
इक्वाडोर कय अमेजन रेनफॉरेस्ट मा रिसर्च करत वैज्ञानिकन का रात कय सर्वे कय दौरान एक पत्ती कय नीचे चिपकल एक छोट सा मशरूम देखाई दीहा। पास से देखय पर कुछ बहुत अजीब चीज पता चला। ऊ एक मकड़ी रही जौन अपने आप का परजीवी फंगस (parasitic fungus) जइसन देखावय खतिन इतना नीक भेष बदल रही कि अनुभवी वैज्ञानिक भी धोखा खाय गय। नवा पहिचानल गय इ प्रजाति कय नाम टैक्जानोव्स्किया वास्का (Taczanowskia waska) अहै। इ अइसन पहिली मकड़ी अहै जौन मकड़ियन का संक्रमित करय वाले फंगस कय नकल करत अहै। इ खोज लाइबनिज इंस्टीट्यूट फॉर द एनालिसिस ऑफ बायोडायवर्सिटी चेंज (LIB) कय वैज्ञानिकन समेत रिसर्चरन कय एक इंटरनेशनल टीम करिन अहै अउर इका जूटैक्सा (Zootaxa) जर्नल मा पब्लिश कीन गा अहै।
इक्वाडोर कय अमेजन मा खोजी गई इ मकड़ी: इ मकड़ी इक्वाडोर कय अमेजन मा लंगनेट्स-संगाय कॉरिडोर (Llanganates-Sangay Corridor) मा खोजी गई रही। इ इलाका धरती पर सबसे ज्यादा बायोडायवर्सिटी (जैव विविधता) वाली जगहन मा एक मानल जात अहै। रात मा फील्ड मा रिसर्च करत वैज्ञानिकन का पहिले लाग कि ऊ पत्ती कय नीचे उगय वाला मशरूम देखत अहैं, बाकिर बाद मा ओनका पता चला कि ऊ एक जिंदा मकड़ी अहै। गलत पहचान ही इ बात कय सबसे बड़ा सबूत बनि गा कि इ प्रजाति बहुत असरदार भेष बदलै कय क्षमता विकसित कइ ले अहै।
एक मकड़ी जौन परजीवी फंगस जइसन दिखत अहै: ज्यादातर मकड़ियां पेड़ कय छाल, पत्तियन या फूलन मा घुल-मिल जात हैं बाकिर टैजानोव्स्किया वास्का कय विकास अइसन भवा अहै कि इ गिबेलुला (Gibellula) जीनस वाले फंगस कय फ्रूटिंग बॉडी (फंगस कय ऊ हिस्सा जौन बीजाणु बनावत अहै) जइसन दिखत अहै। इ फंगस इखतिन मशहूर अहैं काहे से इ मकड़ियन का संक्रमित कय ओका मारि कय ओकर ऊपर उगै लागथिन। इनमा बहुत ज्यादा समानता दिखत अहै। मकड़ी कय रंग हल्का होत अहै अउर ओकर पेट से लमी-लमी संरचनाएं निकरी होत हैं, जइसे इ लागथ अहै कि फंगस उग रहल अहै। मकड़ी कय व्यवहार भी इ भ्रम का अउर पक्का करत अहै। शिकार कय तलाश मा इधर-उधर घूमे कय बजाय ऊ पत्तियन कय नीचे एकदम शांत बैठी रहत अहै। ठीक उहे जगह पर जहं रेनफॉरेस्ट मा अक्सर गिबेलुला फंगस पावा जात हैं। रिसर्चर कय कहब अहै कि दिखावट अउर व्यवहार कय इ मेल मिमिक्री (नकल करय) कय एक बहुत ही खास तरीका कय ओर इशारा करत अहै, जौन मकड़ियन मा पहिले कभऊं नाहीं देखा गय रहा। इ भेष मकड़ी का शिकारिन से बचय मा मदद कर सकत अहै काहे से इ ओका अइसन चीज जइसन देखावत अहै जौन शिकारिन का नजर नाहीं अइहै। साथ ही, नजर मा न आवय से ऊ बेखबर शिकार पर ज्यादा असरदार तरीके से अचानक हमला कर सकत अहै।
