
सनातन धर्म मां तुलसी के पौधा कय बहुत महत्व अहै। हिंदू धर्म कय मानय के अनुसार, तुलसी मां मां लक्ष्मी कय वास माना गवा अहै। इ पौधा कय सही दिशा मां लगावे से जीवन मां शुभ परिणाम मिलत अहै अउर घर मां सुख-शांति बनी रहत अहै। कई बार तुलसी सूख जात अहै। अब आपके मन मां सवाल आवत होई कि सूखी भई तुलसी शुभ अहै या अशुभ। ऐसे मां आइ अब हम आपको विस्तार से बतावत अही।
सूखी भई तुलसी शुभ या अशुभ?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर मां सूखी तुलसी सकारात्मक ऊर्जा कय आवागमन नाहीं होय देत अहै। सूखी तुलसी कय अशुभ माना जात अहै। इससे नकारात्मक ऊर्जा मां बढ़ोतरी होत अहै। साथ ही तुलसी के सूखय पर आर्थिक या पारिवारिक संकट कय संकेत मिलत अहै। इहइसी खातिर कहा जात अहै कि घर मां भूलकर भी सूखी भई तुलसी कय नाहीं राखे के चाही।
तुलसी सूखय पर का करैं?
अगर आपके घर मां लागी तुलसी सूख गई अहै, तौ ओका सम्मान के साथ गमला से निकाल लइ लेईं। ओकरे बाद ओका कवनो पवित्र नदी मां बहा दीहीं। अगर अइसन संभव नाहीं अहै, तौ कवनो पेड़ के लगे माटी मां दबा दीहीं। सूखी भई तुलसी कय भूलकर भी कूड़ेदान मां नाहीं फेंके के चाही। अइसन गलती करय से मां लक्ष्मी नाराज होइ सकत अहैं अउर मानुस कय जीवन मां परेशानी कय सामना करय पड़ सकत अहै। साथ ही आर्थिक संकट भी आइ सकत अहै।
सूखी तुलसी हटाय के बाद गमला मां गुरुवार या शुक्रवार के दिन तुलसी लगाइ लेईं। तुलसी लगावे से पहिले दिशा के नियम के बारे मां जरूर जान लइ लेईं।
किस दिशा मां लगावय तुलसी?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी लगावे खातिर उत्तर या पूर्व दिशा कय शुभ माना जात अहै, काहे से उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर अउर पूर्व दिशा से घर मां सकारात्मक ऊर्जा कय प्रवेश होत अहै। इहइसी खातिर इ दुनों दिशा मां तुलसी लगावे खातिर बहुत महत्व अहै। अइसन मानल जात अहै कि सही दिशा मां तुलसी लगावे से घर मां मां लक्ष्मी कय आगमन होत अहै अउर देवी कय कृपा से सकारात्मक ऊर्जा आवत अहै।
ध्यान राखा इ बातन कय
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां लक्ष्मी कय वास साफ-सफाई वाली जगह पर ही होत अहै। इहइसी खातिर तुलसी के आस-पास सफाई कय खास ध्यान राखा। तुलसी के पौधा मां रविवार अउर एकादशी के दिन जल नाहीं देय के चाही। इ गलती करय से मां लक्ष्मी नाराज होइ सकत अहैं।




