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बंगाल मां अब नाहीं बची कोनो घुसपैठिया, शुभेन्दु अधिकारी सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियन कय खिलाफ छेड़ि दिहिन आर-पार कय जंग

पश्चिम बंगाल कय सीमा पर घुसपैठियन कय हालत तेजी से बदलत अहै। राज्य मां अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ कय खिलाफ चलत अभियान अब बहुत जरूरी मोड़ पर पहुँचि गवा अहै। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी जउन सख्ती अउर साफ-साफ लफ्जन मां अवैध घुसपैठियन कय खिलाफ मोर्चा खोलिन अहै, ओसे पूरे देश मां एक तगड़ा संदेश गवा अहै कि भारत कय सीमा अब कवनो कय खतिन खुला दरवाजा नाहीं रहिहै।

जलपाईगुड़ी कय साकाती इलाका मां श्याम सीमा चौकी कय लगे हाल मां भवा मामला ई पूरे संकट कय डरावनी तसवीर दिखावत अहै। बांग्लादेश कय दस लोगन कय परिवार कय पहले सीमा सुरक्षा बल वापस भेज दिहिस, पै बांग्लादेश ओनका लेबय से मना कय दिहिस। आरोप अहै कि सीमा पार कय सुरक्षाकर्मी गांव कय लोगन का भड़काइके ओस परिवार कय कागज तक छीन लिहिन अउर ओनका नो मैन्स लैंड मां धकेल दिहिन। कई दिन तक खुले आसमान कय नीचे पानी अउर कठिन हालत मां फंसा ई परिवार का आखिरकार भारत मानवीय आधार पर खाना अउर छत दिहिस। ई घटना साफ दिखावत अहै कि बांग्लादेश आपन खुद कय पहिचान कय लोगन से पल्ला झाड़त अहै, जबकि भारत लगातार धीरज अउर इंसानियत दिखावत अहै।

उधर, सीमा पर बढ़त तनाव कय बीच दिल्ली मां सीमा सुरक्षा बल अउर बांग्लादेश सीमा रक्षक बल कय बीच बड़-बड़ मीटिंग शुरू भई अहै। भारत साफ कय दिहिस अहै कि सीमा पर अपराध, अवैध घुसपैठ, तारबंदी तोड़े कय घटना अउर भारतीय नागरिकन पर हमला अब कवनो कीमत पर नाहीं सहा जाइ। दूसरी तरफ ढाका लगातार तथाकथित पुश-इन कय मुद्दा उठाइके दबाव बनावै कय कोसिस करत अहै। पै सच ई अहै कि बरिसन से लाखन अवैध घुसपैठिये भारत कय आबादी, सुरक्षा अउर संसाधन पर बोझ बनिके बैठी हैं। अब जब ओनकय खिलाफ कार्रवाई शुरू भई अहै तौ बांग्लादेश कय बेचैनी स्वाभाविक अहै।

हम आपका बताई देत अही कि मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी बहुत साफ लफ्जन मां कहे हैं कि राज्य मां अब अवैध घुसपैठियन कय कोनो जगह नाहीं अहै। ओन जानकारी दिहिन कि लगभग पांच हजार अवैध घुसपैठियन का पहले ही बांग्लादेश भेज दिहा गवा अहै, जबकि लगभग 900 लोग अभी भी होल्डिंग सेंटर मां रखे गए हैं। ई आँकड़ा बतावत अहै कि राज्य सरकार अब खाली बात नाहीं, जमीन पर कठोर कार्रवाई करत अहै। मुख्यमंत्री ई भी कहे हैं कि जउन लोग नागरिकता संशोधन कानून कय दायरा मां नाहीं आवत हैं, ओनका सीधे सीमा सुरक्षा बल का सौंप दिहा जात अहै। ई कदम राष्ट्रीय सुरक्षा कय खतिन बहुत जरूरी मानि जात अहै।

सबसे बड़ बात ई अहै कि पश्चिम बंगाल सरकार सीमा सुरक्षा बल का सीमा पर तारबंदी कय खतिन तेजी से जमीन दिहिस अहै। 556 किलोमीटर लंबी सीमा का सुरक्षित करय खतिन लगभग 100 किलोमीटर इलाका मां बाड़ लगावै कय काम तेजी से चलत अहै। हम आपका बताई देत अही कि ई वही सीमा अहै जउनके जरिए बरिसन से अवैध घुसपैठ, तस्करी अउर राष्ट्र विरोधी काम होत रहा अहै। अब ई रास्तन का बंद करय कय तैयारी घुसपैठियन अउर ओनकय मदद करय वालन मां डर पैदा कय दिहिस अहै।

उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी लगातार सीमा इलाकन कय दौरा कयके सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कय दिहिन अहै। हाल मां त्रिपुरा से लइके गुजरात अउर राजस्थान तक सीमा चौकीन पर जाइके ओने जवानन कय हौसला बढ़ायें। ओने साफ कहे हैं कि मोदी सरकार सीमा सुरक्षा बल का आधुनिक तकनीक, स्मार्ट फेंसिंग, ड्रोन अउर सेंसर जइसन सुविधा से लैस करत अहै। ओनकय साफ संदेश अहै कि भारत अब खाली सीमा कय देखरेख नाहीं करिहै, बल्कि हर घुसपैठिया कय पहचान कयके ओका बाहर करै कय रस्ता देखाइहै।

एकरे साथ ही अमित शाह सीमा से 50 किलोमीटर तक कय गाँव मां होत संदिग्ध आबादी बदलाव अउर अवैध निर्माण पर नजर राखय कय निर्देश भी दिहिन अहै। ई चेतावनी उन ताकतन कय खतिन अहै जउन सोची-समझी चाल से सीमावर्ती इलाकन कय आबादी कय ढांचा बदलै कय कोसिस करत रहीं। अब सुरक्षा एजेंसियां पूरी चौकसी से हर हलचल पर नजर राखत अहैं।

देखा जाइ तौ आज जरूरत ई बात कय अहै कि देश कय सुरक्षा कय खिलाफ काम करय वाला हर नेटवर्क का पूरी तरह खत्म कय दिया जाइ। अवैध घुसपैठ खाली कानून व्यवस्था कय मुद्दा नाहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्तित्व अउर सामाजिक संतुलन कय सवाल बन चुका अहै। पश्चिम बंगाल मां शुरू भवा ई अभियान अब पूरे देश कय खतिन मिसाल बनत दिखात अहै।

बहरहाल, बांग्लादेशी घुसपैठियन का ई समझि लेबय चाही कि ई अब पहिले वाला भारत नाहीं अहै। अब इहां घुसपैठ, फर्जी कागज, अवैध बसावट अउर आबादी घुसपैठ कय राजनीति नाहीं चलिहै। जउन लोग अवैध तरीका से भारत मां रहत हैं, ओनकय खतिन साफ संदेश अहै कि या तौ कानून मानिन या फिर वापस जाइ कय तैयारी करिन। भारत कय सीमा अब अभेद्य बनय कय रस्ता पर चलि दीहिन अहै अउर राष्ट्र कय सुरक्षा के साथ कवनो समझौता अब मुमकिन नाहीं अहै।

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