विज्ञान खतिन नवा बात: अध्ययन मा टैक्जानोव्स्किया वास्का मकड़ी का अपने ही समूह का संक्रमित करय वाले परजीवी कवक कय नकल करय वाली पहिली दर्ज मकड़ी कय रूप मा बतावा गा अहै। इ खोज केवल एक नई प्रजाति कय वर्णन से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण अहै। इ वैज्ञानिकन का इ बात कय नवा प्रमाण भी देत अहै कि प्रकृति मा नकल कइसे विकसित होय सकत अहै अउर अइसन अनुकूलन विभिन्न पारिस्थितिक भूमिकाएं कइसे निभा सकत हैं। रिसर्चरन कय कहब अहै कि इ खोज मकड़ियन मा जीवित रहय कय रणनीतियन कय समझ का अउर विस्तार देत अहै अउर इ बारे मा नवा सवाल उठावत अहै कि वर्षावन कय अन्य प्रजातियन मा नकल कय समान रूप कइसे विकसित भये होइहें, जौन अभी तक अध्ययन नाहीं कीन गा अहै। इ मकड़ी टैक्जानोव्स्किया वंश से संबंधित अहै, जौन दुर्लभ अउर कम समझी जाय वाली प्रजाति मानल जात अहै। इ वंश कय सदस्य जंगल मा बहुत कम पावा जात हैं, जइसे ओनकर पारिस्थितिकी अउर व्यवहार कय बहुत हिस्सा अनजान अहै।
आम लोगन कय मदद से भई नवा खोज: इ खोज कभऊं कउनो लैब मा या कउनो नवा प्रजाति कय योजनाबद्ध खोज कय दौरान नाहीं शुरू भई रही। बाकिर, एकर शुरुआत iNaturalist नाम कय सिटिजन साइंस प्लेटफॉर्म पर अपलोड कीन गई एक जानकारी से भई। जौन देखय वालन का मशरूम लाग, ओका प्लेटफॉर्म पर यूजरन कय ध्यान खींचा। ई लोग पहचानिन कि ऊ अजीब चीज असल मा एक मकड़ी होय सकत अहै। ऊ ऑनलाइन ऑब्जर्वेशन साइंटिस्टन का अउर जांच करय खतिन प्रेरित करिन, जइसे आखिर मा एक अइसन स्पीशीज कय फॉर्मल पहचान भई जौन बारे मा पहिले कभऊं बतावा नाहीं गा रहा। रिसर्चरन कय कहब अहै कि इ केस देखात अहै कि कइसे आम लोग बायोडायवर्सिटी रिसर्च मा अहम रोल निभाय सकत हैं, खासकर दूर-दराज कय इलाकन मा जहं कई स्पीशीज कय बारे मा अभी तक कउनो डॉक्यूमेंट नाहीं अहै।
फंगस कय नकल करब इतना अनोखा काहे अहै?: प्रकृति मा नकल (मिमिक्री) आम बात अहै, बाकिर इ मामला इखतिन खास अहै काहे से मकड़ी कउनो पौधा, पत्ती या बेजान चीज कय नकल नाहीं करत अहै। इ एक अइसन पैरासिटिक फंगस कय नकल करत अहै जौन दूसरी मकड़ियन का संक्रमित करत अहै। इ फंगस गिबेलुला जीनस कय अहै। इ फंगस संक्रमण कय बाद मकड़ियन पर उगथ अहै अउर आखिर मा हल्के रंग कय, डंठल जइसन संरचनाएं बनावत अहै जौन होस्ट (जौन मकड़ी पर इ उगथ अहै) कय शरीर से बाहर निकरत हैं। फंगस कय इ संरचनाएं अक्सर नमी वाले रेनफॉरेस्ट (वर्षावनों) मा पत्तियन कय नीचे कय तरफ जुड़ी हुई पावा जात हैं।



