भारत मा रक्षा के क्षेत्र मा आत्मनिर्भर बनै कइ दिसा मा एक अउर बड़ा कदम उठावा गवा है। गुजरात के वडोदरा मा बना पहिला C-295 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट जहाज अब पूरी तईं तैयार अहै। भारतीय वायुसेना के एक टीम ई जहाज क मुआयना करै पहुँची। ई जहाज टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स अउर एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के मिला-जुला प्रयास से बनावा गवा अहै।
जहाज क खासियत
C-295 जहाज अपनी मजबूती अउर हर काम मा माहिर होय खातिर जाना जात है। ई जहाज छोट अउर कच्चा रनवे से भी उड़ान भरि सकत है। इमा एक साथे 71 जवान या 50 पैराट्रूपर्स सफर करि सकत हैं। ई जहाज अइसन जगह भी पहुँच सकत है जहाँ बड़के जहाजन खातिर पहुँचना मुश्किल होत है।
ऐतिहासिक संदर्भ
ई जहाज क इतिहास बहुतै गौरवशाली रहा है। अमेरिका ईरान मा बंधक बनावा गय अपने पायलटन् अउर नागरिकन का बचावै खातिर इहै श्रेणी के जहाजन का इस्तेमाल करै क योजना बनाय रहा। हालांकि, उ समइ ई जहाज दूसरे रूप मा रहा, मुला एकर काम करै क ताकत पूरी दुनिया क धियान अपनी ओर खींचिस रहा।
भारत खातिर अहमियत
भारत 56 C-295 जहाजन खातिर एयरबस के साथे समझौता करे है। इमा से 16 जहाज सीधे स्पेन से अइहैं, जबकि बाकी 40 जहाज भारतै मा वडोदरा के टाटा प्लांट मा बनावा जइहैं। ई ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र मा एक बहुतै बड़ी कामयाबी अहै, जेसे देस क सुरक्षा अउर मजबूत होई।