कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 8 अक्टूबर कै घोषणा करिन कि INDIA गठबंधन कै सांसद, वोटर लिस्ट कै ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (मतदाता सूची कै विशेष गहन संशोधन) मां कथित गड़बड़ी कै लेके दिल्ली मां गांधी स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करिहें। विपक्षी सांसदों कै विरोध-प्रदर्शन कै यह लगातार तीसरा दिन अहै; इहय से पहिले 6 अक्टूबर को निर्वाचन सदन तक मार्च अउर 7 अक्टूबर को जंतर-मंतर कै पास प्रदर्शन कीन गवा रहा। सांसद बस मां सवार होइके राजघाट कै ओर रवाना भइहें।
खड़गे कहिन कि हम INDIA गठबंधन कै सदस्य शांतिपूर्ण धरने कै ताईं गांधी मेमोरियल जात अहैं। हम वहाँ बैठीकै प्रार्थना करिहें कि BJP सरकार, खासकर प्रधानमंत्री मोदी अउर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इ समझ आवै कि उनके काम देश कै हित मां नाहीं अहैं। चाहे बोट चोरी कै मुद्धा होइ, बढ़ती महँगाई होइ, युवाओं कै समस्या होइ या उनके पैदा कीन गे कोनो अउर संकट होइ, सब कुछ जनहित के खिलाफ अहै।
उन्हुई आगे कहिन कि इहय ताईं हम प्रार्थना करै गांधी मेमोरियल जात अहैं; हम इ बताना चाहत अहैं कि वे उ आज़ादी छीन रहल अहैं जो हमार मिला रहा—उ आज़ादी जो पंडित जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी अउर वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेताओं हमार दिल्हा रहा—अउर वे इसे खतम करै कै हर कोशिश कर रहल अहैं। वे हमार से बोट देवे कै अधिकार छीन रहल अहैं। हम वहाँ इ प्रार्थना करै जात अहैं कि उन्हें इ समझ आवै कि वे हमार से उ अधिकार अउर आज़ादी न छीनें—जउनमां बोट देवे कै अधिकार भी शामिल अहै—जो इन महान नेताओं हमार दिलाए रहे। हम वहाँ बैठीकै बिरोध प्रदर्शन करिहें।
लोकसभा मां विपक्ष कै नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अउर RSS प्रमुख मोहन भागवत पर एक आपराधिक साज़िश मां शामिल होइ कै आरोप लगाइन अउर कहिन कि उन्हें सज़ा दिलाई जाई। उन्हुई कहिन कि करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करै चाहत अहैं। हमार पिछला दुइ दिन से विरोध प्रदर्शन करै नाहीं दीन्ह जाइ रहल अहै। पहिले दिन, वे हमार चुनाव आयोग कै सामने रोकिन; अगला दिन हमार जंतर-मंतर कै पास रोका गवा। हमार लोगों के साथ मारपीट कीन गई। असलियत इ अहै कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार अउर मोहन भागवत एक आपराधिक साज़िश कै ज़रिए भारत पर कब्ज़ा कर लिहिन अहै, संविधान को बर्बाद कर दिहिन अहै अउर ‘बोट चोरी’ कीन अहै। कार्रवाई होई, उन्हें सज़ा दिलाई जाई; इ हमार गारंटी अहै।
