धार क भोजशाला मंदिर पय हाई कोर्ट क ऐतिहासिक फैसला
मध्य प्रदेश के धार जिला मा स्थित भोजशाला-कमल मौला परिसर पय लम्बे समय से चला आवत बिवाद मा एक्क ऐतिहासिक फैसला सुनावत हुए, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय सुक्कवार क भोजशाला परिसर क मंदिर घोषित कई दिहिस अउर हिंदू मनइन के एह जगह पय पूजा करै के अधिकार क बरकरार रक्खिस। फैसला सुनावत हुए अदालत कहेस कि पुरातत्व एक्क विज्ञान आय अउर बिवाद क निबटारा करत समय वैज्ञानिक अध्ययनन से निकरे नतीजा पय भरोसा कीन जा सकत है। पच्छिम बंगाल विधानसभा क नवा अध्यक्ष बीजेपी के रथिंद्र बोस बने, सुवेंदु अधिकारी कुर्सी तक पहुंचाइन।
पीठ इहउ कहेस कि आपन नतीजा पय पहुंचे से पहिले सबुहिन पक्षन के संबैधानिक अधिकारन क ध्यान मा रक्खा गवा है। पीठ आदेश सुनावत हुए कहेस कि हम उन सब वकीलन क धन्यबाद देत हन जिन्है अदालत क मदद कीन। हम तथ्यन अउर एएसआई अधिनियम क जांच कीन। पुरातत्व एक्क विज्ञान आय, अउर एह पय आधारित नतीजन पय भरोसा कीन जा सकत है।
राजा भोज क राज अउर संस्कृत शिक्षा
अदालत अगवा कहेस कि परमार राजा भोज के राज मा, ई जगह संस्कृत शिक्षा क केंद्र रही अउर हिंवा देवी सरस्वती क समर्पित एक्क मंदिर रहा। मुस्लिम पक्ष कहेस कि उ पंचे फैसला क पढ़िहैं अउर समझिहैं, अउर कहेन कि उ पंचे एह फैसला क सुप्रीम कोर्ट मा चुनौती दिहैं।
आपन फैसला मा, हाई कोर्ट भोजशाला परिसर क संरक्षित स्मारक घोषित कई दिहिस अउर एका मंदिर के रूप मा मान्यता दइ दिहिस। जज साहेब कहेन कि हिंदू मनइन क एह जगह पय पूजा करै क अधिकार है अउर सुझायन कि सरकार अउर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) क परिसर के भीतर संस्कृत शिक्षा क इंतज़ाम करै पय भी बिचार करै चाही। कश्मीर शराब नीति: ‘संतन की भूमि’ पय शराब नाहीं! उमर अब्दुल्ला सरकार क बीजेपी क ‘लॉकडाउन’ क चेतावनी।
वाग्देवी मूरति क वापसी अउर फैसला क असर
अदालत वाग्देवी मूरति क वापसी से जुड़ा लम्बे समय से चला आवत मुद्दा पय भी बिचार कीन अउर कहेस कि केंद्र सरकार मूरति क भारत वापस लावै अउर मंदिर मा फेरु से अस्थापित करै के ताईं कदम उठाय सकत है। एह जगह क लय क दसकन से चला आवत बिवाद क देखत हुए, एह फैसला क धरमिक अउर राजनीतिक दुइनौ पहलू पय गहिरा असर पड़ै क आशंका है। देस भर क राजनीति, ताज़ा घटना अउर बड़ी खबरन से जुड़ा रहै के ताईं पढ़त रहैं National News in Hindi।
धार क भोजशाला मंदिर पय हाई कोर्ट क ऐतिहासिक फैसला (दोहराव)
मध्य प्रदेश के धार जिला मा स्थित भोजशाला-कमल मौला परिसर पय लम्बे समय से चला आवत बिवाद मा एक्क ऐतिहासिक फैसला सुनावत हुए, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय सुक्कवार क भोजशाला परिसर क मंदिर घोषित कई दिहिस अउर हिंदू मनइन के एह जगह पय पूजा करै के अधिकार क बरकरार रक्खिस। फैसला सुनावत हुए अदालत कहेस कि पुरातत्व एक्क विज्ञान आय अउर बिवाद क निबटारा करत समय वैज्ञानिक अध्ययनन से निकरे नतीजा पय भरोसा कीन जा सकत है। पच्छिम बंगाल विधानसभा क नवा अध्यक्ष बीजेपी के रथिंद्र बोस बने, सुवेंदु अधिकारी कुर्सी तक पहुंचाइन।
पीठ इहउ कहेस कि आपन नतीजा पय पहुंचे से पहिले सबुहिन पक्षन के संबैधानिक अधिकारन क ध्यान मा रक्खा गवा है। पीठ आदेश सुनावत हुए कहेस कि हम उन सब वकीलन क धन्यबाद देत हन जिन्है अदालत क मदद कीन। हम तथ्यन अउर एएसआई अधिनियम क जांच कीन। पुरातत्व एक्क विज्ञान आय, अउर एह पय आधारित नतीजन पय भरोसा कीन जा सकत है।
राजा भोज क राज अउर संस्कृत शिक्षा (दोहराव)
अदालत अगवा कहेस कि परमार राजा भोज के राज मा, ई जगह संस्कृत शिक्षा क केंद्र रही अउर हिंवा देवी सरस्वती क समर्पित एक्क मंदिर रहा। मुस्लिम पक्ष कहेस कि उ पंचे फैसला क पढ़िहैं अउर समझिहैं, अउर कहेन कि उ पंचे एह फैसला क सुप्रीम कोर्ट मा चुनौती दिहैं।
आपन फैसला मा, हाई कोर्ट भोजशाला परिसर क संरक्षित स्मारक घोषित कई दिहिस अउर एका मंदिर के रूप मा मान्यता दइ दिहिस। जज साहेब कहेन कि हिंदू मनइन क एह जगह पय पूजा करै क अधिकार है अउर सुझायन कि सरकार अउर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) क परिसर के भीतर संस्कृत शिक्षा क इंतज़ाम करै पय भी बिचार करै चाही। कश्मीर शराब नीति: ‘संतन की भूमि’ पय शराब नाहीं! उमर अब्दुल्ला सरकार क बीजेपी क ‘लॉकडाउन’ क चेतावनी।
वाग्देवी मूरति क वापसी अउर फैसला क असर (दोहराव)
अदालत वाग्देवी मूरति क वापसी से जुड़ा लम्बे समय से चला आवत मुद्दा पय भी बिचार कीन अउर कहेस कि केंद्र सरकार मूरति क भारत वापस लावै अउर मंदिर मा फेरु से अस्थापित करै के ताईं कदम उठाय सकत है। एह जगह क लय क दसकन से चला आवत बिवाद क देखत हुए, एह फैसला क धरमिक अउर राजनीतिक दुइनौ पहलू पय गहिरा असर पड़ै क आशंका है। देस भर क राजनीति, ताज़ा घटना अउर बड़ी खबरन से जुड़ा रहै के ताईं पढ़त रहैं National News in Hindi।