
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके मां बिगड़त हालात, पाकिस्तानी फौज कय जुल्म अउर लगातार सुलगत जनाक्रोश कय बीच भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी कय जम्मू-कश्मीर कय उधमपुर जिला स्थित उत्तरी कमान मुख्यालय पहुँचब बहुत जरूरी माना जात अहै। एक तरफ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर मां आम मनईयन पर गोलियन बरसाई जात अहैं, तौ दूसरी तरफ भारतीय सेना अपनी तैयारी, तकनीकी क्षमता अउर जंगी ताकत कय अउर मजबूत करय मां जुटी देखात अहै। इहै वजह अहै कि सेनाध्यक्ष कय इ दौरा बदलत सुरक्षा परिदृश्य कय बीच भारत कय सख्त रणनीतिक चेतावनी कय तौर पर भी देखा जात अहै।
हम आपकय बताइ देईं कि सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी उत्तरी कमान मुख्यालय मां अभियान संबंधी तैयारियों, क्षमता विकास अउर सेना कय आधुनिकीकरण अभियानों कय व्यापक समीक्षा करिन। सेना कय अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय जानकारी देत भवा बताइ कि सेनाध्यक्ष उत्तरी कमान अउर अलग-अलग सैन्य शाखाओं कय अधिकारियन कय साथ प्रत्यक्ष अउर डिजिटल माध्यम से विस्तार से चर्चा करिन। इ दौरान बहुआयामी सैन्य अभियानों, नई तकनीक कय इस्तेमाल, ढांचा विकास अउर हर परिस्थिति मां समेकित सैन्य तैयारी कय लेइके विस्तार से प्रस्तुति दीन्ह गय।
सूत्रन कय मुताबिक सेनाध्यक्ष कय इ बात कय जानकारी दीन्ह गय कि तेजी से बदलत सुरक्षा माहौल मां सेना कइसन डेटा आधारित युद्ध क्षमता, नेटवर्क आधारित संचालन अउर आधुनिक तकनीक कय सहारे अपनी ताकत कय नई धार देइत अहै। जनरल द्विवेदी साफ कहिन कि आवय वाला समय कय चुनौतियां पारंपरिक न होइहें, एहसे सेना कय तकनीकी रूप से अउर ज्यादा सक्षम अउर लचीला बनायब जरूरी अहै। उ नवाचार, आधुनिक युद्ध प्रणाली अउर तकनीकी अंगीकरण पर खास जोर दिहिन।
सेनाध्यक्ष अभियानगत क्षमताओं कय अउर मजबूत करय कय उपायन कय समीक्षा करत भवा अधिकारियन अउर जवानन कय अटूट प्रतिबद्धता कय सराहना करिन। उ कहिन कि हर परिस्थिति मां युद्ध कय तइयार रहब भारतीय सेना कय सबसे बड़ी ताकत अहै। इहै कारण अहै कि उत्तरी सीमा पर तैनात सेना लगातार अपनी तैयारी कय नया स्तर तक ले जाइब मां जुटी अहै।
देखा जाय तौ भारतीय सेना कय इ सक्रियता अइसन समय मां सामने आई अहै जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर मां हालात विस्फोटक बने अहैं। हुंवा पाकिस्तानी सुरक्षा बलन कय बर्बर कार्रवाई पूरा इलाका कय दहलाई दिहिन अहै। खुफिया कागजात कय अनुसार पांच जून से नौ जून कय बीच पाकिस्तानी सेना अउर सुरक्षा एजेंसी आम मनईयन कय खिलाफ सुनियोजित हिंसा करिन। बतावा गय अहै कि बारमंग पुल गोलीकांड कय बाद हालात तेजी से बिगड़िन अउर आर्थिक सुधार कय मांग करय वाली संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी कय आतंकवाद विरोधी कानूनन कय तहत प्रतिबंधित कर दीन्ह गय।
रिपोर्ट मां दावा करय मां आवा अहै कि संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी कय नेता शहजैब हबीब कय हत्या कय बाद मनईयन कय गुस्सा अउर भड़क उठा। हम आपकय बताइ देईं कि आधिकारिक आंकड़ा मां जहां मरय वालन कय संख्या ग्यारह बताई जात अहै, वहीं खुफिया रिपोर्ट मां दावा करय मां आवा अहै कि मरय वालन मां 19 बच्चा अउर सात गर्भवती मेहरारू भी शामिल अहैं। इ आरोप भी लगावा गय अहै कि पाकिस्तान मुख्य भूमि से करीब चौदह हजार अतिरिक्त सैनिक पीओके मां उतार दिहिन अहै।
सबसे गंभीर आरोप इ अहै कि पाकिस्तानी सुरक्षा बल निहत्थे शोक जुलूस अउर आम मनईयन कय काफिला पर सीधा गोली चलाइन। पूरा इलाका मां संचार सेवा ठप कर दीन्ह गय। इंटरनेट अउर मोबाइल नेटवर्क बंद कर दीन्ह गय, जबकि शहरन, कसबन अउर गांवन मां पूरा बंद जइसन माहौल बना रहा। कई इलाका मां बैंक, दवा कय दुकान अउर जरूरी सेवा तक बंद रही। मीरपुर डिवीजन मां हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण बतावा जात अहैं, जहां भीमबर अउर कोटली समेत कई इलाका से मनई मुजफ्फराबाद मार्च कय तइयार भये रहे। मीरपुर कय कायदे आजम स्टेडियम कय आस-पास भारी भीड़ जमा भइ, जवने कय बाद पूरा इलाका मां प्रदर्शन अउर हड़ताल तेज होइ गय। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर प्रशासन संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी कय दुइ नेता कय खिलाफ राजद्रोह कय कार्रवाई शुरू कर दिहिन अहै। एहसे मनईयन मां अउर ज्यादा गुस्सा फैल गय अहै।
इ तरह, एक तरफ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर मां अपनी ही जनता कय खिलाफ दमनचक्र चलावा जात अहै, तौ दूसरी तरफ भारतीय सेना सीमा पर चौकन्नी अउर पूरी तरह तइयार देखात अहै। उधमपुर मां सेनाध्यक्ष कय समीक्षा बैठक इ साफ कर दिहिन अहै कि भारत खाली सीमा कय रक्षा ही नाहीं करय लाग अहै, बल्कि बदलत जंगी माहौल मां हर मोर्चा पर अपनी ताकत कय नई धार देय मां जुटल अहै। वहीं पीओके मां उबलत जनाक्रोश पाकिस्तान कय उ चेहरा कय बेनकाब करय लाग अहै, जवन दुनिया कय सामने लोकतंत्र कय बात करत अहै, लेकिन अपने कब्जा कय इलाका मां जनता कय आवाज कय गोलियन से कुचलत अहै।