
एलन मस्क अइसन धन-दौलत क बवंडर मां पहुँचि गय अहैं, जहवां आज तक इतिहास मां कोनो अउर मनई नाहीं पहुँचि सका। SpaceX कै ब्लॉकबस्टर IPO क बाद, कंपनी क कागजात अउर फोर्ब्स क अनुमान क हिसाब लगाय त रॉयटर्स क कैलकुलेशन कहत अहै कि मस्क दुनिया क पहिला ट्रिलियनेयर बनय क राह पै अहैं अउर उनकर कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर से जादा होइ सकत अहै। मस्क क ई महादौलत मां अकेले SpaceX सबसे बड़ योगदान दै वाला बनिके निकरा अहै।
बाकिर जब पूरी दुनिया मस्क क ई कामयाबी क जसन मनाइ रही अउर उनकर पइसा क हिसाब लगाइ रही रही, तबे मस्क क एक वीडियो क्लिप इंटरनेट पै आगि जइसन फैलि गवा। ई वीडियो मां ई नवा ट्रिलेनियर ई इशारा करत नजर आवत अहैं कि एक दिन पइसा आपन औकात (वैल्यू) खोई देई। पइसा क महत्व खतम होइ जाई। ई वीडियो क्लिप 2026 क Abundance Summit क दौरान एलन मस्क अउर पीटर डियामंडिस क बीच भई बातचीत क अहै। वीडियो मां मस्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अउर रोबोट्स क असर वाले भविष्य क बारे मां बात करत अहैं। अइसन भविष्य जहवां मशीनें इतना जादा काम करय लागैं कि काम, कमाई अउर पइसा क जो पुरान सोच अहै, ऊ पूरा बदल जाई।
मस्क कहिन, “हमरे लगे Universal High Income (UHI) होइ। हम बुनियादी तौर पै बस मनईयन का पइसा इशू करय लगब।” उनकर मुताबिक, AI अउर रोबोट्स आखिर मां इतना सामान अउर सेवा पैदा करय लागैं कि आज क तुलना मां हमरी अर्थव्यवस्था बिल्कुल अलग तरीका से काम करय लागी। AI अउर रोबोट्स मिलिके इतना चीज बनाइहैं अउर इतना सर्विस दैहिन कि मनई क करय क लागि कोनो काम नाहीं बची। एकर बाद मस्क ऊ बात कहिन जवन अब हर जगह वायरल होइ रही अहै: “भविष्य मां एक समय अइसन आइ जब पइसा क कोनो मतलब नाहीं रहि जाई।” एक पै पीटर डियामंडिस हंसिके पूछिन, “मने ठीक ऊ समय जब आप एक मल्टी-ट्रिलेनियर बनत अहा, पइसा क वैल्यू कम होय लागी?” मस्क जबाब दिहिन, “हाँ, बिल्कुल अइसने।”
आखिर मस्क का कहय चाहत अहैं? मस्क क मानब अहै कि AI भरपूर संसाधन वाला दौर लइ आवत अहै, अइसन दुनिया जहवां मशीनें इतना जादा सामान बनावैं कि चीज बहुत सस्ती अउर आसानी से मिलय लागैं। मस्क कहत अहैं कि समाज का ई बहस करय क बजाय कि लोगन का कम से कम इनकम मिलय कि नाहीं, Universal High Income क तरफ बढ़य का चाही। ई विचार बहुत सीधा अहै: अगर AI क जरिये सामान बनाबय क खर्चा एकदम कम होइ जाई, त मनई का सिर्फ बुनियादी जरूरत पूरा करय क लागि नाहीं, बल्कि एक बढ़िया लाइफस्टाइल जीय क लागि भी इनकम या क्रेडिट दीन जाइ सकत अहैं।
मस्क क तर्क अहै कि ई दुनिया मां ऊ चीज भी, जवन आज बहुत मँहगी अहैं, जइसे कि इलाज, घर, खाना अउर अउर सर्विस, सब क पहुँच मां होइ जाइहैं। ऊ आपन ई सोच का AI, रोबोटिक्स अउर टेस्ला क ह्यूमनॉइड रोबोट Optimus जइसन प्रोजेक्ट्स से जोड़त अहैं। अगर पइसा जरूरी नाहीं रही, त कीमती का होइ? मस्क एकर बहुत अनोखा जबाब दिहिन। ऊ सुझाव दिहिन कि एडवांस्ड AI सिस्टम का डॉलर जइसन मनई क करेंसी से कोनो मतलब नाहीं होइ। एकर बजाय, ऊ असली दुनिया क सीमा यानी ऊर्जा अउर फिजिकल रिसोर्सेज का ऑप्टिमाइज करिहैं।
AI मनई क पइसा क इस्तेमाल नाहीं करी। ओका सिर्फ पावर अउर मास से मतलब होइ: यानी वॉट अउर टन से। सरल भाषा मां कहि त मस्क क मानब अहै कि भविष्य क अर्थव्यवस्था ई बात पै कम निर्भर करी कि ककरे लगे कितना कैश अहै, बल्कि ई बात पै जादा टिकी होइ कि ककर बिजली, कंप्यूटिंग पावर, फैक्ट्रियों अउर कच्चा माल पै कंट्रोल अहै।




