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सीबीएसई क नावा सर्कुलर जारी: 2026 से कक्षा 9 के छात्रन खातिर 3 भाखा पढ़ब होई जरूरी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) कक्षा 9 अउर 10 खातिर आपन भाखा नीति मा एक बड़ा बदलाव कीन है। 15 मई, 2026 क जारी एक सर्कुलर मा बोर्ड ई बात पक्की कीन है कि 1 जुलाई, 2026 से, साल 2026-27 के पढ़ाई वाले सत्र मा कक्षा 9 के छात्रन का सीबीएसई से जुड़ा सब इस्कूलन मा अपने पढ़ाई के हिस्सा के तौर पर तीन भाखा पढ़ब जरूरी होई। मुला, तीसरी भाखा खातिर कक्षा 10 मा बोर्ड परीक्षा नाहीं देय का पड़ी।

ईसे पहिले, सीबीएसई के हिसाब से जउन पढ़ाई वाली रिपोर्ट रही ओमा कहा गवा रहा कि तीन-भाखा वाला नियम कक्षा 6 से शुरू होइके साल 2030-31 तक कक्षा 10 तक लागू होई। हालांकि 15 मई, 2026 के नवे सर्कुलर मा ई मूल ढांचा मा कउनो बदलाव नाहीं कीन गवा है, मुला ईमा कक्षा 9 अउर 10 खातिर समय अउर ओका अमल मा लावे क बात पक्की क दीन गयी है, जेकरे तहत 1 जुलाई, 2026 से कक्षा 9 के पढ़ाई मा तीन भाखा जरूरी क दी गयी हैं। काहेकि ई बदलाव 2026-27 के सत्र पर लागू होई, जउन कि अप्रैल मा शुरू होइ चुका है, यहि बरे सीबीएसई नवा नियम लागू करत समय एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के साथे आपन पढ़ाई के योजना का सही से मिलावे खातिर एक बीच का रास्ता अपनावे क फैसला कीन है।

नवा नियम क ढांचा: संशोधित व्यवस्था के तहत, छात्र R1, R2 अउर R3 के रूप मा बांटी गयी तीन भाखा पढ़िहैं। सीबीएसई साफ कर दिहिस है कि ईमा से कम से कम दुई भाखा भारतीय मूल क होय के चाही।

छात्र कउनो विदेशी भाखा भी चुन सकत हैं, मुला खाली तबै जब बाकी दुई भाखा भारतीय होय। विदेशी भाखा का अलग से चौथे विषय के तौर पर भी लीन जा सकत है। 15 मई का जारी सीबीएसई के सूचना मा कहा गवा है कि 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 खातिर तीन भाखा (R1, R2, R3) क पढ़ाई जरूरी होई, जेमा से कम से कम दुई भाखा भारतीय मूल क होय के चाही। सूचना मा आगे ईहो कहा गवा है कि जउन छात्र विदेशी भाखा पढ़ब चाहत हैं, वे ओका तीसरी भाखा के तौर पर तबै पढ़ि सकत हैं जब बाकी दुई भाखा भारतीय मूल क होय, या फिर ओका अलग से चौथी भाखा के रूप मा पढ़ि सकत हैं। पूरी जानकारी www.cbseacademic.nic.in पर देखी जा सकत है।

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