जउ कउनो एक सेट लीकौ होय जाय तौ ओकर असर पूरी परीक्षा पय नाहीं पड़त अहै।

सुरच्छा व्यवस्था का लय के भी दुइनौ परीक्षन मा बड़ा अंतर माना जा रहा अहै। नीट बरे हर साल करीब पाँच हजार परीक्षा केंद्र बनाय जात हैं, जेहिमा स्कूल अउर कॉलेज बहुत जादा संख्या मा शामिल रहत हैं। कई सेंटरन पय सुरच्छा कय इंतजाम अउर निगरानी कय स्तर मा भी फरक देखय का मिलत अहै। जबकि जेईई मेन बरे सीमित अउर खास डिजिटल परीक्षा केंद्रन कय इस्तेमाल कीन जात अहै, जहाँ कैमरा, ऑनलाइन निगरानी अउर तकनीकी सुरच्छा व्यवस्था पहिले से मौजूद रहत अहै।

सिच्छा के जानकारन कय कहब अहै कि जउन लगातार बखेड़ा सामने आइ रहे अहैं, ओकरे बाद अब नीट परीक्षा सिस्टम मा बड़ा बदलाव कय जरुरत महसूस कीन जा रही अहै। कई लोग इका भी कंप्यूटर आधारित परीक्षा बनावै कय मांग करय लाग हैं ताकि भविष्य मा पेपर लीक जइसन घटना का रोका जा सके। फिलहाल लाखन लरिका अगली घोषणा अउर जांच रिपोर्ट कय बाट जोह रहे अहैं।

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