
केंद्रीय मंत्रिपरिषद में 15 से 18 जून के बीच बड़ा फेरबदल भवे के आसार हैं। संकेत मिलत हैं कि जरूरी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा नेतृत्व द्वारा राजनीतिक और संगठनात्मक ढांचा बदलै के तैयारी के तहत कई राज्य मंत्रियों समेत एक दर्जन से ज्यादा मंत्रियों का हटाय या बदलै का काम हो सकत है। पार्टी के सूत्र बतावत हैं कि कम से कम दुई कैबिनेट मंत्री और तीन राज्य मंत्रियों के सरकार से बाहर होय के उम्मीद है। एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री का अगले कछु दिनन में राजनीतिक रूप से बहुत जरूरी दक्षिणी राज्य में भाजपा का नेतृत्व करै के जिम्मेदारी दीन जा सकत है। इ फेरबदल में 10-12 मंत्रालयन के नेतृत्व में भी बदलाव होय के उम्मीद है, जवने में कई मंत्री अलग-अलग विभाग में भेजे जइहैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल से एनडीए के साथी दलान के प्रतिनिधित्व भी मजबूत होय के उम्मीद है। सूत्र बतावत हैं कि जनता दल यूनाइटेड, तेलुगु देशम पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा जइसन दलान का अउरी मंत्री पद मिल सकत हैं। हालांकि गठबंधन के ज्यादातर साथी दलान का राज्य मंत्री स्तर पर प्रतिनिधित्व मिल सकत है, लेकिन एक या दुई नेता मंत्रिमंडल में शामिल कीन जा सकत हैं। खबरन के मुताबिक, भाजपा इन बदलावन का आखिरी रूप देत समय क्षेत्रीय संतुलन, जातिगत प्रतिनिधित्व और चुनावी रणनीति पर पूरा ध्यान लगावत है।
इ फेरबदल भाजपा के भीतर चलत संगठनात्मक बदलावन के बीच भवा है। हाल ही में, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का उत्तर प्रदेश का भाजपा अध्यक्ष बनावा गा है। अइसने, हर्ष मल्होत्रा का दिल्ली भाजपा का नया अध्यक्ष बनावा गा है। सूत्रन के मुताबिक, इ फेरबदल के नतीजा के रूप में 10 से 12 मंत्रालयन में बदलाव हो सकत हैं। समीक्षाधीन प्रमुख विभागन में रेलवे, वित्त, कॉर्पोरेट मामले, कोयला, वस्त्र, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास, कृषि, जल शक्ति, पर्यावरण, सहकारिता, मत्स्य पालन और विधि विभाग शामिल हैं। कछु मंत्रालय, जौन अभी अतिरिक्त जिम्मेदारी के तहत संभाल जा रहे हैं, उनका समर्पित कैबिनेट मंत्री मिल सकत हैं।
भाजपा द्वारा कर्नाटक में नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्ति करै के भी संभावना है। खबरन के मुताबिक, मौजूदा कैबिनेट मंत्री राज्य में पार्टी इकाई का कामकाज संभाल सकत हैं। पार्टी मणिपुर खातिर भी नया भाजपा अध्यक्ष के ऐलान करै के तैयारी करत है। सूत्रन इ भी इशारा दीन है कि भाजपा राज्यसभा के जरिये मणिपुर खातिर कैबिनेट प्रतिनिधित्व की सुविधा दे सकत है।
राज्यसभा में अपना कार्यकाल पूरा करै वाले कई मंत्रीन का संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी जा सकत है। इसके अलावा, सरकार में नवा जवान चेहरा का मौका देय के कोशिश के तहत 70 साल से ज्यादा उमिर वाले नेताना की समीक्षा की जात है। पार्टी के भीतर के लोग इ भी इशारा दीन हैं कि भाजपा मोर्चा के कछु नेता अपने संगठनात्मक अनुभव और काम के आधार पर पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में आ सकत हैं। अइसन भी चर्चा है कि बिहार में चुनावी संतुलन बनाय रखै खातिर एक कैबिनेट मंत्री का उसी सामाजिक वर्ग के कउनो अउरी नेता से बदल जा सकत है।
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