
शुक्रवार कय तृणमूल कांग्रेस मां कब्जा कय लड़ाई अउर तेज होइ गवा। पार्टी कै सांसद महुआ मोइत्रा बागी सांसदन् पर तगड़ा हमला बोलिन, जबकि बागी सांसद खुल्लम-खुल्ला बीजेपी कै अगुवाई वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के साथ अपना रिश्ता मजबूत करै कय बात कहिन अउर संसद मां अलग पहचान बनावै कय योजना पर आगे बढ़िन। इ टकराव तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ै वाले संकट के बीच होइ रहा है, जउन हाल ही मां भये पच्छिम बंगाल विधानसभा चुनाव मां पार्टी कै खराब प्रदर्शन के बाद पैदा भवा है। बागी सांसदन् के एक गुट लोकसभा मां बैठै खातिर अलग जगह कय मांग किहिन है, तौ वहीं पार्टी से अलग भये वरिष्ठ नेता नेतृत्व के काम-काज अउर भविष्य कय रास्ता पर खुल्लम-खुल्ला सवाल उठावा हैं।
X पर एक पोस्ट मां मोइत्रा कहिन कि बागी नेता संविधान कय नियमन् कय गलत समझत हैं अउर ओहरे मनई एक अलग संसदीय गुट के तौर पर मान्यता कय दावा नहीं कइ सकत। ओहरे लिखिन कि TMC कै गद्दार सांसदन् कय कानून कय जानकारी नहीं है। संविधान के 91वें संशोधन (2003) मां अलग गुट बनावै कय नियम खतम कइ दीहा गवा रहा। सांसदन् कय गिनती कय कोनो मतलब नहीं है। मूल राजनीतिक पार्टी के दू-तिहाई सदस्यन् कय कवनो दूसरी पार्टी मां विलय करै कय होत है। सब 19 गद्दारन् कय इस्तीफा दइके बीजेपी कै टिकट पर चुनाव लड़ै कय पड़ी।
कृष्णानगर कै सांसद अपना एक पुरान पोस्ट कय भी जिक्र करिन, जवने मां ओहरे कहे रहिन कि अगर बागी सांसद TMC के दू-तिहाई सांसदन् कय समर्थन पा भी लेइथिन, तौ भी ओहरे आपन-आप एक स्वतंत्र संसदीय समूह के तौर पर काम करै कय हकदार नहीं होइ जइहिन। मोइत्रा के अनुसार, अइसन कवनो कदम उठावै पर दल-बदल विरोधी कानून के तहत विलय से जुड़ल संवैधानिक नियमन् कय पालन करै कय होई। ओहरे अपनी बात कै समर्थन मां सुभाष देसाई बनाम महाराष्ट्र के राज्यपाल के प्रधान सचिव मामला मां सुप्रीम कोर्ट के 2023 के फैसला कय भी हवाला दिहिन।
पार्टी लीडरशिप बागी गुट कय बात कय खारिज कइ दिहिन है, लेकिन बागी गुट के सदस्य अभी भी पूरा भरोसा के साथ अपनी बात कहत हैं। ANI से बात करत भये, बागी सांसद अरूप चक्रवर्ती दावा करिन कि संसद मां अलग बैठै कय गुट कय मांग कय करीब 20 सांसद समर्थन करत हैं। चक्रवर्ती कहिन कि हमके 20 सांसदन् कय समर्थन हासिल है। इ आरोप कय खारिज करत कि बागी नेता राजनीतिक फायदा खातिर अइसन करत हैं, ओहरे कहिन कि इ गुट “TMC कय बचावै” अउर ओहरे नया रूप मां फिर से खड़ा करै कय चाहत है।