
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार कै कांग्रेस पर सत्ता पावै बरे ‘अराजकता फैलावै’ अउर संवैधानिक संस्थावन कै साख गिरावै कै आरोप लगइन। केंद्रीय मंत्री कहिन कि कांग्रेस गुंडन कै एक समूह अहै जो सड़कन पर अराजकता फैलावै अउर सिस्टम कै विरोध करै कै कोसिस करत अहै। केंद्रीय मंत्री कहिन कि अब इ बिदेसी ताकतन कै हाथन कै कठपुतली बन गवा अहै। सत्ता कै बरे वे कबहू बम बनावै वालन, कबहू कॉकरोच, कबहू जॉर्ज सोरोस जैसी देस-बिरोधी ताकतन अउर कबहू एनजीओ (NGO) कै सहारा लेइत अहैं।
सिंह कहिन कि कई बरिसन से कांग्रेस पार्टी लगातार संवैधानिक संस्थावन पर हमला करत अहै। इ उस स्थिति मां पहुँच गवा अहै जहाँ चुनाव हारै बरे संवैधानिक संस्थावन कै दोष दैब एक पैटर्न बन गवा अहै। लगातार चुनाव हारब अउर उसके बाद बिरोध परदसन करब अउर मुद्दा कै सड़कन पर लेइ जाब कांग्रेस कै नियति बन गवा अहै। इसका कारन चुनाव आयोग नाहीं, बल्कि कांग्रेस कै दिसाहीन नेतृत्व अहै। उत्तर प्रदेश मां लगातार आपसी कलह चल रही अहै; पंजाब मां परदेस अध्यक्ष कै बदलै परा; कई जगहन पर नेतृत्व कै बीच अंदरूनी झगड़ा चल रहा अहै। इ कांग्रेस कै नेतृत्व अहै। अउसन नेतृत्व जो देस अउर उसके लोगन कै नाहीं जानत।
चौहान कहिन कि कांग्रेस ओडिशा मां 26 साल, नागालैंड मां 23 साल, गोवा मां 15 साल अउर दिल्ली मां 13 साल से सत्ता से बाहेर अहै, अउर तीन-चार राज்யन कै छोड़िक बाकी राज्यान् मां इ एक जूनियर पार्टनर बनिके रहि गवा अहै। वे आगे कहिन तमिलनाडु मां इ AIADMK पर निर्भर अहै; बिहार मां RJD पर; उत्तर प्रदेश मां कबहू SP तो कबहू BSP पर; झारखंड मां JMM पर; अउर जम्मू-कश्मीर मां नेशनल कॉन्फ्रेंस पर। कांग्रेस एक जूनियर पार्टनर अउर एक छोट खिलाड़ी बनिके रहि गवा अहै।
इहै से पहिले, लोकसभा मां बिपक्ष कै नेता राहुल गांधी ने BJP पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कै बचावै कै आरोप लगइन। वे बिरोध परदसनन कै दौरान दिल्ली मां लगाई गई सुरक्षा पाबन्दियन पर सवाल उठाइन अउर आरोप लगइन कि पुलिसकरमियन कै युवा परदसनकारियन कै खिलाफ कारबाई करै कै निर्देस दीहा जा रहा अहै। वे इहो दावा करिन कि सरकार कै भीतर मौजूद अधिकारी बिपक्ष कै साथ जानकारी साझा करत अहैं।
