मुम्बई, आठ अक्टूबर वर्ष 1999 मां कारगिल युद्ध कै दौरान दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अपने अभिनय करियर कै कुछ समय बरे विराम दइ कै युद्ध कै मोर्चे पर भारतीय सेना कै साथ जाब कै अनुमति मांगिन। अभिनेता वर्षों बाद ‘कौन बनेगा करोड़पति’ मां अपनी जिंदगी कै एह अध्याय कै याद कीन रहा। 76 वर्षीय पाटेकर कै बृहस्पतिवार को गोवा मां दिल का दौरा पड़ै से निधन होइ गवा। पाटेकर 1991 मां आई फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ कै खातिर सशस्त्र बलों कै साथ कठोर प्रशिक्षण लिहिन रहा। फिल्म मां उ मेजर वी एस चव्हाण की भूमिका निभाए रहा। उ एह फिल्म कै खातिर मराठा लाइट इन्फैंट्री कै साथ तीन साल तक प्रशिक्षण लिहिन रहा। उ फिल्म कै पटकथा लिखै कै साथ एकर निर्देशन भी कीन रहा।
कारगिल संघर्ष शुरू होए कै बाद पाटेकर सेना कै वरिष्ठ अधिकारियों से सैनिकों कै साथ मोर्चे पर जाब कै अनुरोध कीन, पर उनके बताई गवा कि अइसे अनुमति केवल रक्षा मंत्री दइ सकत हैं। पाटेकर अगस्त 2024 मां ‘कौन बनेगा करोड़पति’ मां अमिताभ बच्चन से बातचीत कै दौरान कहिन रहा कि उ तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस कै जानत रहा, एहसे उनके फोन कीन। पाटेकर कै अनुसार फर्नांडिस भी कहिन कि अइसन संभव नाहीं अहै।
पाटेकर बताई रहे, ‘‘हम उनसे कहिन, ‘कमीशन तो छह महीना मां होत अहै, हम तो तीन साल बिताए हैं।’ उ पूछिन कि कहां, तो हम उनके मराठा लाइट इन्फैंट्री कै साथ अपने अनुभव कै बारे मां बताई। फेर उ पूछिन, ‘कब जाए चाहत हो?’ हम कहिन, ‘आज।’’’ बाद मां पाटेकर कै अनुमति मिल गई और उ अगस्त 1999 मां कारगिल युद्ध क्षेत्र मां पहुंचिन, जहां उ नियंत्रण रेखा कै नजदीक सेना कै जवानों कै साथ समय बिताइन।
पाटेकर बताई रहे कि उ संघर्ष कै दौरान करीब 60 दिन सैनिकों कै साथ बिताइन और द्रास, लेह, कुपवाड़ा, बारामूला अउर सोपोर समेत कई स्थानन कै यात्रा कीन। उ याद कीन रहा, ‘‘जब हम श्रीनगर पहुंचिन रहा, तब हमार वजन 76 किलोग्राम रहा। जब वापस आवा तो 56 किलोग्राम बची रहा।’’
उ बताई रहे कि उ बाद मां एक त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) कै हिस्सा बनिन और फेर श्रीनगर कै एक सैन्य अस्पताल मां भी मदद कीन। पाटेकर कहिन रहा, ‘‘वहां शहीद सैनिकों कै शव लाए जात रहा। एह बहुत पीड़ादायक रहा, काहेकि कई शव बहुत खराब हालत मां रहा। उनके पार्थिव शरीर कै सावधानी से अंतिम रूप दी जात रहा, तनिक उनके घर भेजा जा सके। हम वहां छह दिन काम कीन।’’
उ अस्पताल की एक घटना कै याद करत कहिन कि एक दिन उ वार्ड मां घूम रहै रहा, तभी पीछे से कउनो आवाज लगइन, ‘‘अरे नाना।’’ उ कहिन रहा कि उ उस आदमी कै जानत रहा और उ एक लंबी चादर मां लिपटा रहा। पाटेकर उसे छुइन तो उनका शरीर तप रहा रहा। उ बताई कि उसे चार दिन से बुखार रहा और उ वापस युद्ध कै मैदान मां जाए चाहत रहा, पर जा नाहीं पावत रहा। एकर बाद उ बताई कि उसके दोनों गोड़ कट चुका रहा।
पाटेकर कै खातिर एह कउनो वीरता कै प्रदर्शन नाहीं, बल्कि देश की सेवा रहा। उ कहिन रहा, ‘‘हम एह बात सभी अभिनेताओं से कहत हैं। जीवन मां आपके हिस्से की खुशियां और दुख अहैं। उसी जगह से अभिनय करत रहिया। जब तक खुशी और दुख कै देखै की आपकी नजरिया नाहीं बदली, आप लंबे समय तक खुद कै कायम नाहीं रख पाईब।’’
उ कहिन रहा, ‘‘बाहर जाइब अउर अपने आसपास देखब; हर तरह कै दुख और खुशियां अहैं। पर खुशी अउर दुख कै देखै कै आपका नजरिया बदले चाही।’’
