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‘गोल्ड लोन कय पूरा डेटा दओ’, सरकार काहे अउर केकर-केकर से मांग लीहिन ई जानकारी

‘गोल्ड लोन कय पूरा डेटा दओ’, सरकार काहे अउर केकर-केकर से मांग लीहिन ई जानकारी?

सोना के दाम मां भारी गिरावट कय बीच अउर कुछ महीना मां गोल्ड लोन, गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) अउर सोना कय आयात-निर्यात से जुड़य वाले नियमन मां बड़ा बदलाव देखय का मिल सकत अहै। देश मां सोना कय बढ़त आयात अउर गोल्ड फाइनेंसिंग सिस्टम कय समीक्षा कय बीच केंद्र सरकार बैंकन से गोल्ड लोन (Gold Loan) अउर गोल्ड मेटल लोन (GML) से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी अहै। वित्त मंत्रालय कय ई कदम का सोना से जुड़य नियमन मां संभावित बदलाव कय तैयारी कय तौर पर देखा जाइ रहा अहै।

DFS मांगिस 2023 से अब तक कय पूरा डेटा

रिपोर्ट कय मुताबिक, वित्त मंत्रालय के तहत आवय वाले वित्तीय सेवा विभाग (DFS) बैंकन का निर्देश दइ दिहिन अहै कि उ 2023 से अब तक दिहिन गोल्ड मेटल लोन अउर लोन अगेंस्ट गोल्ड से जुड़य पूरा डेटा उपलब्ध करावें। ईमां लोन कय मात्रा, ग्राहकन कय संख्या, अंतरराष्ट्रीय गोल्ड सप्लायर, पोर्टफोलियो कय आकार, गिरवी रखय गय सोना कय मात्रा अउर उधार लेवय वालन कय संख्या जइसन जानकारी शामिल अहै।

का RBI कउनो बड़ा फैसला लेय कय तैयारी मां अहै?

सूत्रन कय मुताबिक, बैंकन से ई जानकारी जल्द उपलब्ध करावय कय कहा गवा अहै। बैंकिंग सेक्टर कय अधिकारी मानत अहैं कि सरकार अउर रिजर्व बैंक (RBI) सोना से जुड़य वित्तीय उत्पाद कय पूरी तस्वीर समझय चाहत अहैं, जवने कय बाद कउनो नीतिगत फैसला लइ सकत अहैं।

गोल्ड लोन पर खास फोकस

गोल्ड मेटल लोन (GML) सिस्टम कय तहत बैंक विदेश से सोना उधार लइके ज्वेलरन का देत अहैं। ज्वेलर ई सोना कय इस्तेमाल गहना बनावय मां करत अहैं। मौजूदा समय मां करीब एक दर्जन बैंक ई व्यवस्था कय जरिए गोल्ड कारोबार का फंडिंग देत अहैं। जानकारन कय कहब अहै कि सरकार ई समझय कय कोशिश करत अहै कि GML कय असली इस्तेमाल कतना होत अहै अउर एकर सोना कय आयात पर का असर पड़त अहै। जून-जुलाई का आमतौर पर गोल्ड कारोबार कय सुस्त सीजन मानल जात अहै, एहसे ई समय समीक्षा करब आसान अहै।

इंडस्ट्री का सुझाव दयस?

सोना उद्योग से जुड़य संगठन सरकार अउर RBI का कई ठु सुझाव दियें अहैं। सबसे प्रमुख सुझाव ई अहै कि बैंक गोल्ड मेटल लोन खतिर सीधे आयातित सोना कय जगह घरेलू रिफाइनरी मां शुद्ध कय गय रिफाइंड डोरे गोल्ड बार कय इस्तेमाल करैं। डोरे गोल्ड (Dore Gold) कच्चा रूप मां आयात कय गय सोना होत अहै, जवने का भारत मां रिफाइन कय शुद्ध बनावा जात अहै। उद्योग कय तर्क अहै कि अगर GML खतिर रिफाइंड डोरे बार कय इस्तेमाल बढ़ी तौ देश मां तैयार सोना कय आयात कम होई अउर घरेलू रिफाइनिंग उद्योग का बढ़ावा मिली।

गोल्ड ETF खतिर भी सुझाव

उद्योग जगत ई भी सुझाव दयस अहै कि गोल्ड ETF योजना का भी आयातित सोना कय जगह रिफाइंड डोरे गोल्ड बार खरीदय कय अनुमति मिलय। ईसे विदेशी सोना पर निर्भरता कम होई अउर आयात बिल मां कमी आ सकत अहै। हाल ही मां कुछ फंड हाउस गोल्ड स्कीम मां नवा निवेश पर सीमा लगाय रहेन, जवने कय बाद ई मुद्दा अउर जोर-शोर से सामने आवा अहै।

निर्यात नीति मां ढील कय मांग

सोना उद्योग सरकार से निर्यात नियम मां कुछ ढील देवय कय मांग कीहिन अहै। उद्योग कय कहब अहै कि भारत मां मांग कम होय पर बिना बिका सोना का चीन अउर तुर्किये जइसन बाजार मां निर्यात करय कय अनुमति मिलय। फिलहाल बैंक एक्स्ट्रा सोना विदेशी बुलियन सप्लायर का वापस भेज सकत अहैं, लेकिन व्यापक निर्यात नीति से कारोबार का ज्यादा राहत मिल सकत अहै। ईसे रुपया पर दबाव अउर चालू खाता कय घाटा का भी नियंत्रित करय मां मदद मिल सकत अहै।

रिकॉर्ड आयात के बाद बढ़ी चिंता

वित्त वर्ष 2025-26 मां अब तक सोना कय आयात 24% बढ़िकै 71.9 अरब डॉलर कय रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गवा अहै। हालांकि आयात कय मात्रा 721 टन रही, जउन पिछले साल से कम अहै। मतलब ई अहै कि मंहगाई कय चलते आयात बिल तेजी से बढ़त अहै। सूत्रन कय मुताबिक, सरकार कय सामने नकद भुगतान पर कंट्रोल, घरेलू सोना कय रिसाइक्लिंग का बढ़ावा, गोल्ड लोन ढांचा मां सुधार अउर आयातित सोना कय बेहतर इस्तेमाल जइसन कई प्रस्ताव विचारधीन अहैं। मतलब साफ अहै कि वित्त मंत्रालय द्वारा बैंकन से मांगी गय ई जानकारी संकेत देत अहै कि सरकार गोल्ड सेक्टर खतिर एक बड़ा नीतिगत ढांचा तैयार करत अहै। आने वाले महीना मां गोल्ड लोन, गोल्ड ETF अउर सोना कय आयात-निर्यात से जुड़य नियम मां बड़ा बदलाव देखय का मिल सकत अहै।

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