केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 15 मई का पुट्टपर्थी मा एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) परियोजना क नींव धरे के मउका पर आंध्र प्रदेश क मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू क दूरदर्शिता, तकनीकी समझ अउर विकास की तईं उनकै लगन क खूब बड़ाई करिन। कार्यक्रम का संबोधित करत हुए सिंह नायडू क टेक्नोलॉजी की तईं लगाव अउर भविष्य की सोच क सराहना करत हुए कहिन कि अपने लम्बे सार्वजनिक जीवन मा हम बहुतै नेता लोगन का देखे अहैं अउर कई जनप्रतिनिधिन के साथे काम करै क मउका मिला अहै। हम बहुतै दूरदर्शी लोगन के साथे काम करे हन, लेकिन नायडू गारू मा टेक्नोलॉजी की तईं जउन जुनून, विकास क प्रति समर्पण अउर भविष्य क देखै क जउन समझ अहै, वहि बहुतै कम देखै का मिलत है।
राजनाथ सिंह आगू कहिन कि हमार मानब अहै कि नायडू क मामला मा छोटी सोच रखब एकदम नामुमकिन अहै। सिंह आंध्र प्रदेश क तरक्की की तईं मुख्यमंत्री क मेहनत क तारीफ करत हुए कहिन कि जउन लगन से उ आंध्र प्रदेश क विकास बर काम करे अहैं, हम पूरे भरोसा के साथ कहि सकत हन कि एकर सराहना न सिर्फ भारत मा बल्कि पूरी दुनिया मा भई अहै।
एकरे पहिले, मुख्यमंत्री नायडू एएमसीए परियोजना का आंध्र प्रदेश क “फटाफट काम करै क ताकत” अउर रक्षा विनिर्माण क बड़का केंद्र बनै क सपना क प्रतीक बताइन। उ इ बात पर जोर दीन कि इ पहल से भारत क अपनी रक्षा क्षमता मजबूत होई अउर एयरोस्पेस क्षेत्र मा आत्मनिर्भर भारत का सहारा मिली।
आंध्र प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के हिसाब से, नायडू भारत क बढ़त तकनीकी ताकत क उदाहरण के तौर पर ऑपरेशन सिंदूर क भी जिक्र करिन। एक जानकारी के मुताबिक, करीब 650 एकड़ मा फैली ₹15,803 करोड़ क इ परियोजना से लगभग 7,500 रोजगार पैदा होइ क उम्मीद अहै अउर एमा एक खास रक्षा टाउनशिप भी बनावा जाई।
इ कार्यक्रम मा नायडू, सिंह अउर राज्य मंत्री नारा लोकेश ड्रोन सिटी कार्यक्रम के तहत दूसर रक्षा कामन के साथै एएमसीए परियोजना क नींव धरिन। तीनेउ जने मिसाइल, हथियार अउर एक लड़ाकू जहाज क प्रोटोटाइप वाली रक्षा प्रदर्शनी क भी जायजा लीन।
परियोजना क दायरा: एमा एक उड़ान परीक्षण केंद्र, नौसेना प्रणाली सुविधा, रक्षा ऊर्जा इकाइयां, गोला-बारूद संयंत्र अउर ड्रोन सिटी से जुड़ी तमाम परियोजनाएं शामिल अहैं। देशभर क राजनीति, ताजा खबरन अउर बड़ी बातन से जुड़े रहै बर पढ़त रहैं राष्ट्रीय खबरन का।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 15 मई का पुट्टपर्थी मा एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) परियोजना क नींव धरे के मउका पर आंध्र प्रदेश क मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू क दूरदर्शिता, तकनीकी समझ अउर विकास की तईं उनकै लगन क खूब बड़ाई करिन। कार्यक्रम का संबोधित करत हुए सिंह नायडू क टेक्नोलॉजी की तईं लगाव अउर भविष्य की सोच क सराहना करत हुए कहिन कि अपने लम्बे सार्वजनिक जीवन मा हम बहुतै नेता लोगन का देखे अहैं अउर कई जनप्रतिनिधिन के साथे काम करै क मउका मिला अहै। हम बहुतै दूरदर्शी लोगन के साथे काम करे हन, लेकिन नायडू गारू मा टेक्नोलॉजी की तईं जउन जुनून, विकास क प्रति समर्पण अउर भविष्य क देखै क जउन समझ अहै, वहि बहुतै कम देखै का मिलत है।
राजनाथ सिंह आगू कहिन कि हमार मानब अहै कि नायडू क मामला मा छोटी सोच रखब एकदम नामुमकिन अहै। सिंह आंध्र प्रदेश क तरक्की की तईं मुख्यमंत्री क मेहनत क तारीफ करत हुए कहिन कि जउन लगन से उ आंध्र प्रदेश क विकास बर काम करे अहैं, हम पूरे भरोसा के साथ कहि सकत हन कि एकर सराहना न सिर्फ भारत मा बल्कि पूरी दुनिया मा भई अहै।
एकरे पहिले, मुख्यमंत्री नायडू एएमसीए परियोजना का आंध्र प्रदेश क “फटाफट काम करै क ताकत” अउर रक्षा विनिर्माण क बड़का केंद्र बनै क सपना क प्रतीक बताइन। उ इ बात पर जोर दीन कि इ पहल से भारत क अपनी रक्षा क्षमता मजबूत होई अउर एयरोस्पेस क्षेत्र मा आत्मनिर्भर भारत का सहारा मिली।
आंध्र प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के हिसाब से, नायडू भारत क बढ़त तकनीकी ताकत क उदाहरण के तौर पर ऑपरेशन सिंदूर क भी जिक्र करिन। एक जानकारी के मुताबिक, करीब 650 एकड़ मा फैली ₹15,803 करोड़ क इ परियोजना से लगभग 7,500 रोजगार पैदा होइ क उम्मीद अहै अउर एमा एक खास रक्षा टाउनशिप भी बनावा जाई।
इ कार्यक्रम मा नायडू, सिंह अउर राज्य मंत्री नारा लोकेश ड्रोन सिटी कार्यक्रम के तहत दूसर रक्षा कामन के साथै एएमसीए परियोजना क नींव धरिन। तीनेउ जने मिसाइल, हथियार अउर एक लड़ाकू जहाज क प्रोटोटाइप वाली रक्षा प्रदर्शनी क भी जायजा लीन।
परियोजना क दायरा: एमा एक उड़ान परीक्षण केंद्र, नौसेना प्रणाली सुविधा, रक्षा ऊर्जा इकाइयां, गोला-बारूद संयंत्र अउर ड्रोन सिटी से जुड़ी तमाम परियोजनाएं शामिल अहैं। देशभर क राजनीति, ताजा खबरन अउर बड़ी बातन से जुड़े रहै बर पढ़त रहैं राष्ट्रीय खबरन का।
