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‘अत्यंत गंभीर चेतावनी’ कय मैसेज से घनघना उठल दिल्ली-एनसीआर कय फोन, जानब का आय रहा अलर्ट?

दिल्ली-एनसीआर अउर पच्छिमी उत्तर प्रदेश कय कुछ हिस्सा में लाखन मोबाइल फोन उपयोगकर्ता कय ‘अत्यंत गंभीर चेतावनी’ मिला, काहे से कि क्षेत्र में आंधी, पानी अउर तेज हवा चली, जवने से कई दिनन कय भीषण गर्मी से राहत मिला। हिंदी अउर अंग्रेजी दुन्नो भाषा में जारी ई आपातकालीन चेतावनी मोबाइल स्क्रीन पर तेज आवाज कय साथ देखाई दिहिस, जवने में अगिला तीन घंटा में खराब मौसम कय संभावना जतवावा गय रहा। संदेश में बिजुली गिरे कय साथ गरज, मध्यम से भारी बरखा, ओलावृष्टि अउर 60-80 किमी प्रति घंटा कय रफ्तार से चले वाली हवा कय चेतावनी दी गई रही, जवने कय गति 90 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकत रही।

चेतावनी काह रही?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी ई चेतावनी में कहा गय रहा कि खराब मौसम पच्छिमी उत्तर प्रदेश कय ढेर जिला कय प्रभावित कर सकत है, जवने में अलीगढ़, बागपत, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मथुरा अउर मेरठ सामिल हँय। रहै वालन कय सलाह दी गई रही कि ओ सब खराब मौसम में घर कय भीतर रहें अउर खुला क्षेत्र में जाए से बचें। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) बताइस कि तूफान कय कारन मध्यम से भारी बरखा अउर ओलावृष्टि भई है, जवने से फसल, पेड़, अस्थायी ढांचा अउर बिजुली कय खंभा कय नुकसान होय कय डर बढ़ गय है। अधिकारी लोग कम दृश्यता, पानी भरे अउर तेज हवा कय कारन दिक्कत होय कय चेतावनी भी दिहिन हँय। मनई लोगन से कहल गय है कि पेड़ कय नीचे न छिपें, बिजुली कय खंभा अउर पानी भरे जगह से दूर रहें, बाहेर राखल ढीली चीज कय सुरक्षित कर लें अउर जब तक हालात ठीक न होय, तब तक जरूरी न होय तौ यात्रा न करें।

ई चेतावनी उत्तर अउर मध्य भारत में मानसून से पहिले कय अस्थिर मौसम कय बीच आय है, जहाँ हाल कय दिनन में लू कय स्थिति धूल भरी आंधी, गरज अउर बरखा में बदल गय है। मौसम वैज्ञानिकन कय अनुसार, अइसन मौसम प्रणाली तेजी से बदल सकत है, जवने से तापमान में अचानक गिरावट, कम दृश्यता अउर संवेदनशील इलाका में बाढ़ आ सकत है। तूफान कय ई गतिविधि से हाल कय हफ्तान से क्षेत्र में चलत भीषण गर्मी से अस्थायी राहत मिलय कय उम्मीद है।

सरकार कय प्रसारण चेतावनी प्रणाली

ई पहल कय मकसद देशभर कय नागरिकन खातिर एक तेज, ढेर प्रभावी अउर मजबूत आपातकालीन संचार नेटवर्क बनावल है। एकरा दूरसंचार विभाग (DoT) गृह मंत्रालय (MHA) अउर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) कय तालमेल से लागू कीन है। ई प्रणाली पहली बार 2 मई कय शुरू कीन गई रही, जब भारत अपना स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम कय राष्ट्रव्यापी परीक्षण कय रहे। ई प्रणाली कय मोबाइल फोन पर सीधे तत्काल, जगह-बतावत आपदा चेतावनी देय खातिर बनावल गय है। ई परीक्षण कय तहत, उपयोगकर्ता कय अंग्रेजी, हिंदी अउर अलग-अलग क्षेत्रीय भाषा में चेतावनी संदेश मिल, अगर उनकर डिवाइस पर परीक्षण चेतावनी चैनल चालू रहा। अधिकारी लोग साफ कीन रहे कि ई सूचना खाली एक प्रणाली कय परीक्षण रहा अउर कउनो असली आपात स्थिति कय संकेत नाहीं रहा।

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