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ज्योतिरादित्य सिंधिया कहिन: दुई सदी से हिंदी पत्रकारिता राष्ट्र चेतना क रीढ़, राष्ट्र निर्माण मा अहम योगदान।

नई दिल्ली। केंद्रीय संचार अउर उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार क नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र मा आयोजित ‘हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी महोत्सव’ मा शामिल भइन। ई अवसर प, हिंदी पत्रकारिता क 200 गौरवशाली सालन क नमन करत भये, उ डाक विभाग द्वारा ‘उदंत मार्तंड’ पत्रिका प जारी स्मारक डाक टिकट, फर्स्ट डे कवर अउर ‘हिंदी पत्रकारिता: 200 साल की महागाथा’ ग्रंथ क विमोचन कइेन।

हिंदी पत्रकारिता राष्ट्र निर्माण क मजबूत धारा

अपने संबोधन मा सिंधिया कहिन कि हिंदी पत्रकारिता खाली समाचार क माध्यम नाहीं रही, बल्कि इ भारत क राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता आंदोलन, सामाजिक जागरण अउर लोकतांत्रिक मूल्यन क जन-जन तक पहुँचावे मा ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उ कहिन कि साल 1826 मा पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित ‘उदंत मार्तंड’ भारतीय समाज क अपनी आवाज दिहिस अउर राष्ट्र चेतना क अइसन मशाल जरावै क काम करिस, जेकर रोशनी आज भी समाज क रास्ता दिखावत है।

स्वतंत्रता संग्राम मा पत्रकारिता बनिस जन-जागरण क माध्यम: सिंधिया

केंद्रीय मंत्री सिंधिया कहिन कि स्वतंत्रता संग्राम क दौर मा हिंदी पत्रकारिता जन-जागरण क मजबूत माध्यम बनके काम करिस। लोकमान्य तिलक क ‘केसरी’, गणेश शंकर विद्यार्थी क ‘प्रताप’ अउर महामना मदन मोहन मालवीय क ‘अभ्युदय’ जइसन पत्रन राष्ट्रहित अउर जनचेतना क नई ऊर्जा दिहिन। उ कहिन कि पत्रकारिता भारत मा खाली एक पेशा नाहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण क एक आंदोलन रही है।

AI क दौर मा बढ़ गई सत्य अउर विश्वसनीयता क जिम्मेदारी

आज क दौर क चुनौतिन क जिक्र करत भये सिंधिया कहिन कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फेक न्यूज, डीपफेक अउर भ्रामक सूचनान क समय मा पत्रकारिता क जिम्मेदारी पहिले से जियादा बढ़ गई है। उ कहिन कि आज खबरन क बीच सत्य क पहचानना सबसे बड़ी चुनौती है अउर अइसन समय मा विश्वसनीय, निष्पक्ष अउर तथ्यपरक पत्रकारिता ही लोकतंत्र क सबसे बड़ी ताकत है।

डाक टिकट क माध्यम से वैचारिक विरासत क सम्मान

कार्यक्रम क दौरान जारी कइ गय स्मारक डाक टिकट अउर फर्स्ट डे कवर क हिंदी पत्रकारिता क दुई सौ साल क गौरवशाली परंपरा क समर्पित बतावत सिंधिया कहिन कि इ भारत क वैचारिक विरासत अउर जन-जागरण क उस परंपरा क सम्मान देवे क अवसर है, जेकर समाज क लगातार दिशा दिहिस है।

राम बहादुर राय अउर विजयदत्त श्रीधर क प्रयास क सराहना

कार्यक्रम मा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र क अध्यक्ष श्री राम बहादुर राय अउर माधवराव सप्रे संग्रहालय क संस्थापक-संचालक श्री विजयदत्त श्रीधर क खास भूमिका क जिक्र करत सिंधिया उनके इ ऐतिहासिक आयोजन क सफल आयोजन खातिर बधाई दिहिन। उ कहिन कि हिंदी पत्रकारिता क 200 साल क इ गौरवगाथा आने वाली पीढ़ी खातिर प्रेरणा, विचार अउर राष्ट्र निर्माण क रास्ता दिखावत रही। कार्यक्रम मा देशभर से आय वरिष्ठ पत्रकार, संपादक, साहित्यकार, शिक्षाविद अउर प्रबुद्धजन बड़ी संख्या मा मौजूद रहे।

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