आज इतवार का सबेरे नौ बजे से लखनऊ के कैसरबाग इलाका मा स्थित पुरान हाईकोर्ट भवन के चारों कइती बने अवैध कब्जन का हटावे के बड़ी कार्रवाई शुरू कीन गइ। ई कार्रवाई के विरोध करय ताईं भारी संख्या मा वकील बटोर भयेन अउर प्रदर्शन करै लागेन, जिनका मौक़ा पर मौजूद भारी पुलिस बल खदेड़ दीहिस। वकीलन की कइती से कवनो बड़े विरोध या हंगामे से निपटै ताईं प्रशासन पहिले से ही भरपूर पुलिस बल के पुख्ता इंतजाम करे रहा।
हाईकोर्ट के सख्त हुकुम पर एक्शन
ई पूरी कार्रवाई हाईकोर्ट के कड़े हुकुम पर कीन जात अहै। हटाए जा रहे ई अवैध कब्जन मा सबसे ढेर संख्या खुद वकीलन के अवैध चैंबरन के ही अहै। शुरू मा नगर निगम कोर्ट का खाली 72 अवैध कब्जाधारियन के लिस्ट सौंपी रहा, लेकिन पाछे जब दुबारा सर्वे करवावा गवा तौ अवैध कब्जन के संख्या बढ़ि के लगभग 200 पाइ गइ।
#देखें | लखनऊ, उत्तर प्रदेश: कैसरबाग मा सिविल कोर्ट के बाहर बने चैंबरन पर नगर निगम द्वारा चलाए गए ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान विरोध कर रहे वकीलन का भगावे ताईं पुलिस लाठीचार्ज करिस। (नोट: कड़ा भाषा) pic.twitter.com/cYaf65Dppz — ANI (@ANI) 17 मई, 2026
कहाँ-कहाँ बना रहा अवैध कब्जा?
सर्वे के हिसाब से, पुरान हाईकोर्ट अउर कचहरी के आस-पास के इलाकन मा अवैध कब्जा ई तरइ से बाँटा रहा, सुरेंद्र नाथ रोड पर 72 अवैध कब्जा, स्वास्थ्य भवन से कलेक्ट्रेट चौराहा अउर चकबस्त रोड तक 47 अवैध कब्जा, राजस्व परिषद से स्वास्थ्य भवन तक 25 अवैध कब्जा अउर नाले के ऊपर 50 से जादे अवैध चैंबर अउर दुकान। नगर निगम ई कार्रवाई से पहिले 16 मई तक सबका कब्जा हटावे के नोटिस दइ दिहे रहा अउर अवैध निर्माण पर लाल निशान भी लगाइ दिहे रहा। ई सख्ती का देखत भये कइयउ वकीलन कार्रवाई से पहिले ही खुदै अपने चैंबरन से जाली अउर सामान हटाउब शुरू कइ दिहे रहेन।
कोर्ट काहे दिहिस रहा कब्जा हटावे के हुकुम?
हाईकोर्ट के जज राजेश सिंह चौहान अउर जज राजीव भारती की बेंच ई हुकुम सुनाइस अहै। ई फैसला वकील अनुराधा सिंह, वकील देवांशी श्रीवास्तव अउर उनकी महतारी अरूणिमा श्रीवास्तव कइती से दाखिल कीन गइ एक याचिका पर सुनवाई के बाद आवा अहै। ई याचिका मा शिकायत कीन गइ रही कि कचहरी रोड पर अवैध कब्जन के आड़ मा लगातार अराजकता अउर अव्यवस्था फैलत अहै।
पुलिस बल ना मिलै से रुकी रही कार्रवाई, 25 मई का मांगी रिपोर्ट
इससे पहिले नगर निगम ई बहाना बनाइके कार्रवाई टाल दिहे रहा कि बिना भरपूर पुलिस बल के वकीलन के कब्जा हटाउब मुमकिन नाहीं अहै। ई पर अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट जिला प्रशासन का तुरंत भरपूर पुलिस बल मुहैया करावे के निर्देश दिहिस। एकरे साथै कोर्ट प्रशासन का कड़ा हिदायत दिहिस अहै कि ऊ 25 मई का होवै वाली अगली सुनवाई मा ई पूरी कार्रवाई के पूरा ब्यौरा कोर्ट के सामने पेश करै।