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इंग्लैंड मा वर्ल्ड कप जीतिके दीप्ति शर्मा इतिहास रचइ चाहत अहैं

भारतीय मेहरारू टीम के ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा कहत अहैं कि अउले महीनवा मा होय वाले टी-20 विश्व कप मा उनकै टीम के लक्ष्य लगातार दूसरी आईसीसी ट्रॉफी जीतब अहै। आज तक कउनो टीम वनडे विश्व कप अउर टी-20 विश्व कप नाहीं जीत पायी अहै। ई हमरी टीम बरे बड़ी चुनौती होई अउर हम हर चुनौती बरे तैयार अही। दैनिक जागरण दीप्ति शर्मा से खास बात कीहिस। जेके कुछ खास हिस्सा अइसन अहैं:-

2025 मेहरारू वनडे विश्व कप जीतै के बाद अब टी-20 विश्व कप का लइके भारतीय टीम का सोच-विचार का अहै?

हमार सोच-विचार बिल्कुल वतई अहै। प्रारूप बदलइ से जादा फरक नाहीं परत। जबहूँ हम कउनो विश्व कप के पहिला मैच खेलइ उतरत अही, तौ हमार लक्ष्य पूरा टूर्नामेंट मा वतई ताकत अउर भरोसा के साथ खेलब होत अहै। हम जादा से जादा मैच जीतै पर ध्यान देत अही।

विश्व चैंपियन बनै के बाद का टीम मा अब जादा भरोसा अउर आजादी महसूस होत अहै?

बिल्कुल। हाल ही मा हम विश्व चैंपियन बने अही अउर जबहूँ मैदान मा उतरत अही तौ वै जीत हमका भरोसा देवत अहै। ईसे टीम के तौर पर अउर नीक प्रदर्शन करै के हिम्मत मिलत अहै। हम हर चुनौती बरे तैयार रहत अही।

इंग्लैंड के माहौल हमेशा एशियाई टीमन बरे मुश्किल माना जात अहै। अइसन मा तैयारी कइसे कइ रही अहैं?

हम कैंप लगाये अही अउर उहँवा के माहौल के हिसाब से अभ्यास कइ रहे अही। उहँवा की पिचें मुश्किल होत अही, मुला हम कउनो भी चुनौती बरे तैयार अही। बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हमका बहुत नीक सुविधा अउर पिचें दिहिस अहै, जेसे तैयारी बहुत नीक होय रही अहै।

अब आप टीम की सीनियर खिलाड़ी बनि चुकी अहैं। नवा खिलाड़ीन का कइसे गाइड करत अहैं?

हम हमेशा जूनियर खिलाड़ीन के मदद करब पसंद करत अही। अभ्यास के टेम मा हम अलग-अलग मैच के स्थिति पर बात-चीत करत अही कि कउन स्थिति मा का करब अहै। बड़े मैचन अउर भीड़ के दबाव मा शांत रहब जरूरी होत अहै। हम उनका इहै बताइत अही कि पहिले ओवर से पूरी तरह तैयार रहा अउर आपन ध्यान बनाय रखा।

का टी-20 विश्व कप जीतब भारतीय मेहरारू क्रिकेट बरे एक नयी मिसाल बनि सकत अहै?

हाँ, बिल्कुल। हम बहुत टेम से ईकी तैयारी कइ रहे अही। हम अभी एक विश्व कप जीते अही अउर अब लगातार दूसरा विश्व कप जीतइ चाहत अही। पूरी टीम मा इहै भरोसा अहै। मेहरारू क्रिकेट मा लगातार दुइ विश्व कप जीतब अब तक नाहीं भवा अहै, ई बरे ई हमरे बरे एक बड़ी अउर रोमांचक चुनौती अहै। हम ई कइके इतिहास रचइ चाहत अही।

आगरा से विश्व चैंपियन बनै तक के सफ़र मा सबसे बड़ी सीख का रही?

हम अपने आप का भाग्यशाली मानित अही कि हमका बहुत जादा संघर्ष नाहीं करइ परा। जबहूँ उतार-चढ़ाव आवत अहै, तौ हम अपने भाई सुमित से बात करित अही। हम मैचन अउर हमरी बल्लेबाजी-गेंदबाजी के वीडियो देखित अही अउर समझित अही कि हम टीम बरे अउर नीक कइसे कइ सकित अही। इहै हमरे बरे सबसे बड़ी सीख रही अहै कि हर हाल मा अपने आप का लगातार नीक बनावत रहै का चाही।

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