
यमन मा हूतियन अउर सरकारी फौज के बीच पहाड़न पर कब्जा करइ का लैकै भयंकर लड़ाई चलि रही अहै।
यमन मा चलइ वाली लड़ाई अब एक खास मोड़ पर आइ पहुंची अहै। सुमार के दिन हूती लड़ाकन हुवाँ क मुख्य पहाड़िन अउर ऊँच जगहन पर कब्जा करइ क पूर जोर लगाइन। ई लड़ाके सऊदी अरब के सहारा वाली सेना का लाल सागर के तट से एकदम अलग-थलग करइ क जुगत मा हंय। यही बीच मा एक अचंभित करइ वाली खबरिउ सामने आई अहै। एक ठु रिपोर्ट मा दावा कीन गवा है कि अमेरिका के पुरान राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अपने टेम मा हूतियन पर होइ वाले अमेरिकी हवाई हमलन का ऐन मौका पर रोक दिहे रहें। ईरान के सह पाइकै ई गुट यहि महीना जइसे तेजी से आगे बढ़ा है, ओसे मध्य पूर्व क जंग एक नये अउर खतरनाक स्तर पर पहुंच गइ अहै। एकर असर अब खाली यमन तक नाहीं रहि गवा है, बल्कि पूरी दुनिया मा ईंधन क संकट मँडराय लाग है।
पहाड़न मा भारी मार-काट
साल 2014 से यमन क राजधानी पर कब्जा जमाये हूतियन यहि महीना तेजी से बढ़त भये लाल सागर के तट क एक बड़हन हिस्सा हथिया लिहे हंय। यहि दौरान ओन्हैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानल जाय वाली अउर सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सरकार के फौज का दक्खिन कइँती खदेड़ दिहन। हूतियन क कहब है कि सऊदी अरब पिछलें कुछु दिनन मा पहाड़ी इलाकन मा उनके ठिकानन पर सैकड़न हवाई हमले कीस है। लकिन इन हमलन क हूतियन क बढ़त रोकइ मा अबहीं तक कौनों खास असर नाहीं पड़ा है, काहे से जमीन पर सऊदी के फौज कमजोर पड़ि क पाछें हटि गइ अहै। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, लड़ाई तेज होइ के बाद से अब तक करीब 700 मनई मार गा हैं अउर हजारन लोग घायल भये हंय। 1,20,000 से ज्यादा यमनी लोगन का आपन घर-दुआर छोड़ि कै देस के भीतरै भटकइ का मजबूर होइ परा है, जबकि हजारन लोग नाव के सहारे लाल सागर पार कइकै अफ्रीका भागि गये हंय।
लाल सागर तट पर कब्जा करइ क चाल
रॉयटर्स के खबरि के हिसाब से, हूती अब ताइज अउर लाहिज प्रान्तन मा ‘कहबूब’ पहाड़ पर कब्जा करइ के फेर मा हंय। ई इलाका लाल सागर के तट का सरकारी कब्जा वाले दक्खिनी हिस्सा से अलग करत है। आजकल असली लड़ाई ताइज प्रान्त के दूर-दराज पहाड़ी इलाका अल-वाजिया के बाहरी हिस्सन मा अउर हिंद महासागर के किनारे ‘रस अल-आरा’ मा होइ रही अहै। ई इलाका लाल सागर के मुहाना अउर अदन मा सरकारी फौजी अड्डा के बीचै मा है। जानकार बतावत हंय कि ऊँच पहाड़न पर कब्जा कइकै हूती लड़ाके लाल सागर कइँती जाय वाले ‘बाब अल-मंदाब’ रस्ता के पास अपने पुरान मोरचन का सुरक्षित करइ चाहत हंय, ताकि ऊ जंग क नया मोर्चा खोल सकें। एसे ओन्हैं लाल सागर के किनारे ‘धुबाब’ अउर ‘पेरिम दीप’ के आसपास बढ़त भये अपने नये ठिकानन क रखवारी करइ मा मदद मिली।
रियाद पर हमला, फिर भी सऊदी चुप
वॉशिंगटन अबहीं तक सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान क यमन जंग मा सीधे तौर पर शामिल होइ क विनती का बार-बार ठुकराय दिहे है। यही बीच, हूतियन सनीचर का दावा कीन कि ऊ सऊदी अरब क राजधानी रियाद पर हमला करे हंय। हुवाँ बड़हन धमाकन के बाद हवाई अड्डा के पास धुंआ उठत देखा गवा रहा। हालांकि, माहौल गरम होइ के बावजूद राजधानी पर भये इन सुरुवाती हमलन पर सऊदी अरब कौनों सरकारी बयान नाहीं दिहे अहै।
का ट्रंप आखिरी टेम मा टाल दिहे रहें हवाई हमला?
न्यूयॉर्क टाइम्स क एक रिपोर्ट कहत है कि सऊदी क्राउन प्रिंस क नई गोहार के बाद ट्रंप सरकार हूतियन के खिलाफ हवाई हमला करइ क पूर तैयारी कइ लिहे रही। जब लड़ाकू जहाजन मा बम लादे जात रहें, तबहीं ट्रंप आखिरी घड़ी मा ई हमला रोक दिहे रहें। रॉयटर्स एजेंसी कहत है कि ई बात क पक्का परमान नाहीं मिल सका है। ओही कइँती अमेरिकी सेना क सेंट्रल कमांड भी यहि बारे मा ईमेल क कौनों जवाब नाहीं दिहे अहै।




