
पश्चिम बंगाल के नदिया से लइके असम के मनकाचर तक घुसपैठ कय जउन लगातार कोसिस होइ रह अहै, उ इ साबित करत अहै कि बांग्लादेशी घुसपैठिया अउर ओनका पनाह देवे वाले लोग भारत के सीमा का कमजोर समझे कय भूल करत अहैं। पै अब हालत बदल चुका अहै। सीमा सुरक्षा बल अउर असम पुलिस जउन सख्ती अउर हिम्मत के साथ इ घुसपैठियन का रोके कय अभियान चलावा अहै, ओसे साफ भवा अहै कि भारत कउनो कीमत पर अवैध घुसपैठ कबो नाहीं मानि।
हम तनिक बताइ दीं कि नदिया जिला के मुरुतिया इलाका मां पिछला तीन दिन से भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव बना अहै। सीमा सुरक्षा बल अउर बांग्लादेश सीमा रक्षक बल के बीच 12 लोगन का लइके टकराव चलत अहै। बांग्लादेश कय ओर से दावा कीन गवा कि इ सब भारतीय नागरिक अहैं, पै सीमा सुरक्षा बल इ दावा का पूरी तरह खारिज कर दिहिन। भारतीय अधिकारी साफ कहिन कि इ सब बांग्लादेशी घुसपैठिया अहैं अउर ओनका कउनो हाल मां भारतीय सीमा मां नाहीं घुसै दीन जाइ।
हालत तब अउर तनावपूर्ण होइ गवा जब बांग्लादेश कय ओर से भीड़ जमा कइके सीमा सुरक्षा बल पर दबाव बनावे कय कोसिस कीन गै। सीमा पर गाली-गलौज अउर उकसावे कय घटना भी सामने आई, पै भारतीय जवान चट्टान कस अडिग ठाड़ रहे। दू दौर कय बातचीत भवा, फ्लैग मीटिंग भी भवा, पै सीमा सुरक्षा बल अपना रुख मां तनिक भी नरमी नाहीं देखावा। भारतीय अधिकारी साफ कर दिहिन कि भारत अब घुसपैठियन खातिर खुला दरवाजा नाहीं अहै।
इ 12 लोग सीमा कय ‘नो मैन्स लैंड’ मां धान कय खेत के लगे बइठे देखा गए। स्थानीय लोग ओनका खाना अउर थोड़िक ठिकाना दीन, पै सीमा सुरक्षा बल लगातार ओनकर हर हरकत पर नजर रखे अहै। भारतीय अधिकारी कहत अहैं कि इ सब बांग्लादेशी नागरिक अहैं अउर गलत तरीका से भारत मां घुसै कय कोसिस करत रहे।
उहई ओती, असम के मनकाचर सेक्टर मां भी अइसने तनाव बना अहै। हुंवा नौ बांग्लादेशी नागरिक ‘नो मैन्स लैंड’ मां फंसा अहैं। सबसे अचरज वाली बात इ अहै कि इ लोगन मां से एक जने खुद मान लिहे कि ऊ बांग्लादेशी नागरिक अहै अउर काम कय तलाश मां भारत आवा अहै। ऊ साफ कहिस कि ओकरे लगे बांग्लादेश कय कागज अहै। इकरे बाद भी भारत मां घुसै कय कोसिस इ देखावत अहै कि सुनियोजित तरीका से गलत रस्ता से प्रवेश कराये जात अहै।
हम बताइ दीं कि सीमा सुरक्षा बल अउर असम पुलिस पिछला एक हफ्ता मां 21 घुसपैठियन का भारत मां आवै से रोके अहैं। इनमे मेहरारू अउर बच्चा भी शामिल रहे। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा इ कार्रवाई कय बहुत बड़ाई कीन अहैं। ऊ कहिन कि सीमा कय सुरक्षा अउर घुसपैठ रोके खातिर बहुस्तरीय रणनीति पर काम होइ रह अहै। ओनकर इ बयान देश कय सुरक्षा नीति कय साफ संदेश अहै कि अब अवैध घुसपैठ कउनो रूप मां बर्दाश्त नाहीं कइ जात।
मुख्यमंत्री एक अउर बहुत जरूरी बात कहिन। ऊ मानिन कि खाली असम कय सीमा बंद कइ देवे से समस्या नाहीं सुलझी। अगर मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम अउर पश्चिम बंगाल कय सीमा खुली रही, त घुसपैठिया दूसर रस्ता से भारत मां घुस जाइहें। इहई कारन अहै कि अब पूरा सोलह सौ किलोमीटर लंबा भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र का मजबूत करे पर जोर दीन जात अहै। ऊ इका ऐतिहासिक भूल बताइन कि बरसन तक कइयौ सीमाई हिस्सा बिना बाड़ अउर सुरक्षा के खुला छोड़ दीन गय रहे।
देखा जाय त अब समय आ चुका अहै कि भारत पूरी कठोरता के साथ इ साफ कर दे कि अवैध घुसपैठ कउनो कीमत पर नाहीं स्वीकार कीन जाइ। सीमा पार से आवे वाले घुसपैठिया खाली कानून-व्यवस्था कय संकट नाहीं पैदा करत, बल्कि जनसंख्या संतुलन, राष्ट्रीय सुरक्षा अउर सामाजिक स्थिरता खातिर भी गंभीर खतरा बनत अहैं। इहई कारन अहै कि सीमा सुरक्षा बल कय वर्तमान कार्रवाई खाली एक अभियान नाहीं, बल्कि राष्ट्र रक्षा कय निर्णायक लड़ाई अहै। साथ ही बांग्लादेशी घुसपैठियन अउर ओनका संरक्षण देवे वाले गिरोहन का इ समझ लेवे चाही कि भारत अब पुराना वाला भारत नाहीं अहै। सीमा पर तैनात जवान हर साजिश कय जवाब देवे खातिर तैयार अहैं। जउन लोग गलत तरीका से भारत मां घुसै कय सपना देखत अहैं, ओनका इ चेतावनी याद रखे चाही कि अब सीमा के इ पार कदम रखते ही कानून कय डंडा ओनकर इंतज़ार करी। भारत कय सीमाएं सुरक्षित रही, सुरक्षित अहै अउर सुरक्षित ही रही।