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दीघा जगन्नाथ मन्दिर पर ‘धाम’ विवाद, CM मोहन मांझी सुवेन्दु कय लिखिन चिट्ठी- आहत भइन भावनाएं

ओड़िसा कय मुख्यमन्त्री मोहन चरण मांझी पच्छिम बंगाल कय नेता सुवेन्दु अधिकारी कय चिट्ठी लिखिके दीघा मा बनय जगन्नाथ मन्दिर परिसर कय नाम से ‘धाम’ शब्द हटाय कय गुहार लगाइन अहै। ऊ कहे कि ई शब्द खास कइके पुरी मा स्थित पवित्र जगन्नाथ मन्दिर से जुड़ा अहै।

अपने चिट्ठी मा मांझी कहे कि ‘दीघा जगन्नाथ धाम’ नाम कय इस्तेमाल से लाखों भगतन कय धार्मिक भावना अउर मन आहत भवा अहै अउर विद्वानन अउर सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनन मा चिन्ता बा। ऊ ई बात पर जोर दीहिन कि जगन्नाथ धाम कय आध्यात्मिक, ऐतिहासिक अउर सांस्कृतिक महत्त्व बहुत जादा अहै, काहे से ई पुरी मा स्थित मन्दिर कय ओर इशारा करत अहै, जवन हिन्दू धर्म कय चार पूजनीय धामन मा से एक अहै।

मांझी लिखे कि ई नामकरण कय आध्यात्मिक, ऐतिहासिक अउर सांस्कृतिक महत्त्व बहुत जादा अहै अउर अनगिनत भगतन कय आस्था अउर चेतना मा एकर एक अनूठा स्थान अहै। ऊ पच्छिम बंगाल सरकार से पुरी कय जगन्नाथ धाम कय पवित्रता अउर विशिष्ट पहचान कय बनाये राखय खतिन ‘श्री जगन्नाथ मन्दिर, दीघा’ जइसन कउनो दूसर नाम अपनाय कय अनुरोध करिन।

ई चिट्ठी पच्छिम बंगाल मा सरकार कय बदलाव कय बाद आवा अहै। मांझी भरोसा जतवाइन कि अधिकारी भगतन अउर हितधारकों द्वारा उठाय गय चिन्तान कय समझिहें अउर भगवान जगन्नाथ कय विरासत से जुड़ल मुद्दा पर उनके पुरान समर्थन कय याद दिलाइन।

पच्छिम बंगाल कय नेता सुवेन्दु अधिकारी ओड़िसा सरकार कय दीघा जगन्नाथ मन्दिर परिसर से ‘धाम’ शब्द हटाय कय प्रस्ताव कय मान लिहिन। ई फैसला ओड़िसा कय मुख्यमन्त्री मोहन चरण मांझी अउर कई धार्मिक नेताइन द्वारा उठाय गय चिन्तान कय बाद लीन्ह गय, जउन तर्क दिहिन कि ‘जगन्नाथ धाम’ शब्द खास कइके पुरी से जुड़ा अहै। ई मामला मा पुरी कय सांसद सम्बित पात्रा कय भी साथ मिला। ऊ कहे कि देश कय अउर हिस्सा मा जगन्नाथ मन्दिर बनय पर कउनो आपत्ति नाहीं अहै, पै दीघा मन्दिर खतिन ‘धाम’ शब्द कय इस्तेमाल गलत अहै।

पात्रा कहे, “जगन्नाथ धाम चार धामन मा से एक अहै। आप इहय तरे सनातनियन कय भावना के साथ खिलवाड़ नाहीं कइ सकत।” ऊ ई भी कहे कि ओड़िसा सरकार ई मुद्दा कय पहिले ही उठाय लिहिस है।

ई घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देत भय सुवेन्दु अधिकारी, मांझी अउर पात्रा द्वारा उठाय गय चिन्तान कय स्वीकार करिन। ऊ बताइन कि पच्छिम बंगाल कय पिछली सरकार ई सुविधा कय नाम ‘जगन्नाथ धाम सांस्कृतिक केन्द्र’ रखे रही, पै ऊ भरोसा दिहिन कि मन्दिर कय नाम से ‘धाम’ शब्द हटाय दीन्ह जाय।

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