
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के कर्नाटक राज्य प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने ऐलान कीन कि वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी आधिकारिक तौर पर आपन इस्तीफा वापस लइ लिहें। यह ऐलान, जेसे पार्टी के संगठन मय मजबूती बनी रही, कई दौर के बड़का-बड़का विचार-विमर्श के बाद भवा है, जवने कर मकसद घर के भीतर के झगड़ा सुलझावे का रहा। सुरजेवाला जोर दइ के कहीं कि रेड्डी साहब का जो ढेर दिन का प्रशासनिक अनुभव है, ऊ पार्टी खातिर बहुत कीमती है। उंन्होन पुष्टि करीन कि ई अनुभवी नेता संगठन के एक निष्ठावान सिपाही के तौर पर आपन काम करत रहिहें अउर अपना मंत्री पद प बने रहिहें।
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खबर के मुताबिक, ई समाधान से विपक्ष की रणनीति हिल गइ है, काहे से कि कांग्रेस नेतृत्व का मानब है कि घर के भीतर जौन बदलाव भवा, ओकर सही ढंग से मैनेजमेंट देख के भारतीय जनता पार्टी अभी तक भौंचक्का है। पार्टी के बड़का नेता अउर रेड्डी के बीच संगठन के शिकायत दूर करे खातिर बहुत गहन बातचीत भइ, ओकरे बाद इस्तीफा वापस लेवे का फैसला भवा। सुरजेवाला ने सुरुवाती मनमुटाव का बस एक छोट-मोट गलतफहमी बतावत, राज्य की इकाई में रेड्डी साहब की बहुत बड़ी अहमियत का फिर से दोहरान। ई गतिरोध का जल्दी सुलझा के, पार्टी आपन मंत्रिमंडल की स्थिरता बनावे अउर कानून बनाए के खास मोड़ प एकजुट होके आवे में कामयाबी पा लिही है।
पार्टी के अंदरूनी लोग बतावत हैं कि जल्दी फैसला लेवे से गुटबाजी का खतरा खत्म होइ गवा है, जवने से अब हाई कमान पूरा ध्यान आपन काम अउर शासन चलावे प लगाय सकत है।
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नेतृत्व के संकट सुलझावे के साथ-साथ, कांग्रेस पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव खातिर आपन तैयारी भी बढ़िया से कर लिही है। वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद आपन कई प्रमुख साथी के साथ राज्यसभा अउर राज्य विधान परिषद, दुनौ महत्वपूर्ण सीट खातिर औपचारिक नामांकन दाखिल कर दिहिन है। ई नामांकन पार्टी के राज्य के तंत्र द्वारा आपन ताकत बढ़ावे के एक बड़का प्रयास है। ई प्रक्रिया कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में नामांकन दाखिल करे के बाद भई है, जौन ई साफ करत है कि केंद्र का राज्य की इकाई के विकास खातिर पूरा समर्थन मिलत है।