
सिर्फ एक फोन कॉल तंबाकू की लत छुड़ावे में मदद कर सकत है। देशभर में सवा दुई लाख से ज्यादा तराव (युवा) ‘राष्ट्रीय तंबाकू क्विट लाइन’ सेवा पर फोन करिके अपनी तंबाकू खाय की लत छोड़े हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में स्थित वल्लभ भाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट में 30 मई 2016 कय ‘राष्ट्रीय तंबाकू परामर्श हेल्पलाइन’ (1800112356) की शुरुआत भई रही। इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर अउर राष्ट्रीय तंबाकू क्विट लाइन सेवा के समन्वयक डॉ. राज कुमार बताइन कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के मौका पर ई हेल्पलाइन सेवा अपने दसन साल पूरे कइ लीन है। अप्रैल 2026 तक देश के एह इकलौती हेल्पलाइन पर तंबाकू छोड़य के बारे में करीब एक करोड़ कॉल आवा रही। एहसे मदद पाइके 2,32,870 लोग तंबाकू खाय पूरी तरह से छोड़ दियें हैं। उ बताइन कि पिछिले दस साल में क्विट लाइन 6.75 लाख तंबाकू खाय वालन का पंजीकृत कीन अउर 37 लाख से ज्यादा काउंसलिंग सेशन चलाइन। देश में लगभग 26.7 करोड़ लोग तंबाकू का सेवन करथें हैं, जउन दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा आँकड़ा है।
दिल्ली के 25 हजार से ज्यादा तराव लिहन सलाह
राष्ट्रीय तंबाकू परामर्श हेल्पलाइन पर दिल्ली के 25,310 लोग सलाह लिहिन। इनमें 79.5 प्रतिशत तराव रहे। सलाह लेय वालन में 32.52 प्रतिशत 18 से 24 साल के अउर 30.17 प्रतिशत 25 से 34 साल के बीच के रहे। उहीं, 5.47 प्रतिशत फोन करय वाले 17 साल से कम उमिर के रहे। हेल्पलाइन से सलाह लेय वाले 8,047 लोग तंबाकू छोड़य में सफल भयेन।
आयुष्मान भारत से जुड़य की जरूरत
डॉ. राज कुमार कहिन कि राज्य स्तर पर क्विट लाइन सेवा का बढ़ावय, मेडिकल की पढ़ाई में तंबाकू मुक्ति की ट्रेनिंग शामिल करय अउर आयुष्मान भारत योजना के साथ एकर एकीकरण करय की बहुत जरूरत है। अब सवाल इ नाहीं है कि राष्ट्रीय क्विट लाइन असरदार है कि नाहीं, बल्कि इ है कि इ सेवा का ऊ विस्तार कब मिली जउन एकर हक है। गौर करय वाली बात इ है कि देश में तंबाकू खाय के कारन हर साल 13.5 लाख से ज्यादा लोग मरि जात हैं। इ कैंसर से होय वाली लगभग एक-तिहाई मौतन के कारन मानि जात है।
हर साल 8 से 13 लाख कॉल मिलत हैं
डॉ. राज कुमार बताइन कि साल 2016 में क्विट लाइन का 50 हजार से ज्यादा आईवीआर कॉल मिलि रही, जबकि 2019 में इ संख्या बढ़िके 18 लाख से ज्यादा होइ गई। कोविड-19 महामारी के बाद से भी हर साल 8 से 13 लाख कॉल लगातार मिलत है। साल 2021 में पंजीकृत करय वाले लोगन की संख्या पहली बार एक लाख के पार पहुँची रही।
18 से 24 साल के 91 हजार से ज्यादा तराव छोड़िन तंबाकू
डॉ. राज कुमार के मुताबिक, उमिर के हिसाब से 18 से 24 साल के तराव सबसे बढ़िया काम किहिन। एह उमिर के 91,933 तराव तंबाकू छोड़य में सफल भयेन। राष्ट्रीय तंबाकू क्विट लाइन सेवा की सफलता दर 34.46 प्रतिशत है, जउन दुनिया भर में चलय वाली कई सफल क्विट लाइन सेवा के बराबर है। सबसे ज्यादा पंजीकरण उत्तर प्रदेश से भये हैं, जहवाँ 2,09,964 लोगन इ सेवा का इस्तेमाल कीन है।




