
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार भिनसार अमेरिका से भारत पहुँचि गइँ और दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन कय अगुआई करिहइँ। दिल्ली हवाई अड्डा पर ई ऑनलाइन आंदोलन कय संस्थापक हाथ में समाज सुधारक बीआर अंबेडकर कय आत्मकथा कय एक प्रति लिहें देखात रहे। भारत पहुँचैक बाद आपन पहिला संबोधन में, दिपके ढेर सारा प्रदर्शनकारियन कय साथ मिलिके केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कय इस्तीफा कय माँग करत नारा लगाइन। ई नारा NEET परीक्षा कय पेपर लीक मामला, CBSE कय ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में कथित गड़बड़ी और परीक्षा से जुड़ाव अउर खामियन कय लइके लगावा गवा रहा। ‘धर्मेंद्र प्रधान कय इस्तीफा देइके पड़ी’ और ‘धर्मेंद्र प्रधान, इस्तीफा दव!’ जइसन नारन कय अलावा ‘जय भीम’ कय नारा भी लगावा गवा।
कॉकरोच जनता पार्टी कय खिलाफ याचिका पर सुनवाई से HC कय इनकार, भारत रवाना भइँ संस्थापक अभिजीत दीपके
NEET-UG 2026 कय पेपर लीक मामला और CBSE कय ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में कथित अनियमिततान कय लइके मंत्री और शिक्षा विभाग आलोचना झेलत हइँ, जवने कय इस्तेमाल कक्षा 12 कय बोर्ड परीक्षा कय मूल्यांकन और पुनर्मूल्यांकन दुनौ खातिर कीन गवा रहा। लद्दाख कय 59 साल कय कार्यकर्ता, जेका क्षेत्र खातिर स्वायत्तता कय माँग करत भवा घातक प्रदर्शनन कय दौरान सितंबर में गिरफ्तारी कय बाद छह महीना तक हिरासत में राखा गवा रहा, पहिले ही ऐलान कइ दिहे रहे कि ऊ विरोध प्रदर्शन में शामिल होइहइँ। ऊ एक्स पर पोस्ट कइके कहे रहे कि अगर हम नइखय, तव कौन? अगर अबहीं नइखय, तव कब? अगर 5 जून तक कुछ न बदलल, तव हम 6 जून कय दिल्ली में मुख्य न्यायिक समिति कय सदस्यन कय साथ जुड़ जइब। अगर हालात इतने बिगड़त हइँ तव कौनों स्वाभिमानी मंत्री कय इस्तीफा देइ देइके चाहि… लाखन जुआनन कय जिन्दगी और असल में भारत कय भविष्य पर पड़त प्रभाव कय तव जिक्र ही नइखे करेक चाहि।
कॉकरोच जनता पार्टी कय नया धमाल, अभिजीत कहे- स्वागत नइखय करबौ हमार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कीन गवा एक वीडियो में, ऊ धर्मेंद्र प्रधान कय इस्तीफा कय माँग करत कहे कि उनकर चिंता NEET पेपर लीक और CBSE कय मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ल विवाद से बहुत ज्यादा व्यापक हव। ऊ कहे कि राउर खातिर NEET और CBSE परीक्षा हव, लेकिन हमार खातिर ई एक बड़का मुद्दा हव। पिछला चार दशक से, हम दूर-दराज कय इलाका में सरकारी स्कूलन में शिक्षा कय बेहतर बनावे कय कोशिश कइ अही। जब हमका कौनों बदलाव नइखय देखात, तव हमका निराशा होत हव और हमका कुछ करेक जरूरत महसूस होत हव।