
राज्य विधान परिषद चुनाव मां क्रॉस-वोटिंग कै बाद, बीजेपी कै राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शुक्रुवार का कर्नाटक पार्टी प्रमुख बीवाई विजयेंद्र अउर पार्टी कै अउर नेतायन का दिल्ली तलब कीन्ह। पार्टी सूत्र बताइन कि नवीन चुनाव मां भई क्रॉस-वोटिंग पय बहुत नाराज अहैं अउर येदियुरप्पा अउर अउर नेतायन का 23 जून का हिंया भेंट करे का कहिन अहै।
कर्नाटक मां मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कै अगुवाई मां नई सरकार बनय कै बाद भई पहिली चुनावी लड़ाई मां, सत्ताधारी कांग्रेस बिहफ्फै (गुरुवार) का विधान परिषद कै सात सीट मां से पांच पय जीत हासिल करिन, जबकि विपक्षी दल भाजपा दुई सीट जीत पाय।
सूत्र बताइन कि नतीजा मां विपक्षी दल भाजपा अउर जद (एस) कै विधायकन कय क्रॉस-वोटिंग सामने आई, जवने से कांग्रेस का 151 वोट मिला, जवन उनके अनुमानित 140 वोट से 11 ज्यादा रहा। सूत्र के मुताबिक, सुरुवाती जानकारी से पता चलत अहै कि ई चुनाव मां भाजपा कै तीन अउर जद(एस) कै आठ विधायकन कथित तौर पय क्रॉस-वोटिंग कइ दिन अउर भाजपा कै एक विधायक कै वोट अमान्य घोषित भवा।
पार्टी कै वरिष्ठ नेता आर. अशोक भाजपा विधायकन द्वारा क्रॉस-वोटिंग करे कै बात कबूलत भये बिहफ्फै का कहिन कि जे लोग पार्टी कै साथ गद्दारी कीन्ह अहैं, उनकर पहचान कीन्ह जई अउर उनकर खिलाफ कारवाई पय फैसला लीन जई।
पार्टी कै प्रदेश इकाई कै अध्यक्ष विजयेंद्र कहिन, “के क्रॉस-वोटिंग कइ अउर काहे कइ? जानकारी मिलय कै बाद पार्टी फैसला करई।”
कर्नाटक मां डी के शिवकुमार कै मुख्यमंत्री बनय कै बाद पहिली चुनावी लड़ाई मां, सत्तारूढ़ कांग्रेस बिहफ्फै का विधान परिषद कै सात सीट मां से पांच पय जीत हासिल करिन, जबकि विपक्षी भाजपा दुई सीट जीत पाय।
सूत्र के मुताबिक, भाजपा अउर जनता दल (सेक्युलर) दुनों दल कै विधायकन कै ओर से ‘क्रॉस-वोटिंग’ कीन्ह गै, काहे से कांग्रेस उम्मीदवारन का उम्मीद से ज्यादा वोट मिल गे। कर्नाटक विधानसभा कै सदस्यन विधान सौध मां भये चुनाव मां मतदान कइन्ह। सात सीट कै चुनाव मां आठ उम्मीदवार मैदान मां रहे।
चुनाव लड़त उम्मीदवारन मां कांग्रेस कै थिप्पन्नप्पा कामकनूर, पी. वी. मोहन, बी. के. हरिप्रसाद (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष), शिवन्ना बी एस, अउर विनय कार्तिक प्रकाश तथा भाजपा कै लिंगराज पाटिल अउर रघु आर अउर जद (एस) कै गोविंदराजू शामिल अहैं। कांग्रेस कै पांचों उम्मीदवारन अउर भाजपा कै दुनों उम्मीदवारन जीत दर्ज कइन्ह जबकि जद(एस) कै गोविंदराजू का हार कै सामना करे का पड़ा।