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US-Iran शांति समझौता: भारत कय भूमिका नदारद, सुप्रिया श्रीनेत कै मोदी सरकार पय हमला

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत रितवार कय घोषित अमेरिका अउर ईरान कय बीच 60 दिन कय शांति समझौता अउर पच्छिम एशिया संकट सुलझावै कय कोसिस कय समर्थन करिन। हालाँकि, उ शांति प्रक्रिया मां सामिल न होय अउर भारतीय नाविकन कय मउत पय प्रतिक्रिया कय लइकय भारत सरकार कय आलोचना करिन। ANI से बात करत भये श्रीनेत कहिन कि हम शांति कय कउनो भी पहल कय स्वागत करत अही, काहे से दुनिया मां जहवां भी जुद्ध होत है, ओकर खामियाजा आम मनईन कय भुगतय का परत है।

हमारे तीन नाविक शहीद भये, अउर काहे? काहे से अमेरिका बेरहमी से उनका मारि डारेस। यह जानत भये भी कि उ जहाज पय भारतीय क्रू रहा, हमारे प्रधानमंत्री एक सब्द भी नाहीं कहिन। उ न तव शोक जतवाइन, न कउनो सहानुभूति देखाइन अउर न कउनो शोक संदेश भेजिन। अमेरिका कय सामने आपत्ती जताय तव बहुत दूर कय बात अहै।

श्रीनेत आगय कहिन कि हम शांति कय स्वागत करत अही, लेकिन हम ई भी पूछय चाहत अही कि एहमां भारत कय कउनो भूमिका काहे नाहीं रही? शांति कय इतना बड़ा समझौता होत है अउर एहमां पाकिस्तान—जउन एक बेचारा आतंकी देस है—भूमिका निभावत है। वॉशिंगटन अउर तेहरान कय बीच भये ई अहम कामयाबी मां एक अइसन समझौता सामिल है, जवने से पच्छिम एशिया मां “शांति अउर सुरक्षा” अउर रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) कय फिर से खुलय कय उम्मींद अहै।

ईरान कय कानूनी अउर अंतरराष्ट्रीय मामला कय उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ई समझौता कय पुष्टि करिन अउर भविष्य कय बातचीत खातिर ईरान कय सरत बताइन। ईरान कय सरकारी प्रेस टीवी कय अनुसार, ग़रीबाबादी कहिन कि आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह सुक्रवार कय स्विट्ज़रलैंड मां होई, जवने कय बाद आपसी सहमति पत्र (MoU) कय टेक्स्ट सार्वजनिक कीन जई। उ कहिन कि ईरान अंतिम समझौता खातिर प्रस्तावित 60 दिन कय बातचीत कय प्रक्रिया मां तबी सामिल होई, जब ई पुष्टि होइ जाई कि अमेरिका दुसमनी खत्म करय, नाकेबंदी हटाय अउर ईरान कय संपत्ति जारी करय से जुड़य अपने वादा पूरा कय लिहिस है।

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