
पीएम किसान कय 23वीं किस्त कय इंतज़ार खतम होइ गवा अहै। 2,000 रुपिया कय अगली किस्त 20 जून, 2026 कय किसानन कय खाता मां जारी कीन जई। PM किसान सम्मान निधि कय आधिकारिक X हैंडल पै लिखल अहै कि PM-KISAN योजना कय 23वीं किस्त 20 जून, 2026 कय जारी कीन जई, जवने से किसानन कय बैंक खाता मां सीधे समय पै आर्थिक मदद मिलि।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च कय असम कय गुवाहाटी मां PM किसान सम्मान निधि योजना कय 22वीं किस्त जारी करिन अउर 9.32 करोड़ किसानन कय 18,640 करोड़ रुपिया बांटिन। इन 22 किस्तन कय ज़रिये, PM मोदी इ योजना कय तहत 4.25 लाख करोड़ रुपिया से ज़्यादा कय रक़म बांटि चुके अहैं।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बताइन कि 20 जून कय दुपहर 3:45 बजे, ‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ पै, पीएम मोदी पश्चिम बंगाल कय हुगली ज़िला कय तारकेश्वर मां प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कय 23वीं किस्त जारी करिहं। अब तक, 22 किस्तन कय ज़रिये लगभग 9.5 करोड़ किसानन कय खाता मां क़रीब 4 लाख 28 हज़ार करोड़ रुपिया ट्रांसफर कीन जा चुका अहै, अउर 20 तारीख कय इ फंड कय ज़रिये देश भर कय किसानन कय खाता मां 18,800 करोड़ रुपिया से ज़्यादा कय रक़म ट्रांसफर कीन जई।
उ कहिन कि बंगाल मां अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कय पइसा ठीक से नाइ मिलि पाय अहै काहे से राज्य सरकार लाभार्थी कय लिस्ट ठीक से नाइ भेजिन अहै। अब, 44 लाख से ज़्यादा किसानन कय खाता मां 885 करोड़ रुपिया अइहै। मध्य प्रदेश मां, 23वीं किस्त कय तौर पै 21 लाख से ज़्यादा किसानन कय खाता मां 1634 करोड़ 88 लाख रुपिया जमा कीन जई। मध्य प्रदेश मां अब तक 22 किस्तन मां किसानन कय खाता मां 33,721 करोड़ रुपिया ट्रांसफर कीन जा चुका अहै।
‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ कय कार्यक्रम देश भर कय सगरी 731 कृषि विज्ञान केंद्रन, कृषि स्कूलन अउर राज्य-स्तरीय कार्यक्रमन मां आयोजित कीन जई, जवने मां अलग-अलग राज्यन कय मुख्यमंत्री सामिल होइहं। केंद्रीय मंत्री अउर कृषि मंत्री भी इमां हिस्सा लिहिन… हर राज्य अउर ग्राम पंचायत स्तर पै भी कार्यक्रम आयोजित कीन जई।
PM किसान योजना कय खातिर कौन पात्र अहै?
PM-किसान कय 23वीं किस्त कय खातिर पात्र होय कय खातिर, व्यक्ति कय नीचे दी गई शर्तन कय पूरा करेक पड़ी:
– भारतीय नागरिक होय
– खेती योग्य ज़मीन कय मालिक होय
– छोट या सीमांत किसान होय
– अइसन रिटायर व्यक्ति न होय जवने कय हर महीना कम से कम 10,000 रुपिया पेंशन मिलत होय
– इनकम टैक्स न भरत होय
– संस्थागत ज़मीन कय मालिक न होय।