
कर्नाटक कै गृह मंत्री प्रियांक खड़गे शनिवार कय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से पारदर्शिता की आपन मांग कय बचाव करिन। उ तर्क दिहिन कि राज्य कय ओसइ संगठन के बारे मां और जाने कय अधिकार अहै, जवने कै सार्वजनिक कार्यक्रम खातिर गृह विभाग से सुरक्षा की जरूरत होत अहै।
RSS पर आपन हालिया टिप्पणी कय लेके BJP कै आलोचना कै जवाब देत भये खड़गे पूछिन कि जब RSS सार्वजनिक रूप से मार्च करत अहै, तौ उहे सुरक्षा कौन देत अहै? … गृह विभाग उन्हें सुरक्षा देत अहै, है ना? तौ हम ई जाने चाहत अही कि हम कवन संगठन कय सुरक्षा देइत अही।
खड़गे कै ई बयान उस राजनीतिक विवाद के बीच आवा अहै जो RSS प्रमुख मोहन भागवत कय लिखे उनके एक पत्र से शुरू भवा रहा। ई पत्र मां उ संगठन कै कानूनी स्थिति, ढांचा अउर आर्थिक मामला कै बारे मां साफ जानकारी मांगिन रहा।
आपन बात कय आगे बढ़ावत, कर्नाटक कै मंत्री सवाल करिन कि का सरकार खातिर अइसन संगठन कै बारे मां जानकारी मांगब गलत अहै जो पूरे राज्य मां भारी संख्या मां लोगन कय इकट्ठा करत अहै? उ पूछिन कि अब RSS कै रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक मां बार-बार 20 लाख लोग इकट्ठा होत अहैं, तौ ई पता लगाब किसका काम अहै कि ई लोग कौन अहैं अउर कवन मकसद से इकट्ठा होत अहैं?
ई हफ्ता कै शुरुआत मां उ कहिन रहा कि जनता के बीच भारी मौजूदगी वाले संगठन से सवाल पूछब कवनो असंवैधानिक नाहीं अहै। उ पूछिन कि का पारदर्शिता कय मांग करब गलत अहै? का संगठन से संविधान कय दायरे मां रहके काम करय खातिर कहब गलत अहै?
उ भागवत कय पत्र लिखके RSS से आपन संगठनात्मक स्थिति, फंडिंग कै स्रोत, आय, खर्च अउर संपत्ति कै बारे मां जानकारी सार्वजनिक करय कय मांग करिन रहा, अउर ओकरे कुछ ही दिन बाद उनकी ई टिप्पणी आई अहै। पत्र मां खड़गे तर्क दिहिन कि सार्वजनिक जीवन मां अहम भूमिका निभावे वाले सब संगठन पर संवैधानिक जवाबदेही लागू होय का चाही।
कानूनी निगरानी कय आपन मांग कय बचाव करत, खड़गे देश भर मां RSS कै गतिविधि कै दायरा कय जिक्र करिन। RSS कै रिपोर्टन कै आंकड़ा कय हवाला देत, उ लगभग 4,120 शाखा अउर करीब 5,000 रूट मार्च कय ओर इशारा करिन। उ पूछिन कि जब अइसन कार्यक्रम खातिर लाखों लोगन कय इकट्ठा कीन जात अहै, तौ का इन आयोजनन कय तरीका मां पारदर्शिता नाहीं होय का चाही? साथ ही, उ ई बात पर जोर दिहिन कि हर संगठन कय कानून कय दायरे मां रहके काम करय का चाही।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़त रहें National News!