
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के कॉर्पोरेट मामलों के निदेशक और उद्योगपति मुकेश अंबानी के करीबी साथी और सलाहकार परिमल नथवानी ने भाजपा विधायकों के समर्थन से झारखंड राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना परचा दाखिल कीन। जेएमएम के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा भी सोमवार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मौजूदगी में अपना नामांकन भरा।
नामांकन दाखिल करे के बाद नथवानी सीट जीते के लेके काफी भरोसा में दिखे। उनकर कहना रहा कि, “हम पहले भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं और सीट जीत चुके हैं। सब दलों के विधायक हमार समर्थन करत रहे हैं और ई बार भी करब। हमें कउनो के ऊपर दबाव डाले के जरूरत नहीं है और हमें पूरा भरोसा है कि जौन काम हम अतीत में करे हैं, ओकर आधार पर हम खुद ही जीत हासिल कर लेब।”
उन्हों आगे कहिन कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सब दलों के विधायक उनके पक्ष में मतदान करब, जवने से उनकर जीत पक्का हो जाई। 2014 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी जीत के याद करत नथवानी कहिन कि, “ई उनकर करे गए काम के ही नतीजा रहा जवने से उन्हें जनसमर्थन मिला, और उन्हें भरोसा है कि ई बार भी अइसने होई।”
नथवानी कहिन कि वे पहले 2008 और 2014 में झारखंड से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और लगभग हर क्षेत्र में काम करे हैं। उन्हों कहिन कि, “हम झारखंड के अपनी ‘कर्मभूमि’ बनाए हैं, तवसे हम कभी भी बाहरी नहीं रहे। अगर हमें मौका मिला, तव हम पहले से भी ज्यादा काम करब।”
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी भी परिमल नथवानी के झारखंड से राज्यसभा सांसद रह चुके होने के जिक्र करे और जोर दई के कहिन कि उनके पिछला कामन के ध्यान में रखा जाए।
हालाँकि भाजपा परिमल नथवानी के अपना समर्थन दई दी है, लेकिन अभी तक एकर कउनो आधिकारिक घोषणा नहीं कीन है। मरांडी कहिन कि वोटन की संख्या भले ही कम हो, लेकिन नथवानी के रिकॉर्ड पर ध्यान देवे के चाही, न कि सिर्फ संख्या पर।